• युवा कलेक्टर जशपुर की प्रेरणा से कुरकुंगा के युवा कर रहे नॉकआउट फुटबाल का आयोजन दर्शकों से खचाखच भरा रहता है मैदान
  • श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि
  • *स्वतंत्रता दिवस पर शहीद पुलिस कर्मचारी प्रधान आरक्षक ओबेदान को थाना कांसाबेल द्वारा दी गई श्रद्धांजलि…पढ़िए पूरी खबर*
  • बहनों ने भाइयों के कलाई में बांधे रक्षा के सूत्र ,मुँह मीठा कराकर लंबी उम्र की भी कामना की…पढिये पूरी खबर।
  • पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय ने बंदरचुआं के हाइस्कूल में किया ध्वजारोहण….. बच्चों द्वारा दी गयी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति…… पढिये पूरी खबर।
  • पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय ने बंदरचुआं के हाइस्कूल में किया ध्वजारोहण….. बच्चों द्वारा दी गयी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति…… पढिये पूरी खबर।
  • rampukar mantri
  • hiru kisan congress
  • के बी पटेल नर्सिंग कॉलेज
  • add education 01

कनक तिवारी के जगह पर बनाए गए महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा को जानिए..,कौन है सतीश वर्मा और क्या है उनकी खासियत

कनक तिवारी के जगह पर बनाए गए महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा को जानिए..,कौन है सतीश वर्मा और क्या है उनकी खासियत

“माणिक मेहता की कलम से”

वैसे तो वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश वर्मा किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं, तथा उनकी दबंग निर्भीक वकालत ही उनका सही परिचय देती है।

जब पिछली छलबाज़ राज्य सरकार के, न्याय-हत्यारे काले प्रदूषित बादल, प्रदेश के लगभग समस्त छोटे बड़े न्यायालयों पर छाये प्रतीत हो रहे थे, तथा राज्य न्याय से मरहूम नज़र आता था, तब सतीश वर्मा एक ऐसे चहरे थे, जिन्होंने राज्य में जनता का विश्वास, देश के न्याय-कानून पर स्थापित करने में अभूतपूर्व योगदान दिया था।

डा० रमन के काले काल में, जहां प्रदेश में कानून व न्याय विरले ही नज़र आते थे, तब सतीश वर्मा चट्टान की तरह कानून व न्याय के सच्चे सिपाही के रूप में स्थापित हुए थे।

चाहे वे तब के खूंखार माने जाने वाले एक वर्तमान निलंबित भापुसे से पीड़ितों को न्याय दिलाने के प्रयास में लिप्त हों अन्यथा कथित छल से निर्दोष आदिवासियों को आपराधी व देशद्रोही बताए जाने के तत्कालीन शासकीय कुप्रयासों के मामले में, अंगद का पांव बन, अन्याय से भिड़ते दिखे हों, सतीश वर्मा ने सदा न्याय का साथ दिया था।

आज सतीश वर्मा, अपने इन्हीं सिद्ध सिद्धांतों के मद्देनज़र, प्रदेश के अति सम्मानीय अति. महाधिवक्ता पद पर आसीन किये गये हैं। परन्तु आज लगने लगा है कि, यह पद भी इनकी नेक काबिलियत के समक्ष नाकाफी है।

उम्मीद है कि, वर्तमान राज्य सरकार व सरकार के जनप्रिय मुखिया, जन भावनाओं के मद्देनज़र, तथा विगत 15 वर्षों से भारी भ्रष्टाचार व संगठित अपराध का दंश झेल चुकी जनता का, न्याय पर पुन: समग्र विश्वास स्थापित करवाने के मकसद से, इन्हें और बड़ी जिम्मेदारी देंगे।

अब भयभीत दागीगण, जो कुछ माह पहले तक, adjustment entry के बल पर, न्यायिक दण्ड से बचने में कामयाब रहे हैं, इस बात का प्रोपोगेंडा भी प्रारंभ कर चुके हैं कि, यदि सतीश वर्मा को बड़ी जिम्मेदारी दी गयी तो, उनका ईमान डोल जाएगा। ऐसे मूर्ख व धूर्त जनों को, पंकज उधास जी की निम्न मशहूर पंक्तियां (ख़ता) का स्मरण कर लेना चाहिए: –

पत्ती-पत्ती गुलाब क्या होगी
हर कली मेहरेख़्वाब क्या होगी
जिसने लाखों हसीं देखें हों
उसकी नीयत खराब क्या होगी

हम सबको, इस बात का भी विशेष ध्यान रखना होगा कि, जिस प्रकार किसी समुदाय/जाति विशेष का होने मात्र से, किसी को उपकृत करना उचित नहीं होता है, ठीक उसी प्रकार किसी deserving व्यक्ति को, किसी अहम जिम्मेदारी से इसलिए भी पृथक नहीं किया जाना चाहिए कि, उन व्यक्ति के किसी विशेष समुदाय/जाति से होने के कारण कोई क्या कहेगा।

वैसे लगता तो नहीं है कि, वर्तमान जनप्रिय व दबंग मुखिया ये फैसला लेते हुए, धबराए दागियों के किसी भी कुचक्र में उलझेंगे। और हम सब की मुखिया जी से उम्मीद भी यही है।

About Aaj Ka Din

Leave a reply translated

  • rampukar mantri
  • hiru kisan congress
  • के बी पटेल नर्सिंग कॉलेज
  • Samwad 04
  • samwad 03
  • add seven