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निकाली तो हथियार थी पत्रकार एवम उसके परिवार को मारने के लिए लेकिन चले गए जेल...

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दूसरे दिन पत्रकारों ने पैदल मार्च करते थाना पहुंचे ज्ञापन दिया और कहे दोषियों के ऊपर हो कड़ी कार्रवाही

पूरे प्रदेश के साथ सारंगढ के पत्रकारों की पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग हुई तेज

 संवाददाता सुधीर चौहान

सारंगढ।। देश सहित छत्तीसगढ़ प्रदेश में भी पत्रकारों के साथ हुए हमलों ने सारे पत्रकारों को भयभीत कर रखा है लेकिन जुनूनियत है पत्रकारों की जो बिना हारे बिना थके समाज हित में निरंतर कार्य कर रहे हैं। देश के साथ अब छत्तीसगढ़ में भी पत्रकारों के साथ हो रहे हमलों ने पत्रकारिता को कुचलने की कोशिश तो किया ही है मगर हमेशा मुंह की खानी पड़ी है मगर सवाल तो तब खड़ी होती है जब यह देखते हुए आखिरकार पत्रकार सुरक्षा कानून कितनी जल्दी सरकार लागू करेगी।

 

 

 क्या है पूरा मामला-

पत्रकार के साथ दूसरी मामला एक ही पत्रकार रामकुमार थूरिया का है,जो रायगढ़ जिले के अंतर्गत सारंगढ ब्लाक में कनकबिरा चौकी में आने वाली ग्राम पंचायत कनकबिरा की है जहां दबंग सरपंच पुत्र प्रेमलाल सिदार जो बीते गुरुवार को अपने दोस्तों के साथ रात्रि करीबन 8:30 बजे पत्रकार रामकुमार थूरिया के घर हथियार के साथ कत्ल करने की मनसा से घुसे थे, मगर किस्मती से समय रहते घरवाले सहित ग्रामवासी ने उन्हें पकड़ लिया और कानून के हवाले कर दिया। जिनमें प्रेमलाल सिदार (कनकबीरा) देव कुमार निषाद (दानसरा) सतीश प्रधान (दानसरा) चंदन पटेल (बैगिन डीह) पर धारा 458 323 506 एवं 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर दोषियों को जेल भेज दिया गया है।

घटना को अंजाम देने का  क्या था कारण-

सारंगढ स्थानीय पत्रकार रामकुमार थुरिया द्वारा सारंगढ जनपद अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत कनकबीरा में हुए भ्रष्टाचार एवं अन्याय के खिलाफ लगातार खबरें प्रकाशित की गई थी जिसमें कनकबीरा सरपंच के बेटे प्रेमलाल सिदार गुस्से में रहता था और बीती गुरुवार रात को अपने दोस्तों के साथ मिलकर अंजाम देने की फिराक में था।

 

पत्रकारों का मिला जोरदार समर्थन पत्रकारों ने कहा कड़ी कारवाही हो दोषियों के ऊपर,नहीं तो उग्र आंदोलन पर बैठेंगे-

पत्रकार रामकुमार थूरिया ने जब अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी तो सारंगढ श्रमजीवी पत्रकार संघ अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति एवं अन्य पत्रकार संघ के पत्रकार मिलकर इस विषय को चिंतन करते हुए रेस्ट हाउस से पुलिस थाने तक पैदल मार्च कर ज्ञापन देते हुए अवगत कराये एवं साथ में प्रदेश में हो रहे पत्रकारों पर हमला के प्रति चिंता एवं निंदा ज्ञापित करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्यवाही करने की मांग की एवं कड़ी कार्यवाही नहीं होने पर इस विषय पर उग्र आंदोलन करने की भी बात कही।

 

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