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ढाई महीने न्यूज़ चैनल न देखने की अपील का 22 भाषाओं में अनुवाद हुआ है

ढाई महीने न्यूज़ चैनल न देखने की अपील का 22 भाषाओं में अनुवाद हुआ है

ढाई महीने तक आप अब कोई न्यूज़ चैनल न देखें। यह अपील मैंने अतिरेक में नहीं की। टीवी को दिल से जा है और यह काम किया है। यह अनुभव से आया हुआ वाक्य है कि आप न्यूज़ चैनल न देखें। न्यूज़ चैनल आपको सूचना नहीं दे रहे हैं। बग़ैर सही सूचना के आप दर्शक नहीं हैं। दर्शक होते हुए भी सूचनाविहीन हैं। सूचनाविहीनों के समूह को मीडिया भेड़ों की तरह हांक रहा है। ऐसे न्यूज़ चैनलों को देखना आपके दर्शक होने के स्वाभिमान के ख़िलाफ़ है। वैसे भी ढाई महीने फर्ज़ी सर्वे चलेंगे। हम लोग सर्वे करते रहेंगे मगर आप बिल्कुल न देखें। सर्वे देखते ही न्यूज़ चैनल बंद कर दें।

28 फरवरी को अपने फेसबुक पर यह लेख लिखा था। तब से लेकर आज तक 21 भाषा-बोलियों में इस लेख का अनुवाद हो चुका है। उम्मीद है यह लेख अपनी अपनी भाषाओं की दुनिया में तेज़ी से पहुंच रहा होगा। आप भी मदद करें और लोगों को बताएं कि ढाई महीने तक कोई भी न्यूज़ चैनल न देखें। किसी अपवाद की ज़रूरत नहीं है। बस बंद कर दें। अख़बार देख ही रहे हैं, केवल फर्ज़ी विज्ञापन छपे हुए हैं। बकायदा अखबारों को बंद कराएं। आपका ही पैसा आपसे झूठ बोलने में बर्बाद हो रहा है। आप इसे कैसे सहन कर सकते हैं।

यहां मैं अपने अनुवादक दोस्तों का नाम लेना चाहूंगा। रिपु दमन सौरव मिश्र, हितेश, परमिल ढवलेकर, विद्या अरविंद, मानस ज्योति वोरा,सिद्धार्थ, आलोक सिंह,डॉ बुधाराम विश्नोई, कल्याण गिरी, विजय प्रकाश, चंद्रवीर चौधरी, राजीव रंजन विमल,दिलीप सोलंकी, मोहम्मद अयाज़ बरकती, रौशन मैथिल,जितेंद्र दरबार, मोहम्मद ज़ुबैर, नीलांजय तिवारी, शैलेंद्र और विद्या भारती अखबार।

आप सभी की मदद से 22 भाषाओं में ख़ुद को देख पा रहा हूं। हमारी यह बात 22 से अधिक भाषाओं में पहुंच रही है। पहुंचेगी। उम्मीद है लोग न्यूज़ चैनलों और अख़बारों के खेल को ठीक से समझेंगे। कैसे मीडिया ही नागरिक चेतना को ख़त्म करने का हथियार बन जाता है।

असमिया, ओड़िया, कन्नड, मराठी, गुजराती, राजस्थानी, मारवाड़ी, बघेली मालवी, बनारसी भोजपुरी, भोजपुरी, अवधी, जहानाबादी मगही, अंगिका, हरियाणवी, मेवाती, उर्दू, अग्रेज़ी, पूर्वांचली खड़ी बोली, पंजाबी, मैथिली, बृज भाषा, गुजराती। सूची बढ़ती जा रही है। अब मैं हर भाषा में शीर्षक को यहां रख रहा हूं ताकि आप इस लेख को अलग अलग लिपियों में देख सकें।

पूर्वांचल खड़ी बोली-

अगर सब लोग आपन नागरिकता बचावइ चाहत थय त न्यूज चैनल देखब बन्द कई द। अगर तू लोग एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में आपन भूमिका निभावय चाहत हय त न्यूज चैनल देखब बन्द कई द।

मेवाती-

अगर तम्म सचचीमाच अपणी या नागरकता है बचाणों चाहो ना, तो सबसु पहले इन्न टीवी चैनलन्ने देखणो बंद करदेवो. औरर अगर तम्म कोई जुम्मेदारी को काम, या लोकतन्तर में करणो चाहो हो, तो सबसु पहले इन्ने बंद करदेवो..

पटना के आस-पास की भोजपुरी-

जदी रउवा अपन नागरिकता के बचावे के चाहतानी त न्यूज़ चैनल देखल बंद करदी लोगिन, अगर रउवा लोग लोकतंत्र में एक जिम्मेदार आदमी के रूप में भूमिका निभावे के चाहतानी त न्यूज़ चैनल देखल बंद करदी लोगिन !

असमिया-

“অহা আঢ়ৈ মাহলৈ নিউজ চেনেল চোৱাটো (TV ত বাতৰি চোৱা) বন্ধ কৰিব নোৱাৰিবনে? কৰি দিয়ক!– ৰবিশ কুমাৰ।

मालवी-

अगर तम आपणो ने अपणा छोर छोरी नो जीवन बर्बाद वे वा ती बचाणो चावो तो तमारे ती हाथ जोडी ने कईरियो हु खाली 2 महीना सारू यो टीवी देखणो छोड़ दो ।2 महीना टीवी नि देखो गा तो तमारो कई नई लुटई जायगा। टीवी पर जो ई समाचार वाला आईं रिया है वी हगला एकज नेता की पग की जूती बणी गिया है।

पंजाबी-

ਕੀ ਤੁਸੀਂ ਇਹ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਢਾਈ ਮਹੀਨੇ ਟੀਵੀ ਦੇਖਣਾ ਬੰਦ ਨਹੀਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ? ਕਰ ਦਿਓ- ਰਵੀਸ਼ ਕੁਮਾਰ

मैथिली-

की अहां ढाई महीना लेल चैनल देखब बंद नहि क सकैत छी ? क दियौ – रवीश कुमार

अवधी-

हे भइया, हे बहिनी, का अघले ढाई महीना ले टीवी पै समाचार देखब बंद कय कसत हा?

उर्दू-

کیا آپ اِن ڈھائی مہینے کے لیے چینل دیکھنا بند نہیں کر سکتے؟ کر دیجیے – رویش کمار

मारवाड़ी-

थे ढाई मीना रे वास्ते टीवी रा चैनल देखना बन्द कर सको काई ? हा ना तो दो – रवीश कुमार पूछे है थोरे ती

मगही

का तोहनी सब ई ढाई महीना लागी चैनल देखल बंद न कर सक ह? कर द- रवीश कुमार

बृज भाषा-

चौं रे , तुम इन चैनलंनि द्वै ढाई महीना काजि देखिबो बंद ना करि सकत का , करि द्यो यार । रवीश कुमार

बनारसी भोजपुरी-

अगर सब लोग आपन नागरिकता बचावल चाहत हउवा त न्यूज़ चैनल देखल बंद कर दा।

राजस्थानी-

थै अ ढाई महीणा टीवी देखणी बंद नी कर सको के ? कर दो ndtv आलो रविश काको घ

बघेली-

अगर अपना पचे आपन नागरिकता बचाबै चाहित हे ता न्यूज चैनल देखब बंद कइ देयी

हरियाणवी-

भाइयों इन खबर आले चैनेलां ने देखना बंद कर दयो-ndtv आले रविश की थारे तै अपील।

अंग्रेज़ी-

Can you stop watching TV news for the next two and a half months? Please do it! – Ravish Kumar

रिपु दमन सौरव मिश्रा-

କଣ ଆପଣମାନେ ଅଢେଇ ମାସ ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ନ୍ୟୁଜ୍ ଦେଖିବା ବନ୍ଦ କରିପାରିବେ ନାହିଁ ?- ରବିଶ୍ କୁମାର।

ଆପଣ ଯଦି ନିଜର ନାଗରିକତା କୁ ବଞ୍ଚେଇ ରଖିବାକୁ…

गुजराती-

શું તમે આ અઢી મહિના માટે ન્યૂઝ ચેનલ જોવાનું બંધ ન કરી શકો- રવીશ કુમાર

मराठी-

तुम्ही पुढचे अडीच महिने वृत्तवाहिन्या पाहणं बंद करु शकत नाहीत ?

पाहणं टाळाचं !

हिन्दी-

क्या आप इन ढाई महीने के लिए चैनल देखना बंद नहीं कर सकते? कर दीजिए- रवीश कुमार

आप सभी का शुक्रिया। मेरी बात मान लीडिए गोदी मीडिया के इन एंकरों को सिर्फ ढाई महीने के लिए छोड़ दें। मैं ये नहीं कह रहा कि मुझे देखें। मैंने कहा है कि सभी न्यूज़ चैनल को देखना बंद कर दीजिए। प्रश्न एक व्यक्ति का नहीं है। टीवी पत्रकारिता का सिस्टम ही ध्वस्त हो चुका है। इसमें आपका बहुत नुकसान है। बड़ी संख्या में नौजवान बिलख रहे हैं। वे गिड़गिड़ा रहे हैं कि उनकी समस्या को कोई दो मिनट दिखा दे। इसलिए कि चैनलों ने अपने उसी दर्शक की हालत ऐसी कर दी है। आज आप ये काम न करें, लेकिन रोज़ मेरी बात को महसूस करेंगे कि सही कहा। चैनलों के नशे को छोड़ दीजिए। उनका काम जनता के बीच से जनता को ख़त्म करना है। उन्होंने अपने लिए राजनीतिक दर्शक गढ़ लिए हैं। आपको जनता बनना है तो चैनलों का कनेक्शन कटवाना ही होगा। जय हिन्द।

सारे लेख मेरे फेसबुक पेज@RavishKaPage पर है। वहां से आप लेकर अपनी अपनी भाषाओं के व्हाट्स एप ग्रुप में डाल दें।

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