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29 Jun 2026
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जशपुर पर्यटन के क्षेत्र में बना रही अलग पहचान: प्राकृतिक सौंदर्य और सुकून के पल बिताने पर्यटक हो रहे आकर्षित

जशपुर पर्यटन के क्षेत्र में बना रही अलग पहचान: प्राकृतिक सौंदर्य और सुकून के पल बिताने पर्यटक हो रहे आकर्षित
जशपुर पर्यटन के क्षेत्र में बना रही अलग पहचान: प्राकृतिक सौंदर्य और सुकून के पल बिताने पर्यटक हो रहे आकर्षित। फोटो: आज का दिन न्यूज़

श्रीमती नूतन सिदार जिला जनसंपर्क अधिकारी जशपुर

जशपुर 29 जून 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में जशपुर जिला तेजी से एक उभरते पर्यटन स्थल के रूप में अपनी अलग पहचान बना रहा है। जशपुर अपनी प्राकृतिक सौंदर्य, हरी-भरी वादियां, नदी, पहाड़, झरने और आदिवासी संस्कृति व रहन-सहन से परिपूर्ण है। शहरों की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर सुकून बिताने के लिए जशपुर लोगों को अपनी ओर सहज ही आकर्षित करता है। जशपुर में ऐसे कई पर्यटन स्थल हैं जहां आकर मन को एक अलग सुकून की अनुभूति होती है।

जशपुर जिले में देश देखा, रानीदाह जलप्रपात, चाय बागान, दमेरा, कुनकुरी विकास खंड में मयाली नेचर कैंप, विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़, बगीचा विकास खंड में खुडिया रानी, राजपुरी जलप्रपात, दनगरी जलप्रपात और कैलाश गुफा सहित अन्य पर्यटन स्थलों का आनंद लिया जा सकता है।

बगीचा विकास खंड में कैलाश गुफा घने जंगलों के बीच बनी एक अद्भुत प्राकृतिक गुफा है। जहां भगवान शिव का मंदिर और संत गहिरा गुरु का आश्रम भी है। यह स्थान आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति के लिए प्रसिद्ध है। जशपुर विकास खंड में स्थित रानीदाह जलप्रपात जशपुर शहर से 15 किलोमीटर दूर है। यह जलप्रपात हरी-भरी पहाड़ियों और जंगलों से घिरा हुआ है और पिकनिक का आनंद उठाने के लिए बेहतरीन पर्यटन स्थल में शामिल है। बगीचा विकास खंड का राजपुरी जलप्रपात भी पर्यटकों को अपनी ओर सहज ही आकर्षित करता है।

कुनकुरी विकास खंड में मयाली नेचर कैंप एडवेंचर और प्रकृति प्रेमियों के लिए बेहतरीन जगह है। यहां बोटिंग और शानदार नजारों का आनंद लिया जा सकता है। कुनकुरी विकास खंड के मयाली में स्थित मधेश्वर पहाड़ को विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में जाना जाता है। इस विशालकाय प्राकृतिक पर्वत को लार्जेस्ट नेचुरल शिवलिंग के रूप में प्रतिष्ठित गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। यह पहाड़ प्राकृतिक रूप से हूबहू शिवलिंग के आकार में दिखाई देता है और लोगों की आस्था से भी जुड़ा हुआ है।

फरसाबहार विकास खंड में ईब नदी के किनारे स्थित कोतेबिरा अपनी मनोरम चट्टानों और शांत पहाड़ी श्रृंखलाओं के लिए जाना जाता है। वहीं बगीचा विकास खंड में स्थित खुडिया रानी गुफा ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व का स्थान है।Example Image

जशपुर पहुंचने के लिए सड़क मार्ग से सीधे पहुंचा जा सकता है। निकट का रेलवे स्टेशन रांची झारखंड और झारसुगुड़ा ओडिशा है। इसके साथ ही रांची झारखंड के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट तक हवाई मार्ग से आया जा सकता है, जहां से लगभग 3 घंटे की दूरी तय करके सड़क मार्ग से जशपुर पहुंच सकते हैं। इसी प्रकार ओडिशा राज्य के झारसुगुड़ा तक ट्रेन या हवाई मार्ग से सफर करके वहां से सड़क मार्ग द्वारा लगभग 3 घंटे में जशपुर पहुंचा जा सकता है। इसके अतिरिक्त रायगढ़, सरगुजा और बिलासपुर से भी सड़क मार्ग से जशपुर आसानी से पहुंच सकते हैं।

जशपुर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन ने 5 होमस्टे स्थापित किए हैं तथा स्थानीय ग्रामीणों को होमस्टे प्रबंधन एवं अतिथि सेवा का समुचित प्रशिक्षण प्रदान किया है। जिला प्रशासन ने केरे गांव को एक भरोसेमंद और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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