रायपुर। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने प्रदेश के पांच नए मेडिकल कॉलेजों की मान्यता को लेकर कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को निराधार बताते हुए कहा है कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की ओर से बताई गई कमियां केवल प्रक्रियागत हैं और उन्हें दूर करने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए मेडिकल कॉलेजों की मान्यता पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई गई है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि एनएमसी द्वारा दिसंबर माह में किए गए निरीक्षण के दौरान भवन, उपकरण और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं से संबंधित कुछ कमियां चिन्हित की गई थीं। राज्य सरकार को इन कमियों की जानकारी पहले से थी और अधिकांश कमियों को दूर भी कर लिया गया है। एनएमसी और राज्य सरकार के बीच होने वाला पत्राचार मान्यता प्रक्रिया का नियमित हिस्सा है, जिसे कांग्रेस अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि बुधवार को प्राप्त एनएमसी के पत्र में केवल कमियों का उल्लेख कर उन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। कहीं भी मान्यता पर रोक लगाने जैसी बात नहीं कही गई है। ऐसे में कांग्रेस द्वारा छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी नीट परीक्षा की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई है, ऐसे में मान्यता रुकने के दावे तथ्यहीन हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विकास कार्यों पर सकारात्मक सहयोग देने के बजाय भ्रम और अफवाह फैलाने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है तथा पांचों नए मेडिकल कॉलेज जल्द ही प्रदेश के विद्यार्थियों और आम जनता के लिए लाभकारी साबित होंगे।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस के भ्रामक दावों और भाजपा सरकार के विकास कार्यों के बीच का अंतर भलीभांति समझती है।




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