जल संचय- जन भागीदारी से जनजागरूकता की ओर विषयों को लेकर आयोजित किया गया कार्यशाला,
जल संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता: सांसद श्री चिंतामणि
केंद्रीय भू-जल बोर्ड रायपुर से पहुंचे भू-गर्भ वैज्ञानिकों द्वारा जल संचय व प्रबंधन को लेकर जिले से आये सरपंच, उपसरपंच, जनप्रतिनिधियों का दी गई विस्तृत जानकारी
नदीम खान सूरजपुर
सूरजपुर/25 फरवरी 2026/ जल संचय जन भागीदारी अभियान को लेकर डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ऑडिटोरियम तिलसिवां सूरजपुर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप मे सरगुजा सांसद श्री चिंतामणि महराज ने अपनी उपस्थिति दर्ज की। जहां उन्होने वैज्ञानिक खेती और जल संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि पहले लोग नदी, नालों, तालाब, कुओं जैसे जल स्रोतों का पानी का उपयोग पीने एवं दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए करते थे, परंतु अधिकांश जलस्रोतों के सूखने या कम होने से भूजल का उपयोग होने लगा। इससे बोरिंग का प्रचलन बढ़ गया किंतु अधिकाधिक उपयोग से अब भूजल स्तर निरंतर गिर रहा है। ऐसे में जल संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि हम सभी को न केवल जल का बेहतर एवं सीमित उपयोग करना होगा बल्कि निरंतर उसका संरक्षण भी करना होगा। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा जल संरक्षण, मृदा संरक्षण, मृदा परीक्षण तथा सिंचाई प्रबंधन से जुड़ी अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। सभी सरपंचों को योजनाओं की जानकारी होना आवश्यक है ताकि वे ग्रामवासियों तक इनका लाभ पहुंचा सकें।
उन्होंने आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने पर बल देते हुए कहा कि जल उपलब्धता के अनुसार फसल चयन करना चाहिए। वैज्ञानिक विधियों से खेती कर हम आने वाली पीढ़ी को बेहतर भविष्य दे सकते हैं। अच्छी शिक्षा और वैज्ञानिक सोच से ही कृषि क्षेत्र में समृद्धि लाई जा सकती है। इस कार्यक्रम में “विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन” की भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में केंद्रीय भू-जल बोर्ड रायपुर से भू-गर्भ वैज्ञानिक श्री बी अभिषेक व श्री साईं प्रसन्ना पहुचे थे। जिन्होने जिले से उपस्थित सरपंच, उपसरपंच व अन्य जनप्रतिनिधियों के समक्ष जल संचय को लेकर जागरूकता का प्रचार प्रसार किया। उन्होने “डेटा आधारित जलभृत प्रबंधन योजना अंतर्गत जल प्रबंधन से लाभकारी खेती” विषय पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अनियमित वर्षा, गिरता भूजल स्तर और बढ़ती सिंचाई मांग के कारण पारंपरिक जल प्रबंधन पद्धतियां अब पर्याप्त नहीं रह गई हैं। ऐसे में डाटा ड्रिवन वाटर प्लानिंग सतत कृषि के लिए प्रभावी समाधान है। उन्होंने चेक डैम, परकोलेशन टैंक, फार्म पॉन्ड, माइक्रो इरिगेशन (ड्रिप एवं स्प्रिंकलर), फसल विविधीकरण तथा रिचार्ज संरचनाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही वैज्ञानिको द्वारा भूमिगत जल दोहन के संबध मे जानकारी देते हुए बताया कि भविष्य को दृष्टिगत रखते हुए जल संरक्षण क्यों आवश्यक है। उन्होने उपस्थितजनों को वर्षा जल संचय के तरीको के संबंध मे विस्तार पूर्वक जानकरी दी गई और जिले से आए हुए जनप्रतिनिधियों के सवाल व समस्याओं का वैज्ञानिक पद्धति से निदान बताया गया। इसके साथ ही उन्होने जल वृत प्रबंधंन एवं वाटर बजटिंग को लेकर विस्तृत चर्चा की।
कलेक्टर एस जयवर्धन ने कहा कि समाज के निचले स्तर तक जल संरक्षण एवं जल संचयन के उपायों की जानकारी होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने जल खपत कम करने और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सभी को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में संचालित योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग आवश्यक है। सरपंचों के सहयोग से आंगनबाड़ी, स्कूल, स्वास्थ्य विभाग आदि की सेवाओं और बेहतर किया जा सकता है। बेहतर सेवा वितरण के लिए आपसी समन्वय बेहद जरूरी है।
इसके अलावा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर ने कानून व्यवस्था, साइबर अपराध एवं सड़क सुरक्षा पर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। लोग लालच या झांसे में आकर अपनी गोपनीय जानकारी साझा कर देते हैं। जिससे उनके बैंक खातों से राशि निकाली जा रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे ग्रामीणों को इस प्रकार की ठगी से बचने के लिए जागरूक करें। उन्होंने नशामुक्ति अभियान, अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई में सहयोग तथा हेलमेट पहनने के महत्व पर भी जोर दिया। किसी भी अपराध की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 9575770004 पर देने की अपील की गई, जहां शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाता है।
कार्यक्रम के अंत में वीबी राम जी के महत्वपूर्ण बिंदुओ के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़” बनाने के लिए सभी उपस्थितजनों को शपथ दिलाई गई। इसके अलावा कार्यक्रम में सभी उपस्थितजनों को कृषि, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य, वन, विद्युत, महिला एवं बाल विकास, उद्यान, आदिवासी विकास तथा मनरेगा के अधिकारियों द्वारा योजनाओं की जानकारी विस्तार से दी गई।
कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती रेखा राजवाड़े, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती स्वाति संत सिंह, जिला पंचायत सदस्यगण, जिला अध्यक्ष सरपंचगण अध्यक्ष, सरपंचगण, उपसरपंचगण, श्री शशिकांत गर्ग, श्री संदीप अग्रवाल, श्री अजय अग्रवाल, जनप्रतिनिधिगण, जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र सिंह पाटले, जिला स्तरीय अधिकारी इत्यादि उपस्थित थे।
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