राजस्थान के सभी मतदान केंद्रों को तम्बाकू मुक्त बनाने की मांग: वीओटीवी 

राजस्थान के सभी मतदान केंद्रों को तम्बाकू मुक्त बनाने की मांग: वीओटीवी 

राजस्थान में हर साल तम्बाकू सेवन के कारण 77000 लोगों की मौत

जयपुर, 16 नवंबर। राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अधिकारी आनंद कुमार कोे वॉयस ऑफ टोबेको विक्टिम्स (वीओटीवी) और संबंध हेल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) के पदाधिकारियों ने ज्ञापन देकर राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान समस्त मतदान केंद्रों को तंबाकू मुक्त करने की मांग की है।

राजस्थान के वॉयस ऑफ टोबेको विक्टिम्स (वीओटीवी) स्टेट पैर्टन और सवाईमानसिंह अस्पताल के कैंसर सर्जन डॉ. पवन सिंघल ने कहा, मुख्य निर्वाचन को लिखे एक पत्र में, हमने अनुरोध किया है कि 7 दिसंबर 2018 को मतदान के दौरान राजस्थान के सभी मतदान केन्द्र परिसरों में सिगरेट, बिड़ी और चबाने वाले तंबाकू सहित किसी भी रूप में तम्बाकू का उपभोग करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि श्री कुमार को ग्लोबल एडल्ट टोबेको सर्वे (गेट्स) 2017 के के अनुसार राजस्थान में तंबाकू के उपयोग की स्थिति और असामान्य रूप से तंबाकू से संबंधित मौत की स्थिति के बारे में जानकारी दी गई।

डॉ. सिंघल ने कहा कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी से सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) के अनुसार राज्य भर में सभी 51796 मतदान केंद्रों पर 60 × 30 सेटीमीटर का साइनबोर्ड लगाने का अनुरोध किया गया है। केाटपा की धारा 4 के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंधित है और सभी मतदान केंद्र सार्वजनिक स्थान हैं।

उन्होंने बताया कि गेट्स -2 के अनुसार राजस्थान में पुरुषों का 39.6 प्रतिशत, 9 प्रतिशत महिलाएं और वर्तमान में 24.7 प्रतिशत वयस्क धूम्रपान या धूम्रपान करने वाले तंबाकू का उपयोग करते हैं। वर्तमान में आंकड़ों के मुताबिक, 22.2 प्रतिशत पुरुष, 3.7 प्रतिशत महिलाएं और 13.2 प्रतिशत वयस्क तम्बाकू का उपभोग करते हैं, जबकि वर्तमान में 22 प्रतिशत पुरुष, 5.8 प्रतिशत महिलाएं और 14.1 प्रतिशत वयस्क धुएं रहित तम्बाकू का उपयोग करते हैं।

वीओटीवी संरक्षक ने कहा कि श्री कुमार से अनुरोध है कि चुनाव में भाग लेने वाले और अन्य विभागों के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिया जाए कि मतदान केंद्रों में कोई भी सरकारी कर्मचारी, पुलिसकर्मी और अन्य तैनात अधिकारी – कर्मचारी हैं और मतदान करने आने वाले मतदाता मतदान केन्द्र परिसर में धूम्रपान न करें।

उन्होंने कहा, हमें मतदान करने आने वाले अपने नागरिकों के लिए तंबाकू मुक्त वातावरण सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि वंहा पर भी स्वच्छ वातावरण मिल सके।

संबंध हेल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) के ट्रस्टी संजय सेठ ने कहा, हर साल तंबाकू के उपयोग के कारण राजस्थान में 77000 मौतें होती हैं। जो कि बेहद चिंता का विषय है। सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (केाटपा) के तहत इन मतदान केंद्रों पर तम्बाकू मुक्त क्षेत्र का साइनबोर्ड लगाने से मतदान करने आए लोगों के बीच एक स्वास्थ्यकारी वातावरण पैदा होगा।

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