चिरमिरी नगर पालिक निगम में सत्ता पक्ष के पार्षदों की अनसुनी, तो आम जनता कहाँ जाए? गौरव पथ के नाम पर केवल डामरीकरण न्यायसंगत नहीं- राहुल भाई पटेल,
चिरमिरी। नगरपालिक निगम चिरमिरी में सत्ता पक्ष के पार्षदों की स्थिति देखकर आम जनता अपनी और शहर की स्थिति का अंदाजा स्वयं लगा सकती है। वार्ड क्रमांक 39 के भाजपा पार्षद (प्रतिनिधि) फेसबुक पर लिखते हैं कि उन्हें सफाई कर्मचारी नहीं मिल रहे हैं। यहाँ तक कि वार्डवासियों से अपील करनी पड़ रही है कि सफाई संबंधी कार्यों के लिए उन्हें न कहें और सीधे 1100 में शिकायत करें, क्योंकि निगम से सफाई कर्मचारी मिलना बंद हो गया है।
वहीं वार्ड क्रमांक 6 के भाजपा पार्षद सोशल मीडिया पर मंत्री एवं महापौर को टैग करते हुए लिखते हैं कि “हर जगह गया, पर मेरी सुनने वाला कोई नहीं”। मामला राशन दुकान संचालन से जुड़ा है।
विडंबना यह है कि राशन दुकान संचालित करने वाली भी स्वयं भाजपा की पार्षद एवं एमआईसी सदस्य हैं और उसका वीडियो भी उनकी स्वयं की आईडी से साझा किया गया है।

उपरोक्त बाते कांग्रेस पार्षद राहुल भाई पटेल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही । श्री पटेल ने आगे कहा कि जब सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों को ही अपनी बात रखने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेना पड़े, तब आम जनता की समस्याओं और बेबसी का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। चिरमिरी की जनता आज पूछ रही है कि अगर इन जनप्रतिनिधियों की सुनवाई नहीं हो रही, तो आम नागरिक आखिर जाए तो कहाँ जाए?
इसके साथ ही राहुल भाई पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के द्वितीय चरण अंतर्गत वार्ड क्रमांक 29 जनपद स्कूल बड़ा बाजार से वार्ड क्रमांक 34 गोदरीपारा गुरुद्वारा चौक तक गौरव पथ निर्माण कार्य हेतु 290.99 लाख रुपए की स्वीकृति निश्चित रूप से स्वागतयोग्य है, परंतु केवल बीटी सड़क नवीनीकरण तक कार्य सीमित रखना “गौरव पथ” की मूल अवधारणा के अनुरूप प्रतीत नहीं होता। गौरव पथ केवल सड़क मरम्मत का कार्य नहीं, बल्कि शहर की आधुनिक एवं सुव्यवस्थित पहचान का प्रतीक होना चाहिए।
ऐसे महत्वपूर्ण मार्ग में कम से कम सड़क चौड़ीकरण, दोनों ओर पाथवे निर्माण, नाली व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, सौंदर्यीकरण एवं यातायात सुरक्षा संबंधी कार्य शामिल किए जाने चाहिए ताकि आम नागरिकों, पैदल यात्रियों एवं व्यापारियों को वास्तविक सुविधा मिल सके।
श्री पटेल ने आगे कहा किक्षेत्र की बढ़ती आबादी और यातायात दबाव को देखते हुए केवल डामरीकरण भविष्य की आवश्यकता को पूरा नहीं करेगा। यदि अभी सड़क चौड़ीकरण एवं पाथवे निर्माण नहीं किया गया, तो आने वाले समय में पुनः खुदाई और अतिरिक्त खर्च की स्थिति निर्मित होगी।
अतः शासन एवं संबंधित विभाग से मांग है कि गौरव पथ निर्माण कार्य में संशोधन कर सड़क चौड़ीकरण एवं पाथवे निर्माण को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए ताकि यह मार्ग वास्तव में शहर के गौरव के अनुरूप विकसित हो सके।

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