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भाजपा के तीनों विधायक व सांसद के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन प्रदर्शन के बाद महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा

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भरत शर्मा की रिपोर्ट

आज का दिन न्यूज पोर्टल रतलाम: प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ आज भाजपा के प्रदेशव्यापी कलेक्टोरेट पर प्रदर्शन के तहत रतलाम में भी भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान सांसद गुमानसिंह डामोर सहित भाजपा के तीनों विधायक और कई नेता मौजूद थे। प्रदर्शन में भाग लेने आते समय रास्ते मे सांसद गुमानसिंह डामोर को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए।

भाजपा का यह प्रदर्शन प्रदेशव्यापी आव्हान पर था। जिसमे पूरे जिले के भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। लगभग 2 घण्टे तक चले इस प्रदर्शन में मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं को सांसद गुमानसिंह डामोर सहित जावरा विधायक डॉ राजेन्द्र पांडेय, रतलाम विधायक चेतन्य काश्यप रतलाम ग्रामीण विधायक दिलीप मकवाना,पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी ने संबोधित किया। नेताओ ने अपने संबोधन में राज्य की कमलनाथ सरकार पर तीखे प्रहार करते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं से इस दमनकारी सरकार के खिलाफ सड़क पर संघर्ष करने का आवाहन किया।

इसके पश्चात जब राज्यपाल के नाम ज्ञापन देना था तब सांसद , विधायको की मौजूदगी के बावजूद भी वरिष्ठ अधिकारी नही पहुंचे तो भाजपा नेता नाराज हो गए और नारे लगाने लगे। इसके बाद ज्ञापन लेने अपर कलेक्टर जमुना भिड़े और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ इंद्रजीत बकरवाल पहुचे।

इसके पूर्व प्रदर्शन पर आते समय रास्ते मे सांसद गुमानसिंह डामोर को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दो स्थानों पर काले झंडे दिखाए। फवारा चौक पर काले झन्डे दिखाने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस के जवानों ने रोका। लेकिन प्रदर्शन स्थल पहुचने के कुछ पहले भी कांग्रेस कार्यकार्ताओ ने सांसद के चलते हुए वाहन के एक वाहन साथ मे चलाकर उससे काले झन्डे दिखाए।

किसने क्या कहा

माफिया के खिलाफ कार्यवाही तो मात्र बहाना है ,सच्चाई यह है कि इसकी आड़ मे भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों के वैध निर्माण कार्यो को निशाना बनाया जाकर राजनेतिक द्वेशता निकाली जा रही है।

गुमान सिंह डामोर, सासंद रतलाम

कार्यकर्ताओ एम.ओ.एस. के नाम पर शहर मे भाजपा कार्यकर्ताओं के निजी निर्माणों को बलपूर्वक ध्वस्त कर कमलनाथ सरकार अपनी मानसिकता का परिचय दे रही है। चुन-चुन कर आवासीय भवनों तथा व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को गिराकर कमलनाथ सरकार तानाशाह बनकर सामने आई है। एम.ओ.एस. ही अगर निर्माण कार्यो को हटाने का आधार है तब तो शहर के 95 प्रतिशत से अधिक आवासीय एवं व्यवसायिक भवनों को हटाया जाना चाहिए। कमलनाथ सरकार का यह तुगलकी कदम प्रदेश मे कांग्रेस सरकार के अन्त की शुरूआत है।

चेतन्य काश्यप,शहर विधायक

अगर कांग्रेस सरकार माफियाओं के खिलाफ ईमानदारी से कार्यवाही करना चाहती है तो मेरी चुनौती है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ प्रदेश भर मे फैले माफियाओं की सूची सार्वजनिक करे। सारा प्रदेश तब से भूमाफियाओं, शराब माफियाओं, अवैध खनन माफियाओं की गिरफ्त मे आ गया है जब से प्रदेश मे इस सरकार का राज आया है।

डा. राजेन्द्र पांडे,जावरा विधायक

प्रदेश का किसान अतिवृष्टि से पुरी तरह बर्बाद हो चुका है ,फसले बर्बाद, मवेशी बर्बाद और तो और किसानों के आशियाने भी अतिवृष्टि की भेट चढ़ गये है। कर्जमाफी तो हो नही पाई उल्टे बैंको से कर्ज वसुली के नोटिस किसानों को प्राप्त हो रहे है और ऐसे मे बैकों ने किसानों को डिफाल्टर घोषित कर दिया है।

दिलीप मकवाना,ग्रामीण विधायक

भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता कमलनाथ सरकार की दमनकारी नीतियों से डरने वाला नही है, क्योकि भारतीय जनता पार्टी का जन्म ही संघर्ष से हुआ है। अधिकारियों को निष्पक्ष होकर अपनी जिम्मेदारिया निभानी चाहिए। राजनीति मे सरकारों का आना – जाना लगा रहता है।

हिम्मत कोठारी,पूर्व मंत्री

कार्यकर्ताओं को पूर्व विधायक श्रीमति संगीता चारेल, जितेन्द्र गेहलोत, कृषि आयोग के पूर्व अध्यक्ष ईश्वरलाल पाटीदार, पूर्व जिलाध्यक्ष बजरंग पुरोहित, जिला महामंत्री प्रदीप उपाध्याय ने भी संबोधित किया।

नेताओं के संबोधन के बाद महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन का वाचन जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह लुनेरा ने किया। संचालन जिला महामंत्री मनोहर पोरवाल द्वारा किया गया।

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