logo

कोरबा में हो रही है रंगदारी टैक्स की वसूली “आरोपी क़द्दावर मंत्री का नाम लेकर कर रहे हैं बेख़ौफ़ वसूली..,”

logo
news-details

Aajkadinnews.com

 

कांग्रेस सरकार के दौर में कोरबा खौल उठा है कोयला नगरी का हाल ये है कि क़द्दावर मंत्री के नाम पर कथित तौर पर अधिकारियों को और कारोबारियों को धमकाया जा रहा है तथा तमाम व्यावसायिक संस्थानों से रंगदारी टैक्स की खुले आम वसूली किए जाने की ख़बरें आ रही है इस मामले ने विधानसभा अध्यक्ष चरण दास महंत के लिये असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है क्योंकि कोरबा के मंत्री जयसिंह अग्रवाल महंत खेमे से हैं और कोरबा में जो भी हो रहा है उसमें स्थानीय मंत्री का कमज़ोर राजनीतिक नियंत्रण मुख्य वजह मानी जा रही है..,

कोरबा से एक बड़ी खबर आ रही है। पुलिस ने पुलिस गाड़ी में तोड़फोड़ के मामले में युवा इंटक अध्यक्ष अंकित श्रीवास्तव समेत आठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है। सभी कार्यकर्ता एक मंत्री के खास सिपहसालार विकास सिंह के टीम के सदस्य माने जाते हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी को मुलाहिजा के लिए जिला अस्पताल लेकर गई है। समाचार लिखे जाने तक उनका डाक्टरी परीक्षण चल रहा था। इसके बाद पुलिस सभी को कोर्ट में पेश करेगी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये सभी आरोपी जबर्दस्ती दुर्गा का चंदा वसूल रहे थे। एक अधिकारी को इसकी खबर मिली तो उसने एक आरक्षक को उसका वीडियो बनाने भेजा। आरोपियों ने आरक्षक के मोबाइल से न केवल वीडियो डिलीट करवा दिए बल्कि मानिकपुर चौकी के सामने पहुंचकर वहां खड़ी गाड़ियों की हेडलाइट आदि तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

जबकि, इसमें एक दूसरी कहानी ये भी सामने आ रही हैं कि पुलिस के साथ पुरानी झूमाझटकी के मामले के आरोपी फरीद खान को पकड़ने के लिए पुलिस कल रात मंत्री के कट्टर समर्थक विकास सिंह के घर और इंटक आफिस पहुंच गई थी। इसी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मानिकपुर चौकी का घेराव कर दिया। सूत्रों का कहना है, विकास सिंह पुलिस के टारगेट में हैं।

यूथ इंटक अध्यक्ष समेत आठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद कोरबा में हड़कंप मच गया। यह खबर सुनकर कांग्रेस नेता जिला कांग्रेस कार्यालय में जुटने लगे। बताते हैं, पुलिस का विरोध करने की रणनीति इस बैठक में तैयार हुई। लेकिन, बाद में कुछ कांग्रेसी नेताओं ने मीडिया को बताया कि वे गांधीजी के पदयात्रा के सिलसिल में एकत्रित हुए थे।

पुलिस की इस कार्रवाई को कुछ लोग कोरबा में चल रही सियासी टकराव से भी जोड़कर देख रहे हैं। कोरबा में कांग्र्रेस के भीतर सब कुछ अच्छा नहीं चल रहा। एक तो प्रायवेट कंपनियों और ठेकेदारों से संगठित तौर पर वसूली चल रही है। एक खास वसूल गैंग से कंपनियां त्राहि माम कर रही हैं। यह भी पता चला है कि लोकसभा चुनाव के समय चंदा के नाम पर करोड़ों रुपए की वसूली कर ली गई और कांग्रेस पार्टी को भनक तक नहीं लग पाई। रंगदारी और हफ्ता टैक्स तो बिहार से भी बढ़ गया है कोरबा में। इससे स्पीकर चरणदास महंत और उनकी सांसद पत्नी ज्योत्सना महंत भी नाखुश चल रहे हैं।

ज्ञातव्य है, बिलासपुर और महासमुंंद में धूम मचाने वाले आईपीएस उदय किरण को सरकार ने कोरबा का एडिशनल एसपी बनाकर भेजा है। ये वही उदय किरण हैं, जिन्होंने महासमुंद के तत्कालीन निर्दलीय विधायक विमल चोपड़ा की पिटाई की थी। बिलासपुर में उनके सीएसपी रहते सारे भूमाफिया समेत सारे अपराधी अंडरग्राउंड हो गए थे। रमन सरकार ने बाद में प्रेशर पड़ने पर उदय किरण को हटा दिया था। कोरबा में भी उदय किरण के आते ही माफिया तंत्र में हड़कंप मच गया है। कई अपराधी डर के मारे कोरबा छोड़कर भाग गए हैं। मंत्री के राइट हैंड विकास सिंह भी अंडरग्राउंड हो गए हैं। विकास के खिलाफ कई मामले दर्ज है।

 

 

logo

Related News

logo