रायपुर, 22 जून 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी पहल के तहत मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के द्वितीय बैच (2026-28) का शुभारंभ आईआईएम रायपुर में हुआ। इस कार्यक्रम के माध्यम से राज्य के 36 प्रतिभाशाली युवा सुशासन, नीति निर्माण और प्रभावी प्रशासन के नए वाहक बनकर उभरेंगे।
36 युवा फेलोज़ सुशासन के नए चेहरे
छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग तथा आईआईएम रायपुर के संयुक्त प्रयास से शुरू हुए इस कार्यक्रम में 19 जिलों से चयनित 36 युवाओं को एमबीए (पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस) की दो वर्षीय डिग्री प्रदान की जाएगी। चयनित फेलोज़ में अनुसूचित जनजाति के 12 और अनुसूचित जाति के 4 युवा शामिल हैं।
अकादमिक प्रशिक्षण के साथ मिलेगा जमीनी अनुभव
फेलोशिप के दौरान युवा पहले 5 महीने आईआईएम रायपुर में उच्च स्तरीय अकादमिक प्रशिक्षण लेंगे, जबकि अगले 19 महीने राज्य शासन के विभिन्न विभागों और जिलों में कार्य करते हुए नीति-निर्माण, कार्यक्रम क्रियान्वयन, प्रशासनिक नवाचार और सुशासन के व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे।
सचिव श्री राहुल भगत का संदेश
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्यमंत्री सचिवालय तथा सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने कहा कि सुशासन केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन और नागरिकों तक समयबद्ध सेवाएं पहुंचाना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने फेलोज़ से जनसेवा, नैतिकता, नवाचार और उत्तरदायित्व के मूल्यों को अपनाने की अपील की।
विशेष सचिव श्री रजत बंसल और संयुक्त सचिव श्री मयंक अग्रवाल ने भी डिजिटल गवर्नेंस, डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया और प्रशासनिक सुधारों पर अपने अनुभव साझा किए।
पारदर्शी चयन प्रक्रिया
फेलोशिप के लिए केवल छत्तीसगढ़ के मूल निवासी युवाओं का चयन CAT स्कोर और आईआईएम रायपुर की पारदर्शी प्रक्रिया के आधार पर किया गया है।
मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप छत्तीसगढ़ में जन-केंद्रित, नवाचारपूर्ण और प्रभावी प्रशासनिक नेतृत्व तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।




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