• एक्सक्लूसिव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान बिरयानी खाने नहीं दाऊद इब्राहिम से गठजोड़ करने गए थे,भाजपा के कई नेताओं का है संबंध दाऊद इब्राहिम से: अबु आसिम आजमी
  • पूर्ण चन्द्र पाढ़ी कोको के नेतृत्व में कल दिल्ली में जमा होंगे छत्तीसगढ़ के युवा कांग्रेसी
  • राहुल गांधी का मजाक उड़ाने का मामला: हरीश लकमा और कोको पाढ़ी के बीच हुई चैटिंग विवादों में, राहुल गांधी लईका है,कांग्रेस को बर्बाद कर दूंगा आदि शब्दों से मचा बवाल
  • हरीश लखमा और कोको पाढ़ी के बीच हुई चैटिंग विवादों में, राहुल गांधी को लेकर किया टिप्पणी से मचा बवाल
  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की माता श्रीमती बिंदेश्वरी बघेल का मेडिकल बुलेटिन जारी,अगला 36 घंटे काफी अहम्
  • बैकुंठपुर: चोरी के आरोपी समान सहित धराये

मैं मरना पसंद करूंगा लेकिन भूपेश सरकार को अड़ानी को एक फावड़ा या कुदाल चलाने की अनुमति नहीं देने दूंगा: अजीत जोगी

मैं मरना पसंद करूंगा लेकिन भूपेश सरकार को अड़ानी को एक फावड़ा या कुदाल चलाने की अनुमति नहीं देने दूंगा: अजीत जोगी

कवासी लखमा इस आंदोलन का नेतृत्व करें और अगर भूपेश नहीं मानते तो मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा दें: अजीत जोगी

सरकार बन ने के पहले भूपेश कहते थे कि अड़ानि को एक भी खदान नहीं लेने दूँगा लेकिन सरकार बन ने बाद उसी अड़ानी को पाँच महीने में पाँच-पाँच खदाने दे दीं: अजीत जोगी

पाँव नहीं चलते फिर भी वीलचेर पर 400 किलोमीटर का सफ़र तय करके बैलाडिला पहुँचा हूँ, अब अपनी आख़िरी साँस चलते तक बस्तर के अधिकार और अस्तित्व की लड़ाई लड़ते रहूँगा: अजीत जोगी

रायपुर (08.06.2019) छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के सुप्रीमो श्री अजीत जोगी ने आज सुबह किरंदूल-बचेली पहुँचकर बरसते पानी में राज्य-सरकार और केंद्र-सरकार द्वारा संयुक्त रूप से बैलाडिला स्थित NMDC की कोयला खदान क्रमांक 13 का ठेका अड़ानी कम्पनी को देने के जनविरोधी निर्णय के विरुद्ध अपने अधिकारों और अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे बस्तरवासियों को अपना समर्थन देते हुए कहा कि “मैं मरना पसंद करूंगा लेकिन भूपेश सरकार को अड़ानी को एक फावड़ा या कुदाल चलाने की अनुमति नहीं देने दूंगा।”

अपने उदबोधन में श्री जोगी ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के माँग करते हुए कहा कि “मुख्यमंत्री जी, अगर आपकी सरकार वास्तव में आदिवासियों की हितैषी है तो इस निर्णय को निरस्त करें। इसके लिए आपको दिल्ली से पूछने की ज़रूरत नहीं हैं।”

क्षेत्रीय मंत्री श्री कवासी लखमा की आदिवासियों के प्रति समर्पण की जमकर प्रशंसा करते हुए श्री जोगी ने कहा कि उनको भी अड़ानी की लीस रद्द करने के लिए लड़ना चाहिए, भले ही उनको मंत्री पद से इस्तीफ़ा ही क्यों न देना पड़े। पद तो आते-जाते रहते हैं लेकिन बस्तर को बचाना ज़रूरी है। श्री जोगी ने कहा कि “ये बात मुझसे कहीं बहतर श्री कवासी समझते हैं।”

श्री अजीत जोगी ने आगे कहा कि “मेरे पाँव नहीं चलते फिर भी मैं 400 किलोमीटर का लम्बा सफ़र रायपुर से तय करके आपके बीच अपनी बहन सुश्री सोनी सोरी, अपनी पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के ज़िला अध्यक्ष श्री बबलू सिद्दीक़ी और संयुक्त संघर्ष मोर्चे के अध्यक्ष श्री भास्कर के बुलावे पर यहाँ आप सब के बीच पहुँचा हूँ। सरकार में आने के पहले श्री भूपेश बघेल ने कहा था कि हम खदान अड़ानी को किसी भी सूरत में नहीं देने देंगे लेकिन सरकार में आने के बाद, पाँच महीने में उसी अड़ानी को उन्होंने पाँच-पाँच खड़ाने दे डाली! इसका मैं अपनी अंतिम साँस तक विरोध करता रहूँगा जब तक कि भूपेश सरकार इस जनविरोधी फ़ैसले को निरस्त नहीं कर देती।”

साथ ही श्री अजीत जोगी ने वहाँ हज़ारों की तादाद में दूर-दूर से आए लोगों को अपना संघर्ष जारी रखने हेतु आह्वान किया कि “न मुँह छुपा के जियो न सर झुका के जियो, सितमगरों की नज़र से नज़र मिला के जियो

अब एक रात अगर कम जियो तो कम ही सही, यही बहुत है कि अपनी मशाले जला के जियो।”

About Aaj Ka Din

Leave a reply translated