भोपाल। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रोहित आर्य ने न्यायिक सेवा से सेवानिवृत्त होने के करीब तीन महीने बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली है। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि पार्टी की विचारधारा और जनकल्याण संबंधी सोच उनके विचारों से मेल खाती है।
भाजपा कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने सदस्यता ली। इस अवसर पर जस्टिस आर्य ने कहा कि वे सक्रिय चुनावी राजनीति में आने की इच्छा नहीं रखते, बल्कि सार्वजनिक जीवन के माध्यम से समाज और देश के लिए योगदान देना चाहते हैं।
पूर्व न्यायाधीश ने कहा कि एक जज भी इंसान होता है और सेवानिवृत्ति के बाद उसे अपने विचार व्यक्त करने तथा सार्वजनिक जीवन में योगदान देने का अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायिक पद पर रहते हुए निष्पक्षता सर्वोपरि होती है, लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद व्यक्ति अपनी वैचारिक पसंद के अनुसार कार्य कर सकता है।
जस्टिस रोहित आर्य 27 अप्रैल 2024 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से सेवानिवृत्त हुए थे। वे वर्ष 2013 में हाईकोर्ट के न्यायाधीश बने थे और अपने कार्यकाल के दौरान कई चर्चित मामलों में दिए गए फैसलों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहे।
भाजपा में शामिल होने के पीछे उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों और पार्टी की नीतियों को प्रमुख कारण बताया। उनका कहना है कि सार्वजनिक हित से जुड़े उनके विचारों को धरातल पर उतारने के लिए भाजपा एक उपयुक्त मंच साबित हो सकती है।




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