किलकिलेश्वर धाम के कायाकल्प की तैयारी: कलेक्टर रोहित व्यास ने किया औचक निरीक्षण, विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

Rishi thawait aajkadin

किलकिलेश्वर धाम के कायाकल्प की तैयारी: कलेक्टर रोहित व्यास ने किया औचक निरीक्षण, विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

जशपुरनगर | 04 जनवरी 2026 जशपुर जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल किलकिलेश्वर धाम (किलकिला) में जल्द ही विकास कार्यों को नई रफ्तार मिलने वाली है। श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज मंदिर परिसर का औचक निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

सुख-समृद्धि की कामना और पूजा-अर्चना

निरीक्षण की शुरुआत में कलेक्टर ने भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और जिले की शांति, समृद्धि एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर के महंत बाबा कपिल दास से आशीर्वाद भी प्राप्त किया।

विकास कार्यों की समीक्षा और कड़े निर्देश

कलेक्टर ने मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री अशोक अग्रवाल एवं सदस्यों के साथ बैठकर बुनियादी ढांचे और सौंदर्यीकरण पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने निम्नलिखित मुख्य निर्देश दिए:

त्वरित टेंडर प्रक्रिया: मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत प्रस्तावित बाउंड्रीवाल, स्वागत गेट और सौंदर्यीकरण कार्यों की तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति जल्द पूरी कर टेंडर जारी करने को कहा।

सामुदायिक शौचालय: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कलेक्टर ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत परिसर में 2 नए सामुदायिक शौचालय तत्काल स्वीकृत करने के निर्देश जनपद सीईओ को दिए।

तालाब घाट निर्माण: परिसर स्थित तालाब में घाट निर्माण के प्रस्ताव की समीक्षा की और समय-सीमा के भीतर प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए।

स्वच्छता और सुव्यवस्थित परिसर पर जोर

भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने साफ-सफाई का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मंदिर परिसर को न केवल विकसित किया जाए, बल्कि इसे स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए एक ठोस कार्ययोजना पर अमल किया जाए।

"किलकिलेश्वर धाम एक प्राचीन और आस्था का केंद्र है। हमारा लक्ष्य है कि यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और मंदिर की गरिमा के अनुरूप इसका सौंदर्यीकरण हो।" – श्री रोहित व्यास, कलेक्टर

इस अवसर पर एसडीएम, जनपद सीईओ, मंदिर समिति के प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि किलकिला स्थित यह शिव मंदिर अपनी प्राचीनता के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ साल भर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुँचते हैं।