• एक्सक्लूसिव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान बिरयानी खाने नहीं दाऊद इब्राहिम से गठजोड़ करने गए थे,भाजपा के कई नेताओं का है संबंध दाऊद इब्राहिम से: अबु आसिम आजमी
  • पूर्ण चन्द्र पाढ़ी कोको के नेतृत्व में कल दिल्ली में जमा होंगे छत्तीसगढ़ के युवा कांग्रेसी
  • राहुल गांधी का मजाक उड़ाने का मामला: हरीश लकमा और कोको पाढ़ी के बीच हुई चैटिंग विवादों में, राहुल गांधी लईका है,कांग्रेस को बर्बाद कर दूंगा आदि शब्दों से मचा बवाल
  • हरीश लखमा और कोको पाढ़ी के बीच हुई चैटिंग विवादों में, राहुल गांधी को लेकर किया टिप्पणी से मचा बवाल
  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की माता श्रीमती बिंदेश्वरी बघेल का मेडिकल बुलेटिन जारी,अगला 36 घंटे काफी अहम्
  • बैकुंठपुर: चोरी के आरोपी समान सहित धराये

सामाजिक न्याय पर आधारित होगी मोदी की मंत्रिमंडल..

सामाजिक न्याय पर आधारित होगी मोदी की मंत्रिमंडल..

“नई दिल्ली से आलोक मोहन व रागिब् अली की रिपोर्ट”

आज देर शाम दोबारा प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे नरेंद्र मोदी के मंत्री मंडल में ना केवल इस बार सामाजिक न्याय की झलक देखने को मिलेगी बल्कि अल्पसंख्यकों के प्रति भाजपा का नरम रुख अपनाने का प्रयास भी होगा। राष्ट्रपति प्रांगण में तकरीबन 7:00 बजे पूरे लाव लश्कर के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उपस्थित रहेंगे, शायद यह पहला अवसर होगा जब नरेंद्र मोदी कट्टर हिंदुत्व का चोला उतार कर नरम हिंदुत्व की नई रूपरेखा अपने मंत्रिमंडल के जरिए तैयार करेंगे, जिससे अगले 5 वर्षों में उनके कार्यकाल और उनकी राजनीतिक छवि पर आँच ना आए, इस बार वे इस बात का विशेष ख्याल रख रहे हैं। गत दिनों पार्लियामेंट के सेंट्रल हाल में अपने नवनिर्वाचित सांसदों एनडीए के समस्त लोगों को संबोधित करते हुए जब उन्होंने यह कहा था की हमारी सरकार की कोशिश होगी की “सबका साथ और सब का विश्वास”।
तभी यह अंदाजा लग गया था की मोदी सरकार का अगला मंत्रिमंडल लीक से हटकर होगा उनमें उन तमाम ऐसे लोगों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा जो कहीं न कहीं दलित आदिवासी अति पिछड़ी जाति व अति अनुसूचित जनजाति से ताल्लुक रखने वाले सांसद होंगे और शायद यह पहली दफा होगा की कोई दलित राष्ट्रपति किसी पिछड़े वर्ग के प्रधानमंत्री व अति पिछड़े वर्ग से ताल्लुक रखने वाले मंत्रियों को शपथ दिलाएंगे इससे स्पष्ट है की नरेंद्र मोदी सरकार पूरी तौर पर सामाजिक न्याय पर आधारित होगी, परिणाम स्वरूप उन तमाम वंचित तबकों से ताल्लुक रखने वाले नए सांसदों को मंत्री पद से नवाजा जाएगा इनमें दलित आदिवासियों के अलावा उस समुदाय के लोगों की संख्या ज्यादा हो सकती है जो पिछड़े वर्गों में भी अति पिछड़े वर्ग व प्रजा जातियों से संबंध रखने वाले होंगे। इसकी वजह साफ यह है की गत एक दशक पहले भले ही भारतीय जनता पार्टी को ब्राह्मणों बनियों व उच्च वर्ग के लोगों की पार्टी कहा जाता रहा हो लेकिन नरेंद्र मोदी के पहली दफा सत्ता संभालने के बाद भाजपा ने अपने संगठन व वह सरकार के जरिए इस मिथक को तोड़ने की कोशिश की है, भारतीय जनता पार्टी तथा दूसरी बार प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी ने उन तमाम तबको को अपने साथ जोड़ने की कोशिश की जो किसी समय कांग्रेस व अन्य तमाम पार्टियों के परंपरागत वोट रहे हैं। यहां यह बताना उचित होगा की बी पी सिंह के समय से लेकर अब तक सामाजिक न्याय के नाम पर तमाम तरह के वादे व घोषणाएं की गईं लेकिन व्यावहारिक व्यावहारिक की लेकिन व्यावहारिक स्तर पर सामाजिक न्याय के नाम पर अब तक राजनीति कर रही कई राजनीतिक दलों ने अपने परिवारवाद जातिवाद व नव ब्राह्मण वाद को ही बढ़ावा दिया है। नरेंद्र मोदी व भाजपा इन सबसे आगे देश की तकरीबन 54 पर्सेंट आबादी, जिनमें प्रजा जातियों में से कुम्हार, नाई,मनिहार,दिवारी, काछी, आदि लोगों को अपने साथ जोड़ने का काम किया। आबादी में भले ही उक्त वर्ग की संख्या कम हो लेकिन मतदान के दौरान पिछड़े वर्गों के आबादी के हिसाब से यह संख्या तकरीबन 40 से 45 प्रतिशत है भाजपा व वर्तमान केंद्र सरकार इन तबकों पर और मजबूत घुसपैठ बनाना चाहती है शायद यही वजह है कि मोदी मंत्रिमंडल में उन तमाम अति पिछड़ी जातियों का व अति दलितों का एवं आदिवासियों का प्रतिनिधित्व ज्यादा हो सकता है जो आज भी सामंती व ब्राह्मणवादी व्यवस्था व्यवस्था के शिकार रहे हैं। सभी जानते हैं हमारे देश में जो वर्ण व्यवस्था है इसके चलते निम्न जाति से ताल्लुक रखने वाले लोगों का आज भी ग्रामीण इलाकों में बुरा हाल है अब देखना यह होगा की मोदी सरकार अपने मंत्रिमंडल में कितने उक्त वर्गों के लोगों को सत्ता से शिखर तक ले जाती है, यह कुछ घंटों बाद ही पता चल जाएगा लेकिन इतना तय है नरेंद्र मोदी सरकार सामाजिक न्याय पर आधारित होगी…?

About Aaj Ka Din

Leave a reply translated