ग्रामीणों के भारी विरोध और चिरमिरी वासियों के एकतरफा समर्थन के बीच अंजन हिल कोयला खदान परियोजना की जनसुनवाई संपन्न,
ग्रामीणों की शंकाओं पर एसईसीएल चिरमिरी के सीजीएम ने कहा नहीं होगा किसी भी किसान की भूमि का अधिग्रहण
चिरमिरी । ग्रामीणों के भारी विरोध और चिरमिरी वासियों के एकतरफा समर्थन के बीच अंजन हिल कोयला खदान परियोजना की खड़गवां के ग्राम पंचायत भूकभूकी में आयोजित जनसुनवाई संपन्न गुरुवार को संपन्न हो गई । ग्रामीणों की शंकाओं पर एसईसीएल चिरमिरी के सीजीएम ने कहा कि इस परियोजना से परियोजना क्षेत्र में आने वाले गांव के किसी भी किसान की भूमि का अधिग्रहण नहीं होगा । रोजगार देने में चिरमिरी के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का भी ध्यान रखा जाएगा ।
गुरुवार को पूरे दिन चली जन सुनवाई में अंजनी हिल माइंस खोलने के प्रताकव का समर्थन करते हुए चिरमिरी के वरिष्ठ पत्रकार श्रीकांत शुक्ला ने कहा कि वर्तमान में चल रही कोयला खदानों का भविष्य केवल 4-5 साल का है । ऐसे में अंजनी हिल माइंस खुलने से चिरमिरी को एक नया जीवन मिलेगा । प्रस्ताव के पक्ष में बोलते हुए पार्षद राहुल भाई पटेल, श्रमिक नेता राजेश महाराज, पार्षद मो.शहाबुद्दीन, अधिवक्ता शाहिद महमूद, भाजपा नेता रीत जैन, पार्षद मो. इकराम ने माइंस में दिए जाने वाले रोजगार में स्थानीय लोगों को अधिक से अधिक प्राथमिकता देने की मांग की तथा सीएसआर मद से क्षेत्र में स्वास्थ सुविधाएं डेवलप करने की मांग की ।

कांग्रेस नेता शिवांश जैन, चिरमिरी नगर पालिक निगम की नेता प्रतिपक्ष गायत्री बिरहा, श्रमिक नेता शिव नारायण राव, भाजपा नेता फणींद्र हमाम मिश्रा ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग की ।
युवा कांग्रेस के नेता सोमनाथ दत्ता ने अंजनी हिल ओपन कास्ट माइंस खोले जाने का जोरदार विरोध करते हुए इससे होने वाले प्रयाण के नुकसान पर प्रकाश डालते हुए इसे अंडर ग्राउंड माइंस के रूप में चलाने की मांग की ।
वहीं ग्रामीण क्षेत्र से जय प्रकाश साहू, अजय सिंह (ग्राम (आमडांड), पीतांबर सिंह मरकाम (ग्राम मेरो), जोहु सिंह(मेरो), श्रीमती कुर्रे, लक्ष्मण साहू (मुकुंदपुर), सुक्खूराम धुर्वे, सूर्यप्रताप सिंह (मेरो),
प्रीति सिंह (दुबछोला), श्याम बाई (कदरेवा), बसंती (कदरेवा), विष्णुदेव श्याम (कदरेवा), पार्वती, पत्रकार सुनील शर्मा, दुर्गावती, अनिल सिंह उदय (आमाडांड) ने अंजनी हिल ओपन कास्ट माइंस खोले जाने का जमकर विरोध करते हुए कहा कि उनका जीवन जल जंगल जमीन से चल रहा है । इस ओपन कास्ट माइंस के खुलने से उनका पूरा जीवन अस्त व्यस्त हो जाएगा । पेड़ो के कटने से यहां का वातावरण बुरी तरह से प्रभावित होगा ।
वहीं सामाजिक कार्यकर्ता गिरीश कुमार ने पूरी प्रक्रिया को कानूनी रूप से अवैध बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र 5 वीं अनुसूची में आता है । यहां बिना ग्राम सभा के अनुमति के (जो कि अब तक नहीं ली गई है), कोई भी जन सुनवाई पूरी तरह से अवैध है ।
जन सुनवाई के दौरान उठे सवालों का जवाब देते हुए एसईसीएल चिरमिरी के महाप्रबंधक अशोक कुमार ने कहा कि परियोजना के लिए किसी भी निजी भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा तथा पूरा विकास केवल आवंटित लीज क्षेत्र के भीतर ही किया जाएगा। स्थानीय समुदाय के विकास और कल्याण के लिए वे प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य सेवाएं, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन, सुरक्षा उपाय और जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। हाल में किए गए सामुदायिक कार्यों में हुडी जैकेट, स्कूल बैग और डेस्क-बेंच वितरण जैसी पहलें भी शामिल हैं। इस परियोजना से किसी प्रकार का विस्थापन, पुनर्वास या अतिक्रमण का मुद्दा नहीं जुड़ा है और वनों, जल स्रोतों या वन्यजीवों पर प्रतिकूल प्रभाव की संभावना नहीं है। परियोजना क्षेत्र में कोई ग्राम पंचायत शामिल नहीं है, जिससे आसपास के गांवों पर नकारात्मक असर की आशंका नहीं है ।
जन सुनवाई के दौरान एमसीबी जिले के अपर कलेक्टर अनिल सिदार, पर्यावरण जलवायु संरक्षण अधिकारी शैलेश पिसदा, अनुविभागीय अधिकारी बृजेन्द्र सारथी, सीएसपी दीपिका मिंज, एसईसीएल के महाप्रबंधक अशोक कुमार तथा सब एरिया मैनेजर मनीष सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
जन सुनवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था । मौके पर स्वयं चिरमिरी सीएसपी दीपिका मिंज, चिरमिरी थाना प्रभारी विजय सिंह, पोड़ी थाना प्रभारी विवेक पाटले सहित पुलिस के कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे ।
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