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15 Jun 2026
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नक्सलवाद के अंत के बाद बस्तर के स्वर्णिम भविष्य की शुरुआत: CM विष्णु देव साय बोले- देश का सबसे सुंदर और विकसित आदिवासी संभाग बनेगा बस्तर,जशपुर को पहली बार मिलेगी रेल की सौगात: धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना को मिली विशेष परियोजना का दर्जा,जांजगीर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा संदेश: आध्यात्मिक मूल्यों और नशामुक्ति से बनेगा स्वस्थ व संस्कारित समाज,खम्हारडीह की 2500 परिवारों की प्यास बुझेगी: डिप्टी सीएम अरुण साव ने 20.93 करोड़ की विशाल पानी टंकी का किया भूमिपूजन,मोदी के 12 साल बेमिसाल: एमसीबी में भाजपा किसान मोर्चा की प्राकृतिक खेती कार्यशाला, हजारों किसानों ने लिया जैविक खेती का प्रशिक्षण,

नक्सलवाद के अंत के बाद बस्तर के स्वर्णिम भविष्य की शुरुआत: CM विष्णु देव साय बोले- देश का सबसे सुंदर और विकसित आदिवासी संभाग बनेगा बस्तर,

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक का विमोचन करते हुए कहा कि नक्सलवाद के अंत के बाद बस्तर को देश का सबसे सुंदर और विकसित आदिवासी संभाग बनाया जाएगा। बस्तर रोडमैप 2.0 के तहत शिक्षा, स्व...

नक्सलवाद के अंत के बाद बस्तर के स्वर्णिम भविष्य की शुरुआत: CM विष्णु देव साय बोले- देश का सबसे सुंदर और विकसित आदिवासी संभाग बनेगा बस्तर,
नक्सलवाद के अंत के बाद बस्तर के स्वर्णिम भविष्य की शुरुआत: CM विष्णु देव साय बोले- देश का सबसे सुंदर और विकसित आदिवासी संभाग बनेगा बस्तर,। फोटो: आज का दिन न्यूज़

‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक का विमोचन, बस्तर रोडमैप 2.0 से आय, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान

रायपुर | 14 जून 2026

Vishnu Deo Sai ने कहा है कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद अब बस्तर के नवनिर्माण का समय है और केंद्र व राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से बस्तर को देश का सबसे सुंदर, सुरक्षित और विकसित आदिवासी संभाग बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री रविवार को रायपुर में आयोजित ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

कार्यक्रम में Raman Singh, उप मुख्यमंत्री Vijay Sharma, साहित्य अकादमी अध्यक्ष डॉ. शशांक शर्मा, पांचजन्य के संपादक हितेश शंकर तथा विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चार दशकों तक नक्सलवाद के कारण बस्तर विकास की मुख्यधारा से दूर रहा, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है, जिससे बस्तर में विकास की नई संभावनाओं के द्वार खुले हैं।

बस्तर रोडमैप 2.0 से बदलेगी तस्वीर

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ के तहत योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। नियद नेल्ला नार योजना और बस्तर मुन्ने अभियान के जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। जहां पहले सुरक्षा कैंप थे, वहां अब सेवा डेरे विकसित किए जा रहे हैं, जो कौशल विकास, उद्यमिता और जनसेवाओं के केंद्र बनेंगे।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में बस्तर के अधिकांश परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में इस आय को दोगुना करना है। इसके लिए कृषि, पशुपालन, सहकारिता और लघु वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

421 बंद स्कूल फिर खुले, शिक्षा और स्वास्थ्य पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए बस्तर में कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। अब तक बंद पड़े 421 स्कूलों को पुनः शुरू किया जा चुका है। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी स्थापित करने की दिशा में कार्य जारी है।

उन्होंने बताया कि स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत लाखों लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार बैराज के निर्माण से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा।

पर्यटन और संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों ने यहां की संस्कृति और परंपराओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। सरकार पर्यटन को रोजगार और आर्थिक विकास का बड़ा माध्यम बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

माओवाद पर आधारित पुस्तक का हुआ विमोचन

कार्यक्रम में लेखकों Rajeev Ranjan Prasad और Rachna Naidu द्वारा लिखित पुस्तक ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ का विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुस्तक माओवाद के कठिन दौर और उससे मुक्ति के संघर्ष का महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जो आने वाली पीढ़ियों को इतिहास और लोकतंत्र की ताकत से परिचित कराएगी।

डॉ. रमन सिंह और विजय शर्मा ने भी रखे विचार

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पुस्तक को वर्षों के शोध और जमीनी अध्ययन का परिणाम बताते हुए कहा कि इसे बस्तर की वास्तविक परिस्थितियों को समझकर तैयार किया गया है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि माओवाद आर्थिक नहीं बल्कि वैचारिक चुनौती थी, जिसका उद्देश्य हिंसा के जरिए सत्ता स्थापित करना था। उन्होंने कहा कि आज बस्तर में शांति लौट रही है, बाजारों और मेलों की रौनक वापस आई है तथा सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए प्रभावी कदम उठा रही है।

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