चिरमिरी: प्रशासनिक उदासीनता के कारण चिरमिरी के हल्दीबाड़ी क्षेत्र में एक गरीब विधवा महिला का घर क्षतिग्रस्त हो गया है। आमानाला निवासी ललिता सिंह ने करीब एक माह पूर्व प्रशासन को लिखित सूचना दी थी कि उनके घर के पास स्थित एक सूखा आम का पेड़ कभी भी गिर सकता है, लेकिन संबंधित अधिकारियों की लापरवाही ने आज उन्हें बेघर कर दिया।
अनुमति के लिए दौड़ती रही प्रशासन और वन विभाग के दफ्तर
पीड़ित महिला ललिता सिंह ने करीब एक माह पहले चिरमिरी एसडीएम को आवेदन देकर सूखे पेड़ को हटाने की गुहार लगाई थी। एसडीएम कार्यालय ने आवेदन को वन विभाग के पास भेज दिया। नियम के अनुसार, वन विभाग के बीट निरीक्षक ने मौके पर पहुंचकर पेड़ का सर्वे भी किया, लेकिन इसके बाद अनुमति फाइल में ही दबी रह गई। महिला एक माह तक एसडीएम कार्यालय और वन विभाग के चक्कर काटती रही, लेकिन उन्हें न तो अनुमति मिली और न ही पेड़ को सुरक्षित हटाया गया।
आंधी-पानी ने दी दस्तक, ढह गई छत
बीते शुक्रवार को इलाके में हुई तेज आंधी-तूफान के दौरान वही सूखा आम का पेड़ महिला के मकान पर आ गिरा। पेड़ गिरने से मकान का बड़ा हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे महिला अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। यदि समय रहते प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाई होती, तो यह दुर्घटना टाली जा सकती थी।
प्रशासन से मुआवजे की गुहार
हादसे के बाद अब विधवा ललिता सिंह ने फिर से एसडीएम कार्यालय का दरवाजा खटखटाया है। इस बार उन्होंने अपने क्षतिग्रस्त मकान की क्षतिपूर्ति (मुआवजा) की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन अपनी गलती को मानते हुए पीड़ित महिला को कब तक न्याय दिलाता है और उचित मुआवजा प्रदान करता है।





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