• एक्सक्लूसिव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान बिरयानी खाने नहीं दाऊद इब्राहिम से गठजोड़ करने गए थे,भाजपा के कई नेताओं का है संबंध दाऊद इब्राहिम से: अबु आसिम आजमी
  • पूर्ण चन्द्र पाढ़ी कोको के नेतृत्व में कल दिल्ली में जमा होंगे छत्तीसगढ़ के युवा कांग्रेसी
  • राहुल गांधी का मजाक उड़ाने का मामला: हरीश लकमा और कोको पाढ़ी के बीच हुई चैटिंग विवादों में, राहुल गांधी लईका है,कांग्रेस को बर्बाद कर दूंगा आदि शब्दों से मचा बवाल
  • हरीश लखमा और कोको पाढ़ी के बीच हुई चैटिंग विवादों में, राहुल गांधी को लेकर किया टिप्पणी से मचा बवाल
  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की माता श्रीमती बिंदेश्वरी बघेल का मेडिकल बुलेटिन जारी,अगला 36 घंटे काफी अहम्
  • बैकुंठपुर: चोरी के आरोपी समान सहित धराये

डॉ पायल तडवी के हत्यारे को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, अनुसूचित जनजाति आयोग के नाम अनुविभागीय दंडाधिकारी को ज्ञापन सौंपा

डॉ पायल तडवी के हत्यारे को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, अनुसूचित जनजाति आयोग के नाम अनुविभागीय दंडाधिकारी को ज्ञापन सौंपा

“राजकुमार कण्डरा की रिपोर्ट”

सीतापुर, में आज दिनांक 29/5/2019 को महामहीम राष्ट्रपति और माननीय प्रधानमंत्री जी और अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष महोदय के नाम ज्ञापन सौंपा गया जो कि महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में स्थित वीवाईएल नायर हॉस्पिटल की विद्यार्थी डॉ पायल तडवी की तीन सीनियर्स डॉ. हेमा आहूजा, डॉ. भक्ति और डॉ. अंकिता खण्डेलवाल ने जातिवादी टिप्पणी करते हुए कहा कि *“तुम आदिवासी लोग जगंली होते हो, तुमको अक्कल नही होती.. तु आरक्षण के कारण यहाँ आई है… तेरी औकात है क्या हम ब्राम्हण से बराबरी करने की..! तु किसी भी मरीज को हाथ मत लगाया कर वो अपवित्र हो जाएँगे… तु आदिवासी नीच जाती की लड़की मरीज़ों को भी अपवित्र कर देगी..!

डॉ. पायल ने अपने तीनों सीनियर्स डॉक्टर के खिलाफ पहले अस्पताल प्रबंधन से शिकायत भी की थी, प्रबंधन की ओर से उचित कार्रवाई न होने पर वह काफी निराश थी। पहले तो पुलिस ने इसे जातिवादी केस मानने से इंकार कर दिया, डॉक्टर पायल के 22 मई 2019 को आत्महत्या करने के बाद उसके परिजनों ने भी उसकी डेड बॉडी लेने से मना कर दिया था, इसके बाद दबाव में पुलिस को आखिर में केस दर्ज ही करना पड़ा। पुलिस ने इस मामले में धारा 306 और रैगिंग एक्ट 1999 समेत एट्रोसिटी एक्ट 1989 castediscrimination ST/SC एक्ट धाराओं में तीन सीनियर डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया है। डॉ. पायल की आत्महत्या सिर्फ़ आत्महत्या नहीं है बल्कि इस कदर टॉर्चर करना है जिससे वह आत्महत्या करने के लिए स्वप्रेरित हो जाये इस तरह की घटनाओं का शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीक़े से विरोध प्रकट करना बेहद ज़रूरी है क्योंकि इससे पहले भी रोहित वेमुला, मुथु कृष्णन, सर्वानन जैसे बहुत से संस्थानिक मर्डर देख चुके है..!

उपरोक्त मामले में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए श्रद्धाजंलि स्वरूप आज दिनांक 29/5/2019 को स्टेडियम ग्राउंड से शहीद भगत सिंह चौक तक संध्या 6 बजे से मौन कैंडल मार्च इस शपथ से प्रारम्भ किया गया कि दोषीयों को कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो और इसकी पुनरावृत्ति भविष्य में न हो।

उपरोक्त मांग को लेकर भारत के महामहीम राष्ट्पति महोदय और माननीय प्रधानमंत्री महोदय, और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष महोदय के नाम अनुविभागीय अधिकारी एवं दंडाधिकारी (राजस्व) सीतापुर सरगुजा को ज्ञापन सौंपा गया।

कैंडल मार्च के सफल आयोजन में प्रमुख रूप से सर्व आदिवासी समाज ,सीतापुर के अध्यक्ष श्री शुशील सिंह मारवी, सचिव श्री सी ख़लखो, प्राचार्य श्री बनवारी राम भगत, श्री सुलेमान कूजूर,श्री विनय भूषण कूजूर, श्री लखन सिंह सिदार, श्री चंद्रकुमार सिदार, श्री निर्मल कूजूर, श्री उमेश भगत, श्री अनमोल लकड़ा, श्री हरदेव सिंह, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री सी एस पैंकरा, श्री नंदकुमार सिदार , संतोष कुमार बेक एवं लक्ष्य नर्सिंग महविद्यालय की छात्रा्एँ, श्यामाप्रसाद मुखर्जी महाविद्यालय के छात्र और क्षेत्र के वरिष्ठ व गणमान्य नागरिक भारी संख्या में उपस्थित थे।

About Aaj Ka Din

Leave a reply translated