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चिरमिरी: श्रीमद्भागवत महापुराण महोत्सव के पांचवें दिन श्रीकृष्ण और रुक्मणी का विवाह बड़े ही धूमधाम से मनाया गया..

चिरमिरी: श्रीमद्भागवत महापुराण महोत्सव के पांचवें दिन श्रीकृष्ण और रुक्मणी का विवाह बड़े ही धूमधाम से मनाया गया..

श्री श्री राम जानकी मंदिर में संगीतमय श्रीमद भागवत महापुराण महोत्सव एवं श्री राम महायज्ञ के पांचवे दिन कथा व्यास पं. राघवेन्द्राचार्य महाराज के मुखारबिंद श्रीमद् भागवत कथा में श्रीकृष्ण और रुक्मणी का विवाह बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। विवाह उत्सव के दौरान कई भजनों की प्रस्तुति दी गई इस मौके पर श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया। कथावाचक पं. राघवेन्द्राचार्य महाराज ने रास पंच अध्याय का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि महारास में पांच अध्याय है। उनमें गाए जाने वाले पंच गीत भागवत के पंच प्राण है। जो भी ठाकुरजी के इन पांच गीतों को भाव से गाता है वह भव सागर पार हो जाता है। उन्हें वृंदावन की भक्ति सहज प्राप्ति हो जाती है। कथा में भगवान का मथुरा प्रस्थान, कंस का वध, महर्षि संदीपनी के आश्रम में विद्या ग्रहण करना, कालयवन का वध, उधव गोपी संवाद, द्वारका की स्थापना और रुकमणी विवाह के प्रसंग का संगीतमय भावपूर्ण पाठ किया गया। कथा के दौरान व्यास जी राघवेन्द्राचार्य महाराज ने कहा कि महारास में भगवान श्रीकृष्ण ने बांसुरी बजाकर गोपियों का आह्वान किया और महारास लीला द्वारा ही जीवात्मा परमात्मा का ही मिलन हुआ। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने 16 हजार कन्याओं से विवाह कर उनके साथ सुखमय जीवन बिताया। भगवान श्रीकृष्ण रुकमणी के विवाह की झांकी ने सभी को खूब भाव विभोर किया। भागवत कथा में रूकमणी विवाह के आयोजन में श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। श्रीकृष्ण रुकमणी की वरमाला पर जमकर फूलों की बरसा की गई। कथावाचक ने भागवत कथा के महत्व को बताते हुए कहा कि जो भक्त प्रेमी कृष्ण रुक्मणी के विवाह उत्सव में शामिल होते हैं उनकी वैवाहिक समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है। संगीतमय भागवत कथा में हरीष्चन्द्र पाण्डेय के द्वारा सभी भक्त गणों को अपनी मधुर वाणी से संगीत मय भजन सुनाकर मंत्र मुग्ध किया गया। कथा के अंत में फलाहारी त्यागी जी महाराज, महंत रामकृष्ण दास, सालिकराम दुबे, अनिरूद्ध दुबे, लल्लु षिवहरे आदि ने सपरिवार भागवत गीता की आरती उतारकर लोगों को प्रसाद वितरित किया। कथा का समापन 9 जुलाई को भव्य भंडारे के साथ किया जाएगा। इस अवसर पर जगदम्बा प्रसाद शर्मा, अजय सिंह, प्रभास राय, मंडन दुबे, संतोष दुबे, मनोज दुबे, मंतोष दुबे, दीपक ताम्रकार, प्रकाष कुमार, सोनू दुबे, सीटू पाण्डेय, मदन मोहन त्यागी, ओम प्रकाष शर्मा, शेषनारायण शर्मा, लल्लु शर्मा, बाडू़ पहलवान, भगवान दीन दुबे सहित काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कथा वाचक पं. राघवेद्राचार्य जी महाराज द्वारा 6 जुलाई को सुदामा चरित्र और 7 जुलाई को महा आरती परीक्षत मोक्ष और हवन आहूति का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 9 जुलाइ्र्र को विशाल भण्डारे का आयोजन किया जाएगा।

साथ ही श्री राम महायज्ञ में अयोध्या धाम से पधारे आचार्य राजकुमार पांडे, पंडित अखिलेश शास्त्री पंडित अजय शास्त्री पंडित बृज भूषण शास्त्री पंडित गोरखनाथ शास्त्री पंडित राहुल शास्त्री पंडित जितेंद्र शास्त्री आदि के द्वारा यज्ञषाला में ग्यारह हजार आहुतिओं के साथ पूर्ण आहुति होगी।

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