सुशासन तिहार में दिव्यांगों के चेहरों पर लौटी मुस्कान, बड़गांवखुर्द शिविर में बांटे गए श्रवण यंत्र और छड़ियां, जरूरतमंदों को मिला सहारा,,,

सुशासन तिहार में दिव्यांगों के चेहरों पर लौटी मुस्कान, बड़गांवखुर्द शिविर में बांटे गए श्रवण यंत्र और छड़ियां, जरूरतमंदों को मिला सहारा,,,

समाज कल्याण विभाग ने दी योजनाओं की जानकारी, कई आवेदनों का मौके पर हुआ निराकरण

मनेंद्रगढ़ । सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत विकासखंड भरतपुर की ग्राम पंचायत बड़गांवखुर्द में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आमजन के लिए राहत और भरोसे का केंद्र बनकर उभरा। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त की तथा अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन प्रस्तुत किए।

     शिविर में समाज कल्याण विभाग की विशेष सहभागिता रही। विभाग के सहायक संचालक ने ग्रामीणों को वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित विधवा पेंशन, दिव्यांगजन सहायता योजनाओं सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए पात्र हितग्राहियों से योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान किया।

दिव्यांगजनों को मिले सहायक उपकरण

    शिविर का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण तब देखने को मिला, जब समाज कल्याण विभाग द्वारा चिन्हित दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप श्रवण यंत्र (हियरिंग एड) एवं छड़ियों का वितरण किया गया। वर्षों से सुनने और चलने-फिरने में कठिनाई झेल रहे कई हितग्राहियों को जब सहायक उपकरण मिले तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। 

     उपकरण प्राप्त करने वाले हितग्राहियों ने शासन और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ सीधे पहुंच रहा है।

हर जरूरतमंद तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

     सहायक संचालक, समाज कल्याण विभाग ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और जनता के बीच की दूरी को समाप्त करना है। विभाग दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और कमजोर वर्गों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रहा है उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि कोई भी पात्र हितग्राही सहायता से वंचित न रहे और प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ सरलता से पहुंचे।

कई समस्याओं का मौके पर हुआ समाधान

    शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर ग्रामीणों से आवेदन प्राप्त किए गए। कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों को समय-सीमा में समाधान हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।