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संयुक्त कमेटी द्वारा कथित फर्जी नौकरी की जांच पर सहमति बनने के बावजूद प्रबंधन द्वारा एक कालरी कर्मी को बर्खास्त किये जाने पर बिफरे विधायक पहुचे सीजीएम कार्यालय

संयुक्त कमेटी द्वारा कथित फर्जी नौकरी की जांच पर सहमति बनने के बावजूद प्रबंधन द्वारा एक कालरी कर्मी को बर्खास्त किये जाने पर बिफरे विधायक पहुचे सीजीएम कार्यालय

सीजीएम के. सामल ने लिखित आदेश नही मिलने का दिया हवाला

विधायक डॉ. विनय ने तत्काल मोबाइल से मुख्यमंत्री के ओएसडी व कोरिया कलेक्टर से बात कर सोमवार तक लिखित आदेश उपलब्ध कराने का दिया निर्देश

चिरमिरी । कथित फर्जी नौकरी के मामले में राजस्व व एसईसीएल प्रबंधन द्वारा संयुक्त जांच करने की बात पर सहमति बनने के बावजूद एसईसीएल प्रबंधन द्वारा चिरमिरी कालरी में मेकेनिकल फिटर के पद पर कार्यरत श्रमिक वृंदावन को एकतरफा जांच कर बर्खास्त करने का मामला सामने आने पर बिफरे विधायक डॉ. विनय जायसवाल अपने समर्थकों के साथ सीधे एसईसीएल चिरमिरी के सीजीएम कार्यालय पहुचे और सीजीएम के चेम्बर में जाकर उन्होंने इसका कारण पूछा । सीजीएम के. सामल ने कहा कि मीटिंग में हुई चर्चा के बाद उन्हें कलेक्टर कोरिया की ओर से कोई लिखित आदेश नही प्राप्त हुआ है जिसके कारण वे अभी भी पुरानी प्रक्रिया पर चल रहे है । इस पर गुस्साए विधायक डॉ. विनय ने सीधे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ओएसडी को फोन लगाकर पूरे मामले की जानकारी देते हुए उन्हें उपरोक्त संदर्भ में कोरिया कलेक्टर को लिखित आदेश जारी करने का निर्देश देने को कहा । इसके कुछ देर बाद कलेक्टर कोरिया से चर्चा करने पर उन्होंने सोमवार को लिखित आदेश जारी करने की बात कही ।
विधायक डॉ. विनय ने चेतावनी भरे लहजे में एसईसीएल के सीजीएम के. सामल से कहा कि यदि उनके कार्यकाल में अनावश्यक रुप से किसी भी कालरी कर्मी की बर्खास्त किया गया तो वे सीजीएम आफिस के बाहर ही अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ जाऊंगा।

डॉ. विनय ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि आज से 35-40 साल पहले जब कोई कालरी में काम करने को तैयार नही था, तब इन लोगो से लोहा उठवाकर इन्हें भर्ती किया गया था । उस समय बिना कोई दस्तावेज जमा किये केवल लोगो से नाम पता पूछकर उन्हें नौकरी दे दी गई थी । आज 35-40 साल बाद कुछ लीग सूचना के अधिकार का दुरुपयोग कर इन श्रमिको की जानकारी निकालकर उन्हें ब्लैकमेल कर रहे है और जो श्रमिक उन्हें पैसा नही दे रहे है उन्हें एसईसीएल प्रबंधन से मिलकर मात्र एक शिकायत के आधार पर एकतरफा विभागीय जांच कर नौकरी से बर्खास्त करा दे रहे है । लेकिन वे ऐसा नही चलने देंगे ।

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