• युवा कलेक्टर जशपुर की प्रेरणा से कुरकुंगा के युवा कर रहे नॉकआउट फुटबाल का आयोजन दर्शकों से खचाखच भरा रहता है मैदान
  • श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि
  • *स्वतंत्रता दिवस पर शहीद पुलिस कर्मचारी प्रधान आरक्षक ओबेदान को थाना कांसाबेल द्वारा दी गई श्रद्धांजलि…पढ़िए पूरी खबर*
  • बहनों ने भाइयों के कलाई में बांधे रक्षा के सूत्र ,मुँह मीठा कराकर लंबी उम्र की भी कामना की…पढिये पूरी खबर।
  • पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय ने बंदरचुआं के हाइस्कूल में किया ध्वजारोहण….. बच्चों द्वारा दी गयी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति…… पढिये पूरी खबर।
  • पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय ने बंदरचुआं के हाइस्कूल में किया ध्वजारोहण….. बच्चों द्वारा दी गयी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति…… पढिये पूरी खबर।
  • rampukar mantri
  • hiru kisan congress
  • के बी पटेल नर्सिंग कॉलेज
  • add education 01

बच्चों में अंतर के लिए ‘माला’ के साथ अब ‘छाया’ भी 

बच्चों में अंतर के लिए ‘माला’ के साथ अब ‘छाया’ भी 

जिला अस्पताल से काउंसलिंग करने के बाद मितानिनों के माध्यम से उपलब्ध होंगी

महासमुंद – परिवार नियोजन के लिए अब महिलाओं को माला डी के साथ छाया टेबलेट का साथ मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस माह पूरे जिले भर में इस गोली का वितरण कर दिया गया है। हालांकि गोली सबसे पहले महिलाओं को जिला अस्पताल से काउंसलिंग करने के बाद प्रदान की जाएगी जिसके बाद महिलाओं को यह गोली मितानिन के माध्यम से भी उपलब्ध हो जाएगी।
जानकारी के मुताबिक जिले के सभी ब्लॉकों में 24 सौ नग गोलियों की आपूर्ति की जा चुकी है। इसके अलावा जिले के सभी सामुदायिक, प्राथमिक और जिला अस्पताल में 6 हजार दवाईयां वितरण के लिए रखी गई हैं। दवाईयों का वितरण इस माह से ही शुरू किया गया है इसकी रिपोर्ट माह समाप्ति के बाद ली जाएगी जिससे पता चलेगा कि ‘माला डी’ के बाद कितनी महिलाएं ‘छाया’ टेबलेट का इस्तेमाल करने के लिए सामने आई हैं और इसकी खपत कितनी हुई है। ज्ञात हो कि करीब 20 साल पहले परिवार नियोजन कार्यक्रम के लिए माला डी गोली की शुरूआत की गई थी।

ऐसे उपलब्ध होगी दवा

छाया टेबलेट महिलाओं को माला डी की तरह ही नि:शुल्क प्रदान की जाएगी। दवाई के प्रति महिलाएं अधिक से अधिक जागरूक हो सकें इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में अधिक से अधिक महिलाओं को सेवन करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल के अलावा सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ ही मितानिनों तक गोलियां पहुंचा दी हैं जिससे महिलाओं को दवाई के लिए बार-बार जिला अस्पताल या सामुदायिक या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाने की आवश्यकता न पड़े।

छाया और माला डी में क्या है अंतर

जिला स्वास्थ्य सलाहकार संदीप चंद्राकर ने बताया कि माला डी की अपेक्षा यह दवाई और अधिक लाभदायक है इसमें सबसे बड़ा अंतर दवा सेवन के कोर्स का है। माला डी एक गोली प्रतिदिन खानी पड़ती थी लेकिन छाया गोली का सेवन महिलाओं को शुरूआत के 3 महीने हफ्ते में दो दिन और इसके बाद प्रत्येक सप्ताह एक गोली खानी होगी जिससे बार-बार गोली खाने से महिलाओं को छुटकारा मिलेगा। इस दवाई से महिलाओं को बच्चों में अंतर रखने का मौका मिलेगा वहीं शासन का परिवार नियोजन कार्यक्रम भी सफल होगा।

About Prashant Sahay

Leave a reply translated

  • rampukar mantri
  • hiru kisan congress
  • के बी पटेल नर्सिंग कॉलेज
  • Samwad 04
  • samwad 03
  • add seven