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गणेश कुमार कोसले के साथ केन्द्रीय विश्वविद्यालय के अन्याय के संबंध में अजीत जोगी ने महामहिम राष्ट्रपति को पत्र लिखा

रायपुर। दिनांक 02/06/2019। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के सुप्रीमों अजीत जोगी ने बिलासपुर के गुरू घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय द्वारा अनुसूचित जाति के छात्र गणेश कुमार कोसले के साथ हुये अन्याय के संबंध में एक पत्र महामहिम राष्ट्रपति, भारत शासन को न्याय दिलाने हेतु पत्र लिखा है। पत्र की प्रति सादर प्रकाशनार्थ संलग्न है।

आदरणीय महामहिम,

यह पत्र अनुसूचित जाति के मेधावी और होनहार छात्र श्री गणेश कुमार कोसले के साथ गुरू घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर में किये जा रहे घोर और नग्न अन्याय के खिलाफ है। श्री कोसले ने इतिहास में स्नातकोत्तर परीक्षा में 70 प्रतिशत और पी.एच.डी. के लिये आयोजित प्रवेश परीक्षा में 68.5 प्रतिशत अंक प्राप्त किये है। विभागीय साक्षात्कार समिति (डी.आर.सी.) जिसमें डा. प्रदीप शुक्ला, डा. सीमा पाण्डेय और डा. घनश्याम दुबे सदस्य थे, ने श्री कोसले को डी.आर.सी. ने इंटरव्यू लेकर अपात्र घोषित कर दिया।

यू.जी.सी. के नियम में स्पष्ट है कि विश्वविद्यालय में इतिहास में पी.एच.डी. करने के लिये दो पद स्वीकृत हुये किन्तु अभी तक एक ही सदस्य को पात्र माना गया है। रिक्त पद पर श्री गणेश कुमार कोसले को डी.आर.सी. ने कम से कम अंक भी दिये हो तो भी उसे नियमानुसार पी.एच.डी. में प्रवेश देने की अनुमति देना अनिवार्य था क्योंकि एक पद अभी भी रिक्त है। चैंकाने वाली बात यह है कि अन्य सभी डी.आर.सी. ने अन्य सभी विषयों के पी.एच.डी. छात्रों को इंटरव्यू में कितने नम्बर मिले और इंटरव्यू के बाद प्रतीक्षा सूची को भी लिखित में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन किया गया है किन्तु श्री कोसले को वंचित करने के लिये केवल इतिहास विभाग में इंटरव्यू और प्रतीक्षा सूची का उल्लेख नहीं किया गया। यह यू.जी.सी. की 25/08/2006 की गाईड लाईन के सर्वथा खिलाफ है।

एक अनुसूचित जाति के छात्र को जो विश्वविद्यालय मुख्यालय से 81 किलोमीटर दूर एक छोटे से गांव में रहकर आना-जाना करता है, उसने एम.ए. में 70 प्रतिशत और प्रवेश परीक्षा में 68.5 प्रतिशत अंक प्राप्त किये हैं, जो अन्य कई सामान्य वर्ग के छात्रों द्वारा प्राप्त अंक से भी अधिक है। स्पष्ट रूप से डी.आर.सी. ने एक ही वर्ग के व्यक्तियों को रखकर यू.जी.सी. के उन आदेशों का उल्लंघन किया है जिसमें डी.आर.सी. ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग को प्रतिनिधित्व करने का उल्लेख है। ज्ञातव्य है कि श्री कोसले के शोध का विषय ‘‘सबरिया/सौरा जनजाति का इतिहास’’ है जो प्रकृति पूजक समाज है किन्तु धीरे-धीरे अपने पारम्परिक मान्यताओं को भूलकर विलुप्त सा हो रहा है।

अतः अनुरोध है कि इस पर व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करके अनुसूचित जाति के छात्र श्री गणेश कुमार कोसले को न्याय दिलायें।

सम्मान सहित,

भवदीय

(अजीत जोगी)

प्रति,

श्री रामनाथ सिंह कोविन्द जी

महामहिम राष्ट्रपति

भारत शासन

राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली

प्रतिलिपिः

1. कुलपति, गुरू घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ को सूचनार्थ।

2. अध्यक्ष, अनुसूचित जाति आयोग, छत्तीसगढ़, रायपुर को सूचनार्थ।

3. अध्यक्ष, मानव अधिकार आयोग, छत्तीसगढ़, रायपुर को सूचनार्थ।

(अजीत जोगी)

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