शराब में अत्यधिक पानी की मिलावट से भड़के शराब प्रेमियों ने डोमनहिल के अंग्रेजी शराब दुकान पर जमकर किया हंगामा,

शराब में अत्यधिक पानी की मिलावट से भड़के शराब प्रेमियों ने डोमनहिल के अंग्रेजी शराब दुकान पर जमकर किया हंगामा,

दुकान के पूर्व सेल्समैन ने एसडीएम को पत्र देकर लगाया आबकारी विभाग के अधिकारियों पर पैसा उगाही करने शराब में जबरन मिलावट कराने का आरोप

चिरमिरी। चिरमिरी स्थित डोमनहिल अंग्रेजी शराब दुकान के समीप सोमवार को शराब प्रेमियों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। शराब में अत्यधिक पानी की मिलावट को लेकर आक्रोशित लोगों ने जमकर हंगामा किया और सीधे तौर पर आबकारी विभाग पर गंभीर आरोप लगाए।शराब प्रेमियों ने आरोप लगाया कि चाहे वह अंग्रेजी शराब हो या देशी शराब, सभी में भारी मात्रा में मिलावट की जा रही है।   

      उन्होंने शिकायत की कि मिलावटी शराब के सेवन से उनकी तबीयत भी खराब हो रही है। उपभोक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह की गंभीर शिकायत के बावजूद आबकारी विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है, जो विभाग की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि मिलावट की सूचना देने के लिए आबकारी अधिकारी से दूरभाष पर संपर्क किया गया, लेकिन इसके बावजूद भी कोई भी आबकारी विभाग का कर्मचारी या अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। विभाग की यह लापरवाही और निष्क्रियता लोगों के गुस्से को और भड़काने वाली साबित हुई।

      इस हंगामे के बीच शराब दुकान में पूर्व में सेल्समैन का कार्य कर रहे सुजीत ने एसडीएम चिरमिरी को लिखित शिकायत देते हुए आबकारी विभाग के अधिकारी पर और भी गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए। पूर्व सेल्समैन ने आरोप लगाया कि आबकारी अधिकारी ने उस पर शराब में मिलावट करने के लिए दबाव बनाया था। सेल्समैन ने जब इस अवैध कार्य का विरोध किया, तो उसे तत्काल नौकरी से निकाल दिया गया। नौकरी देने से पहले आबकारी अधिकारी ने उससे 50 हजार रुपए की मांग की थी, जिसमें से उसने 30 हजार रुपए दिए थे। मिलावट न करने के कारण नौकरी से निकाले जाने के बाद, उसे तीन महीने के वेतन का भुगतान भी नहीं किया गया है।

    शराब प्रेमियों और पूर्व सेल्समैन सुजीत के इन आरोपों से यह स्पष्ट होता है कि चिरमिरी की सभी अंग्रेजी और देशी शराब दुकानों में धड़ल्ले से मिलावट का कार्य जारी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इतनी गंभीर शिकायतें सामने आने और स्पष्ट प्रमाण होने के बावजूद आबकारी विभाग का कोई कार्यवाही न करना, विभाग के अधिकारियों और दुकान संचालकों के बीच आपसी मिलीभगत को दर्शाता है।

      इस पूरे मामले पर तत्काल उच्च स्तरीय जाँच और दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही की मांग की जा रही है ताकि आम जनता के स्वास्थ्य से हो रहे इस खिलवाड़ पर रोक लगाई जा सके।