फायर अलर्ट सिस्टम बना कवर्धा के जंगलों का सुरक्षा कवच, 25 हजार हेक्टेयर वन क्षेत्र की हो रही निगरानी,,,
लेखक — धनंजय राठौर (संयुक्त संचालक) एवं अशोक कुमार चंद्रवंशी (सहायक जनसंपर्क अधिकारी)
कवर्धा। छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के कवर्धा परियोजना मंडल में आधुनिक तकनीक के जरिए वन संरक्षण को नई मजबूती मिली है। अत्याधुनिक ‘फायर अलर्ट सिस्टम’ के माध्यम से 25 हजार 436 हेक्टेयर वन क्षेत्र की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है, जिससे जंगलों में आग लगने की घटनाओं पर समय रहते नियंत्रण पाया जा रहा है।
वन विभाग द्वारा एफएमआईएस (फॉरेस्ट मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) को सक्रिय कर सभी 25 बीटों के मैदानी अमले को डिजिटल प्रणाली से जोड़ा गया है। जैसे ही सैटेलाइट या अन्य माध्यम से आग की सूचना मिलती है, संबंधित कर्मचारियों के मोबाइल पर तुरंत अलर्ट पहुंच जाता है और टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुट जाती है।
वन क्षेत्रों में फायर लाइन की सफाई, अग्नि सुरक्षा श्रमिकों की तैनाती और आधुनिक फायर ब्लोअर जैसी सुविधाओं से आग पर तेजी से काबू पाने में मदद मिल रही है। इसके साथ ही सोशल मीडिया ग्रुप और ग्रामीणों की भागीदारी से वन सुरक्षा को जनसहभागिता का मजबूत आधार मिला है।
वन विभाग के अनुसार मार्च 2026 तक केवल 23 अग्नि प्रकरण सामने आए, जिन पर रिकॉर्ड समय में नियंत्रण पा लिया गया। इस तकनीक आधारित व्यवस्था से वन संपदा, जड़ी-बूटियों और वन्य जीवों को बड़े नुकसान से बचाने में सफलता मिली है।
लेखक — धनंजय राठौर (संयुक्त संचालक) एवं अशोक कुमार चंद्रवंशी (सहायक जनसंपर्क अधिकारी)
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