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जशपुर जिला में 89 प्रशिक्षार्थियों का नौकरी कहाँ और कैसे लगा दांव पर जानने के लिए पढ़ें-आज का दिन

जशपुर जिला में 89 प्रशिक्षार्थियों का नौकरी कहाँ और कैसे लगा दांव पर जानने के लिए पढ़ें-आज का दिन

एजाज खान की कलम से

सन्ना-शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि हो इसके लिए केंद्र सरकार ने शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 लागू किया।इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा का सार्वभौमिकी करण अर्थात सभी लोगो तक गुणवत्ता पूर्ण मिले इसके तहत सरकारी विद्यालयों व गैर सरकारी विद्यालयों के अध्यापक/अध्यापिका को प्रशिक्षित होना अनिवार्य है।

प्राथिमिक विद्यालय के शिक्षक को 12वी 50%(आरक्षण45%) डी.एल.एड और माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक को बी.ए में 50%(आरक्षण45%)के साथ बी.एड. या डी.एल.एड होना अनिवार्य है।अधिनियम के तहत वर्तमान केंद्र सरकार ने एक फरमान निकाला की सभी शिक्षक अप्रैल 2019 तक हर हाल में प्रशिक्षित हो जाये। किंतु यह आदेश वर्तमान में शिक्षकों की गले की फांस बन गयी है।

NIOS (राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान) के प्रशिक्षण करने वालो की स्थिति कुछ केंद्रों में बेहद दयनीय है हम बात कर रहे हैं डी.एल.एड केंद्र शासकीय उच्च.माध्य.वि. सन्ना की जहाँ पर 89 प्रशिक्षार्थियों का नौकरी दांव पर है।
इस अध्यापन केंद्र में प्रथम वर्ष आ पहला सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम बहुत ही चौकाने वाला है इस अध्यापन केंद्र के सभी 89 प्रशिक्षार्थी विषय हिंदी कोड 503 के असाइंमेंट में फेल हैं। जबकि इसके लिए प्रशिक्षार्थी को पूरे एक सप्ताह में असाइंमेंट तैयार कर जमा करना होता है। वही शिक्षको को हिंदी विषय मे फेल होना आश्चर्यजनक बात है। हिंदी के इस असाइंमेंट में सभी को 30 अंक में 10 से भी कम अंक प्राप्त करना शिक्षकों पर गम्भीर बात है।।

प्रशिक्षार्थियों के अनुसार इस केंद्र के प्रभारी बहादुर राम भगत, समन्वयक हेरमोन लकड़ा व कम्प्यूटर ऑपरेटर की लापरवाही से 89 प्रशिक्षार्थियों नौकरी दांव पर है।प्रशिक्षार्थियों में कुछ ऐसे शिक्षक भी जो जिंदगी भर शिक्षा के क्षेत्र में समाज सेवा किये हैं अब बुढ़ापे में दूसरों की गलती के वजह से बेरोजगार घर पर बैठना पड़ेगा ।कितने ऐसे भी हैं जिनके बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं इनका भी सपना पूरा टूटता हुवा लगने लगा है।

गौरतलब है कि वर्तमान केंद्र सरकार के फरमान के बाद NIOS संस्था ने देश के सभी शिक्षक/शिक्षिका का प्रशिक्षण कराने का बीड़ा उठाया और सभी राज्यों के ब्लाक के चुनिंदा शा.उच्च.माध्य. विद्यालयों में डी.एल.एड. शिक्षण केंद्र खोला और विद्यालय के प्रचार्य को केंद्र प्रभारी नियुक्त कर दिया गया।जब सन्ना के प्रशिक्षार्थियों द्वारा रायपुर NIOS कार्यालय में जाकर जानकारी लिया गया तो वहाँ भी सन्तोष जनक जानकारी नही मिला।ऐसे में सभी प्रशिक्षार्थी को महसूस होने लगा कि नौकरी खतरे में है तो सभी आक्रोशित हो गए और केंद्र प्रभारी बहादुर राम भगत व हेरमोन लकड़ा को विषय कोड 503 को तत्काल सुधार करने की बात कही अगर सुधार नही किया गया तो सभी शिक्षक आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र प्रभारी बहादुर राम भगत व हेरमोन लकड़ा की होगी।।

जब मामले की बात केंद्र प्रभारी बहादुर राम भगत से मिडिया के द्वारा पूछा गया तो उन्होंने इस बारे में किसी को भी कुछ बताना नही चाह रहें हैं।इससे लगता है कि इन प्रशिक्षार्थियों का भविष्य से जबरन खेला जा रहा है।

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