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नोट बंदी पर कांग्रेस की बेहद महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता

Highlights of Press Briefing 17 April, 2019

Shri Kapil Sibal, former Union Minister addressed the media today at AICC Hdqrs.

श्री कपिल सिब्बल ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि आपको याद होगा कि 9 अप्रैल को मैं आपके पास आय़ा था और मैंने आपको नोटबंदी के बारे में एक वीडियो दिखाया था और उसमें एक राहुल रथरेकर जी जो एक फील्ड असिस्टेंट थे और कैबिनेट सेक्रेटेरिएट में थे, किस तरह से उनका योगदान रहा, पुराने 500 रुपए के, 1000 रुपए के नोट नए नोटों से बदलने में और उन्होंने जो कहा कि सारे देश में लगभग 26 सेंटर है, ये तो केवल एक ही सेंटर है और वहाँ 22 पुरुष और 4 महिलाएं यही काम कर रही हैं। तो उसके तुरंत बाद कैबिनेट सेक्रेटेरिएट ने एक स्टेटमेंट जारी की, वो मैं आपके लिए पढ़ देता हूं-

“Rahul S. Ratharekar had been a Constable level employee of the Cabinet Secretariat. He was dismissed in June, 2017 (after 5 years of service) on suspicion of his role in exchange of old currency notes, post demonetisation”

तो अब सरकार ने ये मान लिया है कि राहुल रथरेकर, उनके एक एम्पलोई थे, 5 साल कैबिनेट सेक्रेटेरिएट में रहे और उनको बर्खास्त किया गया, क्योंकि वो यह काम कर रहे थे। सरकार को संदेह था कि ये काम कर रहे थे और उनको बर्खास्त कर दिया गया। तो पहली बात तो मैं आपसे ये कहना चाहता हूं कि ये तो साबित हो गया कि ये टेप सही है, इस बयान से ये तो साबित हो गया कि ये टेप सही है औऱ ये वाक्यात सब जेनुअन है। तो अब बड़े सवाल उठते हैं कि रथरेकर की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? किस आधार पर उसको बर्खास्त किया गया? सरकार के पास इसके बारे में क्या सबूत था? उसको क्या शो-कॉज नोटिस दिया गया,उस शो-कॉज नोटिस में क्या लिखा गया? आपने एफआईआर दर्ज की या नहीं की, नहीं की तो क्यों नहीं की? ये सारे सवाल उठते हैं। अगर 2017 में ये काम हुआ, आपने उसको बर्खास्त किया तो 2019 तक आप क्या कर रहे थे? देश में इतना बड़ा घोटाला हो जाए और वो शख्स कहे कि महाराष्ट्र ही नहीं 25 ऐसी जगह हैं जहाँ पैसों के एक्सचेंज का काम हो रहा है तो सरकार क्या कर रही थी? तो सरकार को क्या सब मालूम था, निश्चित रुप से मालूम था, उनका अपना आदमी कर रहा था। फिर हमने दिखा भी दिया कि वहाँ संजय चाने एक इंडसइंड बैंक(IndusInd Bank) के बैंकर है, जिनके बारे में भी हमने आपको बता दिया। तो 9 अप्रैल के बाद आज तक कुछ नहीं हुआ, कोई कार्यवाही नहीं हुई। इससे पहले आपको याद होगा कि 26 मार्च को सभी विपक्षी दल एकत्र होकर कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में जो नोटबंदी के बारे में गुजरात में हो रहा था, जो एक्सचेंज गुजरात में हो रहा था, वो भी हमने आपको दिखाया था। उसके बारे में सरकार चुप और जो शख्स वहाँ बैठा हुआ है, उस दफ्तर में, वो निश्चित रुप से भाजपा का बड़ा नजदीक है,हमने उसको भी वीडियो में दिखाया था, वो श्री कमलम जहाँ अहमदाबाद में भाजपा का हैडक्वार्टर है, वहाँ से वो निकला है और उसके फोन आ रहे हैं, कमलम से। उसके बारे में क्या हुआ? सब चुप है, प्रधानमंत्री चुप है, वित्त मंत्री चुप है, सब मंत्री चुप हैं।

This evidence of guilt कि आप बोल नहीं रहे, आप कुछ कार्यवाही नहीं कर रहे, तो आज हम आपको वही थोड़ी काट के जो गुजरात की तस्वीर है, आपको दोबारा बताएंगे और फिर और आगे बढ़ेंगे कि इसी बारे में 4 मार्च, 5 मार्च, 6 मार्च 2017 में महाराष्ट्र में क्या हो रहा था औऱ कुछ दृश्य आपको मंत्रालय के दिखाएंगे कि मंत्रालय में ये बातचीत हो रही है। उसमें एक डीसीपी साहब हैं, जिनका नाम है वाडेकर, वो नोटबंदी के एक्सचेंज के बारे में बात कर रहे हैं और कृषि मंत्री के कमरे में बात हो रही है। मंत्रालय में हो रही है, उसमें एक अनिल राजगोर हैं, जो भाजपा के हैं, वो वहाँ शामिल हैं,दो लोग और हैं – सचिन और जादव और इनवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट। उसके बाद हम आपको दिखाएंगे कि एक और शख्स इसमें शामिल होता है, जिसका नाम है रुस्तम दारुवाला। रुस्तम दारुवाला रिटायर्ड चीफ मैनेजर ऑफ बैंक ऑफ़ इंडिया है, वो इन लोगों से बातचीत करके बताता है कि मनी एक्सचेंज होता कैसे है। ये सब चीजें बताता है, दोबारा कृषि मंत्री के कमरे में वाडेकर साहब मंत्रालय में फिर उनकी बातचीत हो रही है, 300 करोड़ रुपए का एक्सचेंज कैसे होगा, वो कहते हैं हम करवा देंगे। तो इसमें सभी दो जन शामिल हैं,उनके हमने नाम भी दे दिए और हम आपको दिखाने जा रहे हैं। इसलिए मैंने पिछली बार भी कहा था कि इससे बड़ा घोटाला हिंदुस्तान के इतिहास में कभी नहीं हुआ। इसलिए कनिमोझी पर रेड़ होती है और इनके मंत्रियों पर कभी रेड़ नहीं होती। पैसा तो केवल एक जगह है ना, जहाँ पैसा नहीं है, वहाँ टैक्समैन रेड़ करेगा, जहाँ बेशुमार पैसा है, वहाँ टैक्समैन वो दूसरा रास्ता पकड़ेगा। ये तो हमारी राजनीति का हाल है और फिर मोदी जी कहते हैं हमारे कार्यकाल में तो कभी घोटाला हुआ ही नहीं। मोदी जी आपके ही कार्यकाल में हिंदुस्तान के इतिहास में सबसे बड़ा घोटाला हुआ है औऱ वो हम दिखा रहे हैं, आपको तस्वीरें दिखा रहे हैं।

वीडियो दिखाया गया

श्री कपिल सिब्बल ने कहा कि दिसंबर 31 के बाद कमल का कमाल। शेमफुल, I think people should come out in the streets, कि गरीब आदमी के तो पैसे आपने फ्रीज कर लिए, उनको तो खर्चने नहीं दिए। कोई बीमार था तो डॉक्टर पैसा नही लेता था, लोगों की लाइन में खड़े होकर मृत्यु हो गई और आप ये काम कर रहे थे और 40 से 50 प्रतिशत आप कमीशन ले रहे थे। ये क्या हो रहा है इस देश में,क्या हुआ इस देश में? इसके बारे में कोई चर्चा है, क्या कोई भारत का टेलीविजन चैनल दिखा रहा है? कोई तू-तू मैं मैं हो रहा है? देश जानना चाहता है कि इसमें कुछ हो रहा है? कुछ नहीं हो रहा ना और क्यों, ये सवाल उठता है कि क्यों? प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं, जांच क्यों नहीं हुई,लोग गिरफ्तार क्यों नहीं हुए, ये व्यक्ति कहाँ है? जहाँ होटल में पैसा था, वो लोग कहाँ हैं? कौन सा होटल है? ये बात 2017 की है,आज हम 2019 में हैं।

हम मोदी जी से पूछना चाहते हैं कि आप जवाब दीजिए, आप तो कहते हैं कि आपके कार्यकाल में कोई घोटाला ही नहीं हुआ। मतलब कि इतना बड़ा घोटाला तो कोई सोच भी नहीं सकता।

वीडियो पुन: दिखाई गई……

श्री सिब्बल ने कहा कि लगता है कि चौकीदार को नींद अच्छी आती है, क्योंकि ये सब जब हिंदुस्तान में हो रहा था तो ये सो रहे होंगे। कोई जांच नहीं, कोई पड़ताल नहीं, कोई अरेस्ट नहीं,आपको मालूम है कि यूपी में कितना पैसा खर्च हुआ, आपको मालूम है कि उसके तुरंत बाद यूपी का चुनाव था, किस तरह से पैसा खर्च हो रहा था। इसका मतलब है कि इन नोटबंदी के फैसले के पीछे सोच क्या थी? ये सवाल उठता है। नोटबंदी क्या टेरिरिज्म खत्म करने के लिए की गई, फेक करंसी को खत्म करने के लिए की गई, कालेधन को खत्म करने के लिए की गई या इसके पीछे जो आप देख रहे हैं, वो सोच थी? अगर थी तो इससे बड़ा अपराध नहीं हो सकता।

Those who have collaborated with corruption cannot pretend to be clean.

एक प्रश्न पर कि जब ये उस समय हो रहा था, तब आपने इस मुद्दे को क्यों नहीं उठाया,श्री सिब्बल ने कहा कि उस समय ना आपको मालूम था, ना हमें मालूम था कि इसके पीछे सोच कुछ अलग ही थी। किसी को मालूम नहीं था। हमने भी उस समय विरोध नहीं किया। लेकिन जब हमें मालूम हुआ मैंने खुद बयान दिए, तुरंत बाद मैंने कहा कि ये सबसे बड़ा घोटाला है, मैं खुद जानता हूं। मैं पहला शख्स था, जिसने ये बात कही कि ये हिंदुस्तान का सबसे बडा घोटाला होगा।

एक अन्य प्रश्न पर कि क्या आप इसमें आगे जांच करवाएंगे, श्री सिब्बल ने कहा कि इसमें जांच होगी और तुरंत कई लोगों की गिरफ्तारी होगी।

एक अन्य प्रश्न पर कि ये ऑपरेशन किसने किया, श्री सिब्बल ने कहा कि ये एक ही टीम ने किया था। अब हमें नहीं मालूम कि किसने किया, लेकिन अब तो अथैंटिक(Authenticate) हो गया, क्योंकि अब तो कैबिनेट सेक्रेटरी ने खुद कह दिया कि जो शख्स उसमें शामिल था, जो फील्ड एसिस्टेंट था, उसको बर्खास्त कर दिया गया, क्योंकि वो यही काम कर रहा था। अब तो साबित हो गया है। इसमें तो कुछ छुपाने की बात ही नहीं है क्योंकि तस्वीर आपके सामने है, नाम आपके सामने है, कौन बैंकर है, आपके सामने हैं, कौन बीजेपी का अधिकारी है, उसका नाम सामने हैं,किस होटल में मीटिंग में हुई, किस मंत्रालय में हुई मीटिंग, डीसीपी का नाम सामने है, वो जो बैंक ऑफ इंडिया का चीफ मैनेजर है, रिटायर्ड है, उसना नाम सामने है। तो इसमें तो कोई शक हो ही नहीं सकता।

एक अन्य प्रश्न पर कि आप इसमें क्या मांग करना चाहते हैं, श्री सिब्बल ने कहा किफिलहाल तो हमारी मांग आप लोगों से है,कैमरों वालों से है। आप दिखाईए क्योंकि आपके पैसे को लूटा गया है। आप लोगों के पैसे को लूटा गया है, आम आदमी के पैसे को लूटा गया है। तो हमारी पहली मांग तो ये है कि हम गुजारिश करते हैं, आप दिखाईए और जो इनवेस्टिगेटिव जर्नलिज्म आप दूसरी बातों पर करते हैं तो इस पर भी कीजिए और सच्चाई सामने लाईए। जब हमारी ये मांग पूरी हो जाएगी तब हम आगे बताएंगे कि हम आगे क्या करेंगे।

एक अन्य प्रश्न पर कि इसमें आपके आरोप क्या हैं, श्री सिब्बल ने कहा कि इसमें साफ जाहिर है कि इसमें बैंकर शामिल हैं, भाजपा के लोग शामिल हैं, इसमें कमीशन शामिल है,अधिकारी लोग शामिल हैं और कमलम का हमने बता ही दिया, उनका नाता है वहाँ। तो जब तक इस पर जांच नहीं होगी, मैं तो जांच नहीं कर सकता ना, आज तक अगर 2017 से कुछ जांच नहीं हुई, जांच होगी तभी तो पता लगेगा ना।

एक अन्य प्रश्न पर कि जब ये सारे एविडेंस हैं जो पब्लिक डोमेन में हैं, तो ये सारे एविडेंस कोर्ट के सामने जाने चाहिएं, श्री सिब्बल ने कहा कि कोर्ट अभी बड़ी व्यस्त हैं, आजकल वो कॉन्स्टिट्यूशनल मैटर देख रही है, बड़े-बड़े कॉन्स्टिट्यूशन मैटर। इसकी सुनवाई अब तक नहीं हुई, मुझे लगता है कि मई 10 को कोर्ट भी बंद हो जाएगी, जुलाई तक तो चुनाव के परिणाम भी आ जाएंगे, तो फिर ये काम People’s Court करेगा।

एक अन्य प्रश्न पर कि आरबीआई को सीधे अप्रोच करना चाहिए, श्री सिब्बल ने कहा मैं बताता हूं कि हुआ क्या– आरबीआई हर बैंक को पैसा भेजता है, एक सिक्योरड वैन में भेजता है,लगभग 1,000 करोड़, जो भी उनकी लिक्विडिटी जरुरत होती है, वहाँ से पैसा लिया गया। आरबीआई क्या चैक करेगा, वो तो आपके केवाईसी के नंबर है, उनके नाम पर डाल दो।

एक अन्य प्रश्न पर कि क्या आप इस मुद्दे को सोशल मीडिया में लाएंगे, श्री सिब्बल ने कहा कि पिछली प्रेस वार्ता हमने की थी, उसका वीडियो लगभग 4 लाख 23 हजार लोग उसको देख चुके हैं। तो सोशल मीडिया में तो फैल चुका है, मैं वॉट्सअप की बात नहीं कर रहा हूं ये सारे हिंदुस्तान में फैल चुका है। लेकिन हमारे जो मित्र हैं खास तौर पर वो नहीं दिखाते। तो कहने का मतलब है कि सोशल मीडिया में तो ये फैलेगा ही फैलेगा, तो ये लोगों के बीच में तो जा रहा है। मैं प्रय़ास करुंगा कि मैं कल गुजरात चला जाऊं,परसों महाराष्ट्र चला जाऊं और सब जनता को दिखाऊं, सारे हिंदुस्तान में जाकर दिखाऊं कि हमारे हिंदुस्तान में ये हो रहा था।

एक अन्य प्रश्न पर कि जब आप ये कह रहे हैं कि ये हिंदुस्तान का सबसे बड़ा घोटाला है,तो फिर आप इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट क्यों नहीं जा रहे हैं, श्री सिब्बल ने कहा कि सबसे पहले तो एविडेंस चाहिए कि कौन-कौन दोषी है, कौन आरोपी है, कहाँ तक पैसा पहुंचा, किस जगह तक पहुंचा, किसने लिया,क्यों लिया, ये सब तो जांच ऐजेंसी करेगी, सुप्रीम कोर्ट तो नहीं कर सकता ना। जब ये सारे एविडेंस एकत्र हो जाएंगे फिर वो ट्रायल कोर्ट में जाएगा, क्योंकि फिर चार्जशीट फाइल होगी,फिर बात सुप्रीम कोर्ट में जाती हैं। सीधा हम सुप्रीम कोर्ट में नहीं जा सकते। हम क्या लेकर जाएंगे, तो जांच ऐंजेसी को तुरंत कर देना चाहिए। ये तो आपकी आंखों देखी बात है,ऐजेंसी को तुरंत गिरफ्तार करना चाहिए, तुरंत एफआईआर दर्ज करनी चाहिए, पर कौन सी ऐजेंसी? वो करेगी ही नहीं, वो तो कनिमोझी पर छापा डालेगी, वो भाजपा के मंत्रियों,अधिकारियों पर जहाँ बेशुमार पैसा है, वहाँ छापा डालेगी क्या? आज तक डाला है क्या?अगर कोनवोय में 1.8 करोड़ रुपए मिला तो बोला कि कोनवोय का वो था ही नहीं। अगर ऐजेंसी तरफदारी करे सरकार की और किसी दल की तो फिर हम और आप क्या कर सकते हैं?

एक अन्य प्रश्न पर कि ये भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस सभी मोदियों को गलत कह रही है, श्री सिब्बल ने कहा कि ये इसी संदर्भ में कहा गया कि जो मोदी जी के खास दोस्त हैं,समाज को कैसे कोई कुछ कह सकता है, समाज तो साफ है, लेकिन मोदी जी के चंद लोग इसमें जुड़े हुए हैं, जिनको बाहर जाने दिया।

एक अन्य प्रश्न पर कि प्रधानमंत्री जी का ये भी कहना है कि कांग्रेस पार्टी सभी पिछड़े वर्ग को करप्ट कह रही है, श्री सिब्बल ने कहा कि किसने कही है ये बात, प्रधानमंत्री जी ने कही होगी, हमें तो याद नहीं। जो दलितों की लिंचिग कर सकते हैं औऱ प्रधानमंत्री जी उस पर कार्यवाही नहीं करते, तो दलितों के खिलाफ कौन है, ये तो सारी जनता जानती है।

एक अन्य प्रश्न पर कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी ने राष्ट्रपति के संदर्भ में बयान दिया है, क्या कहेंगे, श्री सिब्बल ने कहा कि हम समझते हैं कि कोविंद जी को हर जाति के लोगों ने चुना है, उनको राष्ट्रपति बनाया है, तो हम उनका आदर करते हैं।

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