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मुख्यमंत्री बघेल के सादगी की जमकर हो रही सराहना,रमन व भूपेश के कार्यकाल की तुलना बना चर्चा का विषय-गुंडाराज और लोकतंत्र का बात चौक चौराहों में हो रहा आम

मुख्यमंत्री बघेल के सादगी की जमकर हो रही सराहना,रमन व भूपेश के कार्यकाल की तुलना बना चर्चा का विषय-गुंडाराज और लोकतंत्र का बात चौक चौराहों में हो रहा आम

रायपुर- शनिवार को कांसाबेल में मुख्यमंत्री की सभा में मचा बवाल जशपुर जिला प्रशासन के सुरक्षा व व्यवस्था में चूक को साफ साफ दर्शाता है।जिस प्रकार सभा में भाजपा के कार्यकर्ताओं द्वारा हंगामा किया गया उस पर कोई भी कार्यवाही न करने की बात मुख्यमंत्री के सादगीपन को झलकाता है।जो घटना के बाद से राज्य भर में चर्चा में बना हुवा है।

विदित हो शनिवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कांसाबेल में एक सभा को संबोधित कर रहे थे,सभा के दौरान अचानक भाजपा के कार्यकर्ता नारेबाजी कर सभा स्थल में पहुँच गए, उक्त घटना पर भूपेश बघेल ने नारेबाजी कर रहे भाजपा के कार्यकर्ताओं को डिबेट के लिए सभा स्थल में ही रहने की बात भाजपाइयों से करते हुवे स्वयं मोदी चोर के नारे लगाने लगे।एक तरफ मोदी चोर है कि नारे लगने लगे तो वहीं दूसरी तरफ मोदी शेर है के नारे सभा स्थल में गुंजयमान हुवा।उक्त घटना राज्य भर में चर्चा में बना हुवा है,चर्चा के दौरान लोगों द्वारा रमन सिंह के कार्यकाल व भूपेश बघेल के अभी के कार्यकाल व कुशल व्यवहार तथा परिणाम पर प्रकाश डाला जा रहा है।लोगों द्वारा चर्चा में कहा जा रहा है कि एक वो दौर था जब उस समय के मुख्यमंत्री के विरोध की खबर लगते ही विरोध का योजना बना रहे लोगों को जेल का रास्ता दिखाया जाता था और एक ये दौर है जब यहाँ सभा स्थल में विरोध करने पहुंचे वालों को चर्चा के लिए मंच तक आमंत्रित किया जा रहा है।ये दोनों घटना क्रम पर लोग यह कहने लगे हैं की रमन के कार्यकाल में गुंडाराज दिखा जबकि भूपेश के कार्यकाल में घटित घटना उनके सादगीपन और लोकतंत्रवाद को दर्शाता है।

कांसाबेल में हुवे घटना पर सामाजिक कार्यकर्ता व कांसाबेल जनपद पंचायत के सभापति हंसराज अग्रवाल ने भी कड़ी निंदा करते हुवे भूपेश बघेल की जमकर सराहना की है वहीँ रमन के कार्यकाल में किये गए विरोध पर प्रकाश डालते हुवे उनके कार्यकाल की कठोर शब्दों में निंदा किया है।हंसराज अग्रवाल ने भाजपा के कार्यकर्ताओं का सभा स्थल में विरोध के लिए पहुँचने की घटना पर जिला प्रशासन की सबसे बड़ी चूक बताया है।

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