• भीषण गर्मी में बिजली गुल से ग्रामीण हलाकान,माह भर से किस ग्राम के ग्रामीण खोज रहे बिजली,जानने के लिए पढ़ें-आज का दिन
  • राजू गाइड और नरेंद्र मोदी..!!!
  • गीत बिना मर जाएंगे। पत्तों-सा झर जाएंगे।
  • बाईक ट्रक में भिड़ंत दो की घटना स्थल पर मौके पर मौत एक कि हालत गंभीर
  • पराजय से भयभीत मोदी जी मीडिया को बुला बुलाकर इंटरव्यू दे रहे हैं :-कांग्रेस
  • कांग्रेस की राज्य की सभी 11 लोकसभा सीटों में होगी जीत

वर्दी पहनकर कानून को रखैल समझने वाले तथाकथित पुलिस वाले गुंडे निलंबित

वर्दी पहनकर कानून को रखैल समझने वाले तथाकथित पुलिस वाले गुंडे निलंबित

राजकुमार सोनी की रिपोर्ट

मुकेश गुप्ता के बाद रजनेश सिंह पर भी गिरी गाज

फरार न हो जाए इसलिए… हो सकती है गिरफ्तारी

रायपुर. विवादों में घिरे पुलिस अफसर मुकेश गुप्ता और नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह निलंबित कर दिए गए है. गृह विभाग के एक वरिष्ठ अफसर ने दोनों अफसरों के निलंबन की पुष्टि की है. सूत्रों का कहना है कि दोनों विवादित अफसर फरार न हो जाए इसलिए उन्हें गिरफ्तार भी किया जा सकता है.

गौरतलब है कि ईओडब्लू ने दोनों अफसरों के खिलाफ नागरिक आपूर्ति निगम घोटाले की जांच के दौरान आरोपियों और अन्य लोगों के फोन टेप करने, साजिश रचने और रसूखदार लोगों को बचाने के मामले में धारा 166, 166 ए ( बी ), 167, 193, 194, 196, 201, 218, 466, 467, 471 और 120 बी के तहत मामला दर्ज किया है. पूर्व मुख्यमंत्री डाक्टर रमन सिंह और सुपर सीएम के नाम से विख्यात अमन सिंह के करीबी समझे जाने वाले मुकेश गुप्ता का पूरा कार्यकाल विवादों से भरा रहा है. उनका नाम कभी मिक्की मेहता हत्याकांड में जुड़ा तो कभी झीरम घाटी के माओवादी हमले में. पुलिस अधीक्षक विनोद चौबे की मौत के मामले में भी उनकी भूमिका संदेह के दायरे में हैं. इधर खुद को रमन सिंह के रिश्तेदार के तौर पर प्रचारित करने वाले रजनेश सिंह भी पन्द्रह सालों में काफी पावरफुल बन गए थे. उनके खिलाफ भी कई तरह की गंभीर शिकायतें है. बताना लाजिमी होगा कि ईओडब्लू ने जिन गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है उसके बाद दोनों अफसरों का निलंबन तय था. कानून के जानकार कहते हैं कि अधिकांश धारा गैर-जमानती है इसलिए उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है. सूत्रों का कहना है कि निलंबन के बाद दोनों अफसर कानूनी मश्चिरा ले रहे हैं, लेकिन ऐसी भी खबर है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वे फरार हो सकते हैं. बहरहाल सरकार के इस दमदार फैसले का चौतरफा स्वागत हो रहा है. दो-चार अफसरों को छोड़कर ज्यादातर लोग यह मानते हैं कि दोनों अफसरों ने कानून को अपनी रखैल समझ लिया था. आमजन के बीच दोनों की इमेज वर्दी वाले गुंड़ों के तौर पर बनी हुई थीं.

About VIDYANAND THAKUR

Leave a reply translated