• मादा चीतल की कुएं में गिरने से मौत,कुत्तों के झुंड के हमलों से बचने भागी थी
  • रेलवे लाइन क्रॉस करते हुए भालू की ट्रेन से कटकर मौत…,नागपुर रोड से बिश्रामपुर रेलवे लाइन के बीच दर्री टोला के पास उजियारपुर की घटना
  • प्रार्थी पर जानलेवा हमला के बाद, केल्हारी थाना प्रभारी पर आरोपी के ऊपर नरम रुख अख्तियार करने का आरोप
  • जांच नहीं होने देने रोकने, सत्य को छिपाने, सबूतों का दबाने का खेल छत्तीसगढ़ की ही तरह दिल्ली की सरकार में भी जारी है:-कांग्रेस
  • प्रशासन की लापरवाही से ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर, पूरा गांव चर्म रोग के शिकार
  • मिशन उराँव समाज के विरोध से कांग्रेस में घमासान,पार्टी की मुसीबतें कम होने का नाम ही नहीं ले रही

मोदी युगीन लंगूरवाद..!!!

मोदी युगीन लंगूरवाद..!!!

नितिन राजीव सिन्हा//

नरेंद्र मोदी ने डॉडी मार्च की वर्ष गाँठ पर कांग्रेस पर एक बार फिर निशाना साधा और कह दिया कि १९४७ में आज़ादी के बाद गांधी कांग्रेस को अनियंत्रित भ्रष्टाचार के साथ जारी रखने के बजाय सम्मानपूर्वक ख़त्म करना चाहते थे..,
मोदी के जवाब में लिखना होगा कि क्या गांधी के समय भ्रष्टाचार था..? क्या तब की राजनीतिक पीढ़ी जिसमें राजेंद्र प्रसाद,मौलाना आज़ाद,सरदार पटेल,जयप्रकाश नारायण जैसी महान विभूतियाँ कांग्रेस और देश का नेतृत्व कर रहीं थीं तब क्या भ्रष्टाचार का मुद्दा प्रासंगिक हो सकता था,राष्ट्र को इस पर मंथन करना चाहिये..,
मोदी का भाषण जो लोग लिख रहे हैं उन्हें देश और काल का संभवत ज्ञान नहीं है प्रधान सेवक का जो स्वर्ण युग अब तक चलता रहा है उस पर इस तरह के बयान से प्रश्न चिन्ह खड़े होते हैं..,
एक कहावत है कि लंगूर के हाथ लगे अंगूर ..यह दौर लंगूरवाद के क़रीब से होकर गुज़र रहा है इसलिए एहतियात बरतना राष्ट्रहित में आवश्यक है..,जिस पर लिखना होगा कि-
ग़म,अपने ही
अशकों का
ख़रीदा हुआ
है,वह दौर ए
दस्तूर था जो
गुज़रा हुआ है..,
गांधी बीत गया
पढ़े लिखे हुओं
का दौर गुज़र
गया…अब,
तो अंगूर की
दुकान पर
लंगूर बैठे हैं..,
फिर भी कहते
हैं के,अंगूर खट्टे हैं..!!!

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