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(मदर्स-डे पर विशेष) मॉं को खुश करने और आशीर्वाद लेने का दिन

(मदर्स-डे पर विशेष) मॉं को खुश करने और आशीर्वाद लेने का दिन

(लेखक-गोविन्द चन्दोरिया)
मॉं शब्द ही ऐसा है कि जिसके उच्चारित होते ही ममत्व जाग जाता है। संसार में मॉं के प्रति सभी के दिलों में खास जगह होती है। ऐसा हो भी क्यों न आखिर मॉं जो जन्म देने वाली है, उसका स्थान तो भगवान ने उच्च रखा है। मॉं इसके काबिल भी है। एक माँ जो हर पल अपने बच्चे का ध्यान रखती है। उसे किसी भी तरह की परेशानी में पड़ने नहीं देती। ऐसे में मॉं के महत्व को समझाना अर्थात अनेकानेक किताबों का सृजन कर देना जैसा है। मतलब वही बात है कि यदि जमीन और आसमान को कागज कर दिया जाए और तमाम समुंदरों और बादलों के पानी को स्याही बना दिया जाए तब भी मॉं के महत्व को प्रतिपादित करना मुश्किल होगा, क्योंकि तब भी कागज और स्याही के साथ ही साथ समय कम लगने लगेगा। इसलिए बेहद सरल और आसान शब्दों में कहें तो मॉं जीवन दायिनी होती है, इसलिए जो भी है उसी का दिया होता है। उस पर सातों जन्म बार दिए जाएं तो भी कम है। ऐसे में साल में महज एक दिन मातृ-दिवस मनाकर हम खुश हो लें यह तो अच्छी बात नहीं है। इसके लिए तो पूरा जीवन मॉं के कदमों में समर्पित कर दिया जाए तो भी कम होगा। फिर भी दुनिया के हर बच्चे के लिए वर्ष का यह दिन अत्याधिक यादगार और खुशी का दिन होता है। इस बार मदर्स डे 13 मई को मनाया जा रहा है। इस दिन बच्चे अपनी मॉं के लिए ऐसा कुछ करें जिससे उसका दिल खुश हो और वो आपको अंत:मन से आशीर्वाद व दुआएं दे सके। बच्चे चाहें तो साल के इस दिन को वाकई खास बना सकते हैं। चूंकि दुनिया ही नहीं बल्कि भारत में भी यह दिन सभी माताओं के लिए समर्पित होता है, अत: उसकी खुशी और उसे स्थापित करने वाले कार्य किए जाने चाहिए। चूंकि मातृ-दिवस हर साल मई महीने के दूसरे रविवार को मनाया जाता है अत: 13 मई रविवार को आप जो करें वह मॉं को समर्पित होना चाहिए।
जहां तक बच्चों की बात है तो बच्चे इस दिन पर बेहद खुश होते हैं और अपनी माँ को सम्मान देने के लिए ऐसा कुछ करते हैं जिससे उनके साथ मॉं भी खुश हो। इस प्रकार भारतीय परंपराओं में जो स्थान मॉं को दिया गया है उसके लिहाज से भी मातृ-दिवस में मातृत्व को सम्मान व आदर देने का काम सभी करते हैं। इस दिन सार्वजनिक तौर पर भी अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। मातृ-दिवस के लिए पहले से ही तैयारियाँ की जाती हैं। अब तो कुछ स्कूलों में भी मदर्स डे मनाया जाने लगा है। इसके लिए विद्यार्थी हिन्दी और इंग्लिश में कविताएं, निबंध व कहानियां तैयार करते हैं। अनेक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं। इस दिन माँ अपने बच्चों के स्कूल जाती हैं और इन कार्यक्रमों में हिस्सा लेती हैं, जिससे बच्चे भी खुश होते हैं। इस प्रकार मदर्स डे पर सभी लोग मॉं को खुश करने की कोशिश करते हैं। मॉं के लिए गिफ्ट लाना, घर को सजाना और उसके पसंद का भोजन तैयार करना आदि कार्य बच्चे करते हैं। अंतत: मॉं तो यही चाहती है कि बच्चे उसके सदा खुश रहें, नेक बने और दुनिया में अपना नाम रोशन करें। अब यदि आप अपनी मॉं को खुश देखना चाहते हैं तो उसके बताए रास्ते पर चलें और उसी के तहत जीवन यापन करें। इससे आपकी माता ही नहीं दुनिया की तमाम माएं आपसे खुश होंगी और कोटिश: आशीर्वाद देंगी।

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