कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की बैंकवार समीक्षा करते हुए यह स्पष्ट किया कि जिन बैंकों का ऋण जमा अनुपात (सीडी रेश्यो) 60 प्रतिशत से कम है, ऐसे बैंकर्स के उच्च कार्यालयों में पत्राचार कर जिले में अल्प प्रगति की जानकारी दी जाएगी। साथ ही डीआरआई लोन प्रकरणों के प्रमोट के लिए अधिकाधिक प्रयास करने सभी बैंकर्स को समझाइश दी। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना तथा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में लोन प्रकरणों की स्वीकृति की बेहतर स्थिति की सराहना करते हुए सभी बैंकों के अधिकारियों को प्रकरणों का निबटारा शीघ्रता से करने की बात कही।
    लीड बैंक मैनेजर श्री अमित रंजन ने 31 मार्च 2019 की स्थिति में बैंकवार प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में विभिन्न बैंकों की कुल 96 शाखाएं हैं, जिनमें 66 ग्रामीण तथा 30 अर्धशहरी क्षेत्र में स्थित हैं। उन्होंने बताया कि दिसम्बर 2018 में जमा राशि 3013 करोड़ रूपए थी, जो कि मार्च 2019 में बढ़कर 3092 करोड़ रूपए हो गई। इस प्रकार कुल जमा राशि में 79 करोड़ 11 लाख रूपए की वृद्धि दर्ज की गई है। कृषि क्षेत्र एवं कुल प्राथमिकता क्षेत्र में कम उपलब्धि वाले बैंकों के अधिकारियों को कलेक्टर ने अगली तिमाही के पूर्व बेहतर प्रदर्शन करने के लिए निर्देशित किया। लीड बैंक मैनेजर ने बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत कुल दो करोड़ 67 लाख 72 हजार खाते बैंकों के द्वारा खोले गए हैं, इनमें से 31 लाख 11 हजार खातों में जीरो बैलेंस है। इसी तरह कुल दो करोड़ 25 लाख खातों में से एक करोड़ 79 लाख 90 हजार खातों की आधार सीडिंग (84.36 प्रतिशत) पूर्ण हो चुकी है। किसान क्रेडिट कार्ड में ऋण प्रकरणों के संबंध में भुइयां पोर्टल में तकनीकी त्रुटि की वजह से लंबित होने के संबंध में कलेक्टर ने यह स्पष्ट किया कि लोन पूर्वानुसार स्वीकृत किया जा सकता है। भुइयां पोर्टल से ही सत्यापन की अनिवार्यता फिलहाल नहीं है। कलेक्टर ने अनेक बैंकों के अधिकारियों की अनुपस्थित पर नाराजगी जाहिर करते हुए डीएलसीसी की बैठक में सभी बैंकर्स की अनिवार्य उपस्थिति के लिए लीड बैंक मैनेजर को निर्देशित किया।
    बैठक में जिला पंचायत के सी.ई.ओ. श्री विजय दयाराम ने विभागीय ऋण प्रकरणों की समीक्षा बैंकवार की। कतिपय ऋण प्रकरणों के आंकड़ों में अंतर पाए जाने पर बैंकर्स को प्रकरणों को अद्यतन करने की बात कही। उन्होंने एनआरएलएम तथा एनयूएलएम के लंबित प्रकरणों के कारणों पर भी समीक्षा करते हुए अगली तिमाही के पहले प्रकरण स्वीकृत करने पर जोर दिया। इसके अलावा उद्योग विभाग, अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति, खादी ग्रामोद्योग, श्रम विभाग तथा पशुधन विभाग में संचालित विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के ऋण प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों को अविलम्ब स्वीकृत करने के लिए विभागों से परस्पर समन्वय स्थापित करने की बात कही। साथ ही अगली बैठक में वित्तीय वर्ष 2018-19 व 2019-20 के लिए प्राप्त लक्ष्य और उपलिब्धयों की तुलनात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश लीड बैंक मैनेजर को दिए। बैठक में रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि श्री अखिलेश सिंह, नाबार्ड प्रबंधक श्री देवेश परमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी तथा विभिन्न बैंकों के प्रबंधक मौजूद थे।