छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: UCC पर समिति बनेगी, महिलाओं को जमीन रजिस्ट्रेशन में 50% छूट

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: UCC पर समिति बनेगी, महिलाओं को जमीन रजिस्ट्रेशन में 50% छूट

सैनिकों को संपत्ति खरीद में राहत, रेत खदान और खनन नियमों में बड़े बदलाव, 10,536 करोड़ पेंशन विवाद सुलझा

रायपुर, 15 अप्रैल 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इन फैसलों का सीधा असर राज्य की कानून व्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, उद्योग, खनन और सामाजिक योजनाओं पर पड़ेगा।

सबसे बड़ा फैसला राज्य में Uniform Civil Code (UCC) लागू करने की दिशा में लिया गया। इसके लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई जाएगी, जो विभिन्न वर्गों से सुझाव लेकर प्रारूप तैयार करेगी।

महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए महिलाओं के नाम पर जमीन रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50% छूट देने का फैसला किया है। इससे राज्य को करीब 153 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होगा, लेकिन सरकार ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

सैनिकों और पूर्व सैनिकों के लिए भी राहत दी गई है। अब वे अपने जीवन में एक बार 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में 25% छूट का लाभ ले सकेंगे।

औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन किया गया है। इससे PPP मॉडल को बढ़ावा मिलेगा, लैंड बैंक व्यवस्था मजबूत होगी और निवेशकों के लिए Ease of Doing Business आसान होगा।

रेत संकट को खत्म करने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए रेत खदानों को सरकारी उपक्रमों को आरक्षित करने का प्रावधान किया है, जिससे सप्लाई बेहतर होगी और एकाधिकार खत्म होगा।

खनन क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए गौण खनिज नियमों में सख्ती की गई है। अवैध खनन पर अब 25 हजार से लेकर 5 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। लंबे समय से बंद खदानों पर भी कड़े नियम लागू होंगे।

ग्रामीण और पशुपालकों के लिए भी फैसले लिए गए हैं। दुधारू पशु योजना में अब सभी वर्गों को लाभ मिलेगा, वहीं पशुओं के टीकाकरण के लिए सरकार ने NDDB की सहयोगी कंपनी से सीधे वैक्सीन खरीदने का निर्णय लिया है, ताकि समय पर टीकाकरण सुनिश्चित हो सके।

एक बड़े वित्तीय फैसले के तहत मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच 10,536 करोड़ रुपये के पेंशन भुगतान विवाद को सुलझा लिया गया है। इसमें से 2,000 करोड़ रुपये पहले ही मिल चुके हैं, जबकि बाकी राशि 6 साल में किश्तों में दी जाएगी।

बैठक में आगामी खरीफ सीजन के लिए उर्वरक और राज्य में LPG गैस की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई।