हर्राडिपा के स्कूलों में मध्यान भोजन की अनियमितता के वजह से बच्चों को रहना पड़ता है खाली पेट,बच्चों के पेट पर लात मारने से भी बाज नही आ रहे स्व सहायता समूह

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राकेश गुप्ता(प्रतिनिधि)

मध्यान भोजन में बच्चों को कुछ नही मिलती यहाँ,भूखे पेट रहना पड़ता है

सन्ना:-जहाँ सरकार एक ओर स्कूली बच्चों के मध्यान भोजन के लिए अरबों रुपये खर्च कर रही है वहीँ इस क्षेत्र में बच्चों के पेट पर लात मार कर इसका बंदरबांट भी होता दिख रहा है।बगीचा ब्लाक के सन्ना क्षेत्र के स्कुल में नहीं मिल रही है बच्चों को नियमित रूप से मध्यान भोजन,जिस कारण कई बार यहाँ बच्चों को भूखे ही रहना पड़ता है।

आपको बता दें की जिले के बगीचा ब्लाक अंतर्गत सबसे सुदूर इलाका हर्राडिपा के माध्यमिक शाला और प्राथमिक शाला के स्कूलों में पूरी तरह से मध्यान भोजन की अनियमितता देखने को मिल रही है।वहीं आज माध्यमिक शाला हर्राडिपा के बच्चों को मध्यान भोजन में कुछ भी नही मिला और बच्चे खाली पेट ही घर जाने को मजबूर हो गये।और प्राथमिक शाला हर्राडिपा के मध्यान भोजन में चावल और आलू की झोर से ही बच्चों को भोजन दे दिया गया ।वहीं स्कूली बच्चों ने बताया की आज उनके स्कुल के माध्यान भोजन में  ना तो चावल बनाई गयी और ना ही दाल मध्यान भोजन के नाम पर मात्र आलू की सब्जी बनाई गयी थी,जिसे बच्चों ने नही खाया वहीं बच्चों ने बताया की आये दिन उनके स्कूलों में मध्यान भोजन इसी तरह मिलती है।वहीं गाँव के उपसरपंच भरत राम और परिजन बताते हैं की हमारे बच्चों को स्कूलों में मध्यान भोजन सही तरीके से नहीं मिलती है।इस पुरे मामले में खास बात यह है की जो स्व सहायत समूह के द्वारा उस पुरे क्षेत्र में मध्यान भोजन का राशन स्कूलों में जाती है उस समूह पर कोई भी अधिकारी कार्यवाही करने को कतराते हैं।

 इस मामले पर यहां के शिक्षक सुखराम भगत का कहना है की यहाँ की स्व सहायता समूह के द्वारा हमे राशन की सामग्री ही नही दी जाती है जिसके वजह से हम बच्चों को मध्यान भोजन सही तरीके से खिलाने में असफल रहते हैं।

 

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