अंबिकापुर : धान खरीदी से बढ़ी किसानों की आय, बहु-फसली खेती की ओर बढ़ रहे किसान

अंबिकापुर : धान खरीदी से बढ़ी किसानों की आय, बहु-फसली खेती की ओर बढ़ रहे किसान

उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थित धान खरीदी व्यवस्था से समय और संसाधनों की बचत

जिले में संचालित धान उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थित एवं पारदर्शी व्यवस्था किसानों की आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहा है। समय पर खरीदी, सुगम प्रक्रियाओं और बेहतर मूल्य मिलने से किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ बहु-फसली खेती को अपनाकर आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

जिले के ग्राम पंचायत खाला निवासी किसान श्री अशोक पन्ना ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष 120 बोरी (64 क्विंटल) धान विक्रय किया। उन्होंने कहा कि धान उपार्जन केंद्र में टोकन कटाने से लेकर विक्रय तक की पूरी प्रक्रिया सरल और पारदर्शी रही। केंद्र के कर्मचारियों के सहयोग से उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।उन्होंने बताया कि करजी धान उपार्जन केंद्र पहुंचते ही गेट पास, नमी परीक्षण तथा तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया, जिससे बिना विलंब धान विक्रय संभव हो सका। समिति केंद्र में किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है।

किसान श्री पन्ना ने बताया कि शासन से प्राप्त आर्थिक लाभ के चलते उन्होंने कृषि यंत्रीकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए पिछले वर्ष पावर ट्रिलर मशीन खरीदी, जिससे खेती का कार्य अधिक सुगम हुआ है। उन्होंने कहा कि धान के साथ-साथ अब वे मक्का, गेहूं एवं अरहर की खेती भी कर रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि हुई है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन द्वारा धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल का सर्वाधिक मूल्य और प्रति एकड़ 21 क्विंटल की खरीदी से किसानों को आर्थिक फायदा हुआ है। इससे प्राप्त राशि से आय के नए स्रोत विकसित हुए हैं।

किसान अशोक पन्ना ने कहा कि शासन की किसान कल्याण नीतियों और पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था से प्रदेश का किसान अब केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उपज का बेहतर मूल्य और सुचारु व्यवस्था से किसानों समृद्ध बन रहे है।