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  2. भाजपा के तीनों विधायक व सांसद के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन प्रदर्शन के बाद महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा
  3. पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने हुकुम सिंह चौहान भवानी सिंह राठौर एवं अनीता बैरागी को विभिन्न दायित्वों से नवाजा
  4. गगनभेदी नारों के साथ कलेक्टर का घेराव भाजपा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडे, दिलीप मकवाना, पूर्व विधायक संगीता चारेल, भाजपा नेत्री मनीषा शर्मा, अनीता कटारिया, सीमा टाक सहित अन्य भाजपा के महिला, पुरुष पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं व युवाओं ने किया..
  5. सर्किल जेल रतलाम में एक नवीन बंदी से स्मेक की चार पुड़िया बरामद होने का मामला सामने आया, आरोपी स्मेक की पूड़ियां मुंह में छुपाकर जेल के अंदर ले जाने का प्रयास करते पकड़ा गया...
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गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ और आदिवासी पहचान की पहल..,

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"नितिन राजीव सिन्हा"

भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ को एक नई पहचान दी है उन्होंने गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का नारा दिया है इस नारे को पूर्ववर्ती रमन सरकार के विश्वसनीय छत्तीसगढ़ के नारे की तुलना में देखा और समझा जाये तो पाएँगे कि रमन सरकार के प्राथमिकताओं के निहितार्थ पूँजीवाद का रोपण था जल,जंगल और ज़मीन की लूट था लेकिन भूपेश सरकार के नारे में छत्तीसगढ़ की अस्मिता को स्थापित करने की दिशा में होने वाले सार्थक पहल हैं..,


आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा ने संकेत दे दिया है कि जल,ज़मीन और जंगल की सुरक्षा करने को अपनी परंपरा मानने वाले समाज की भावनाओं की क़द्र भूपेश सरकार कर रही है वह उसे उनकी अधिग्रहीत की हुई ज़मीन टाटा कंपनी से लोहनडीगुडा में वापस दिला रही है आगे भी अनावश्यक औद्योगिकरण को दरकिनार कर आगे बढ़ने की नीतियों पर चलने की मंशा इस सरकार की दिखाई पड़ती है..,


आदिवासी समाज की चिंता धरती को बचाने की चिंता है और आज ग्लोबल वॉर्मिंग के भयावाह दौर में हमें उनकी चिंता को तरजीह देकर आगे बढ़ना होगा तो ही इसके दूरगामी परिणाम फलदाई हो सकते हैं..,आदिवासी समाज के समग्र चिंतन पर लिखना होगा कि-


जंगल,पर
क़हर बरपा
था कि वो
शहर बनते
गये..,नदियाँ
गंदा नाला बन
गईं..,परिंदे
जिनसे बतिया
लेते थे कभी
बस्तर की मैना
के बोल सुन
लेते थे कभी
वो,सुर कहीं
खो गये हैं
विकास की
अंधी दौड़ में
घोंसले उनके
उजड़ गये हैं..,

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