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लेकिन 7 साल होने को है सुप्रीम कोर्ट की हिम्मत नहीं हो रही है कि एक एसपी के खिलाफ f.i.r. भी करें । क्यों ???

लेकिन 7 साल होने को है सुप्रीम कोर्ट की हिम्मत नहीं हो रही है कि एक एसपी के खिलाफ f.i.r. भी करें । क्यों ???

अजीत कुमार”//

हिमांशु कुमार द्वारा रचित पुस्तक ,,विकास आदिवासी और हिंसा [किस का विकास किस का विनाश] से लिए गए कुछ अंश

मेंरी साथी सोनी सोरी जो मेरी छात्रा रही , वह और उसका भतीजा लिंगा कोडोपी जब ईन लोगों ने सरकारी जुल्मों के खिलाफ आवाज उठानी शुरू की , तो लिंगा कोड़ोपी को फर्जी मामले में पकड़ कर एसपी के घर ले जाया गया ।

लिंगा कोड़ोपी को नंगा किया गया मिर्च पाउडर तेल में डुबोकर डंडा उसके मलद्वार में घुसा दिया गया । उससे उसकी आंत फट गई अभी तक उसको रक्त स्राव होता है ।

कई ऑपरेशन हो चुके हैं उसके लेकिन ठीक नहीं हो रहा है ।

सोनी सोरी को थाने में ले जाकर कहा गया कि तुम लिख दो कि अरुंधति राय ,प्रशांत भूषण, हिमांशु कुमार यह सब नक्सलियों के शहरी नेता है तो हम तुम्हें छोड़ देंगे ।

सोनी सोरी ने लिखने से मना कर दिया तो एसपी ने सोनी सोरी को निर्वस्त्र करने का हुक्म सिपाहियों को दिया , सिपाहियों ने उस को निर्वस्त्र कर दिया एसपी के आदेश पर उसको बिजली के झटके दिए और उसके गुप्तांगों में पत्थर भर दिए गए ।

वह बेहोशी की हालत में जीप में पड़ी थी और मजिस्ट्रेट ने उसको देखना भी मुनासिब नहीं समझा जुडिशल रिमांड दे दिया जेल भेज दिया।

हम लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दिया हमने कहा छत्तीसगढ़ से बाहर इसकी जांच कराई जाए एनआरएस हॉस्पिटल कोलकाता में सोनी सोरी का मेडिकल परीक्षण हुआ वहां उसके शरीर में से पत्थर के टुकड़े निकले और वह सुप्रीम कोर्ट की टेबल पर रख दिए गए ।

लेकिन 7 साल होने को है सुप्रीम कोर्ट की हिम्मत नहीं हो रही है कि एक एसपी के खिलाफ f.i.r. भी करें । क्यों ???

क्योंकि भारत का जो विकास का मॉडल है, बंदूक के दम पर ही चल सकता है आजादी के बाद से आज तक एक भी विकास का कोई प्रोजेक्ट बिना पुलिस और बंदूक के लगाया ही नहीं गया । अगर पुलिस को जेल में डाल देंगे तो ये शहरी लोगों का विकास कैसे होगा ।

यह विकास का मॉडल गरीब के साथ बातचीत करके नहीं चलता है थोपा जाता है । और बंदूक के दम पर चलता है इसीलिए सुप्रीम कोर्ट की हिम्मत नहीं है की वह पुलिस ऑफीसर को जेल में डालें।

खैर आम जनता को इन सब घटनाओं से क्या लेना देना उन्हें जंगल से क्या मतलब हम सब शहरी लोगों को तो विकास चाहिए वह विकाश जो आदिवासियों की लाश पर किया जाए वैसे विस्तृत रिपोर्ट सोनी सोरी के संबंध में जानने हो तो हिमांशु कुमार की यह पुस्तक जरूर पढ़ें।

आप सब को होली की शुभकामनाएं

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