टीबी मुक्त भारत अभियान को एमसीबी में मिली नई गति: 98 शिविरों में 5,962 लोगों की जांच, 58 मरीजों का उपचार शुरू,
सुशासन तिहार के मोरगा शिविर में हैंडहेल्ड एक्स-रे से 69 लोगों की हुई स्क्रीनिंग, पंचायतों की भागीदारी से अभियान को मिल रही मजबूती
मनेंद्रगढ़ । राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित टीबी मुक्त भारत अभियान (100 दिवसीय विशेष अभियान) के तहत मनेंद्रगढ़- चिरमिरी- भरतपुर जिले में टीबी की शीघ्र पहचान और उपचार के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज संस्थाओं, मितानिनों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के समन्वित प्रयासों से गांव-गांव और शहर-शहर पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है।
जिले में अब तक आयोजित 98 आयुष्मान आरोग्य शिविरों के माध्यम से हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन द्वारा 5,962 लोगों की जांच की जा चुकी है। जांच के दौरान 58 टीबी मरीजों की पहचान कर उनका उपचार तत्काल प्रारंभ कराया गया है, जिससे टीबी उन्मूलन की दिशा में जिले को महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
इसी क्रम में 08 जून 2026 को सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम मोरगा, विकासखंड मनेंद्रगढ़ में आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविर में हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से 69 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें आवश्यक जांच एवं उपचार की प्रक्रिया से जोड़ा गया।
पंचायती राज संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी
टीबी मुक्त भारत अभियान में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका तय की गई है। ग्राम पंचायतों के सरपंच, जनप्रतिनिधि एवं पंचायत सदस्य अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने में सहयोग कर रहे हैं। पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर स्क्रीनिंग शिविरों का आयोजन, टीबी मरीजों को नियमित दवा सेवन के लिए प्रेरित करना तथा सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। अभियान के तहत ग्राम पंचायतों में “निक्षय शपथ” कार्यक्रम आयोजित कर टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है तथा रोग से जुड़े सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही टीबी मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने के लिए नए निक्षय मित्रों के पंजीयन पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
टीबी मुक्त ग्राम पंचायत बनाने की दिशा में प्रयास
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायत को व्यवस्थित स्क्रीनिंग, समयबद्ध जांच और उपचार अनुपालन के माध्यम से “टीबी मुक्त ग्राम पंचायत” का दर्जा प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मितानिन एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान कर रहे हैं तथा सभी एक्स-रे रिपोर्ट को निक्षय पोर्टल पर शत-प्रतिशत दर्ज करने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, बुखार, वजन में कमी या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल जांच कराएं। समय पर पहचान और उपचार ही टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
“जनभागीदारी, समय पर जांच और निरंतर उपचार से ही टीबी मुक्त भारत का सपना साकार होगा।”
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