डाइट कोरिया में शिक्षकों व व्याख्याताओं की 28 दिसंबर से 20 दिवसीय आवासीय योग प्रशिक्षण शुरू

डाइट कोरिया में शिक्षकों व व्याख्याताओं की 28 दिसंबर से 20 दिवसीय आवासीय योग प्रशिक्षण शुरू

अफ़सर अली

बैकुंठपुर । बच्चों के व्यक्तित्व के समग्र विकास में एवम उन्हें वर्तमान चुनौतियों व समस्याओं का सामना करने में सक्षम बनाने हेतु योग एक सशक्त माध्यम है। अतः योग को पाठ्यचर्या का अभिन्न हिस्सा स्वीकार करते हुए राज्य शैक्षिक प्रशिक्षण एवम अनुसंधान परिषद, रायपुर छत्तीसगढ़ नें हाई स्कूल व हायर सेकेंडरी स्तर के किशोरों के लिए 28 दिसंबर शुक्रवार से डाइट कोरिया में 20 दिवसीय आवासीय योग प्रशिक्षण का आयोजन किया है।

जिसमें सभी आमंत्रित शिक्षक व व्याख्याता पूर्ण हिस्सेदारी निभाएं

उक्त बातें राज्य शैक्षिक प्रशिक्षण एवम अनुसंधान परिषद छत्तीसगढ़ के योग मास्टर ट्रेनर व पतंजलि युवा भारत के राज्य सोशल मीडिया प्रभारी संजय गिरि नें मीडिया से मुखातिब होते हुए कही। श्री गिरि नें आगे बताया कि भारत में सन 1986 से ही योग को पाठ्यचर्या का विषय बनाये जाने की अनुशंसा की जाती रही है। प्राचीन गुरुकुलों में भी ‘ योग ‘ एक विषय एवम क्रियाकलाप के रूप में प्रचलित रहा है। अतः इसी तारतम्य में छत्तीसगढ़ की पूर्व सरकार ने इसे पाठ्यक्रम से जोड़ा और आशा है कि वर्तमान सरकार भी योग की वैश्विक लोकप्रियता व बच्चों में स्वास्थ्यगत फायदों को देखते हुए इसे आगे बनाये रखेगी। विज्ञान की कसौटी पर भी खरे उतरे योग ने एक नई शैक्षिक एवम वैज्ञानिक विचारधारा को जन्म दिया है।

योग निर्देशन के द्वारा किशोर के जीवन व व्यवहार पर सकारात्मक व दीर्घगामी प्रभाव पड़ता है। योग निर्देशन के द्वारा किशोरों को उचित पोषण,आहार-विहार, व्यायाम, अभ्यास, स्वास्थ्य एवं अच्छी आदतों के विकास में मदद मिलती है। इस अवस्था मे प्राप्त की गई जीवन शैली व्यक्ति को जीवन पर्यन्त प्रभावित करती है, क्योंकि इसी अवस्था में जीवन व्यवहार सम्बन्धी आदतों का विकास व निर्माण होता है। आधुनिक समाज में फैल रही बुराईयों जैसे एचआईवी, आत्महत्या, नशीली दवाओं का सेवन, पारिवारिक व सामाजिक संबंधों में अविश्वास से युवा योग के अभ्यास से बचा रहता है। श्री गिरि नें बताया कि उक्त प्रशिक्षण जिला शिक्षा अधिकारी व प्राचार्य डाइट के मार्गदर्शन कुशल ट्रेनरों के द्वारा कराया जाएगा जिसका अधिकतम लाभ शिक्षक व व्याख्याता उठावें ताकि बच्चे इसका अधिकतम लाभ अपने स्कूल में उठा सकें।

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