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चीन के दिखाने वाले दांत…! (लेखक-अजित वर्मा)

चीन के दिखाने वाले दांत…! (लेखक-अजित वर्मा)

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) का बचाव करते हुए सफाई दी है कि इसे लेकर चीन का कोई भू- राजनीतिक लक्ष्य नहीं है और यह परियोजना पूरी दुनिया को फायदा पहुंचाएगी। इसे जिनपिंग की सबसे पसंदीदा परियोजना माना जाता है, लेकिन यह भारत-चीन संबंधों में एक बड़ी बाधा बन गई है। जबकि 50 अरब डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) को लेकर भी दोनों देशों के बीच विवाद बना हुआ है।
चीन के बोआओ शहर में बोआओ फोरम फॉर एशिया (बीएफए) को संबोधित करते हुए शी ने कहा था कि बीआरआई चीन का विचार है। लेकिन इससे पैदा होने वाले अवसर और इसके परिणामों का फायदा पूरे विश्व को मिलेगा। शी का कहना है कि चीन कोई प्रतिरोधी नहीं बना रहा है और न ही अन्य देशों पर कोई समझौता थोप रहा है। शी ने यह बात उन अटकलों पर स्पष्टीकरण देते हुए कही, जिनमें कहा जा रहा है कि चीन बीआरआई के तहत बंदरगाह, सड़क और रेल संपर्क परियोजनाओं पर अरबों डॉलर इसलिए निवेश कर रहा है कि चीन के प्रभाव को बढ़ाया जा सके।
भारत ने सीपीईसी के पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से गुजरने पर एतराज जताया है और इसी के कारण उसने पिछले साल चीन द्वारा आयोजित बेल्ट एंड रोड फोरम का बहिष्कार किया था। स्वाभाविक रूप से बीएफए की बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी भी शामिल मौजूद रहे।
दरअसल, चीन की बीआरई योजना पर वैश्विक स्तर पर आलोचना हो रही है। ऐलानिया यह कहा जा रहा है कि चीन इस योजना के नाम पर देशों को भारी भरकम कर्ज लाद रहा है, जिससे आगे चलकर उनकी अर्थव्यवस्था तबाह हो जाएगी। पाकिस्तान तो कर्ज से लदा ही जा रहा है अन्य संबंधित देशों का यही हाल हो रहा है। चीन के बारे में यही कहा जा सकता है कि दुनिया को उसके दिखाने वाले दांतों के साथ खाने वाले दांतों पर नजर रखना चाहिए।

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