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मसूद अजहर के भाई समेत 44 हिरासत में-जैश के खिलाफ एक्शन लेने को मजबूर हुआ पाकिस्तान

इस्लामाबाद। आतंकवाद के खिलाफ एक्शन लेने के भारत के कड़े दबाव का असर पाकिस्तान में नजर आ रहा है. पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. वहां जैश सरगना मसूद अजहर के दो भाईयों मुफ्ती अब्दुर रऊफ और हमाद को हिरासत में लिया गया है. दोनों जैश के लिए काम करते थे. वहीं अलग-अलग संगठनों से जुड़े 42 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है.
हमाद और रऊफ मौलाना मसूद अजहर के भाई हैं. दोनों नाम भारत के उस डोजियर में शामिल है जो भारत ने पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान को सौंपा है. पाकिस्तान के मंत्री शहीर अफरीदी और गृह सचिव ने प्रेस वार्ता में जानकारी दी.
26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ट्रेनिंग कैंप में भारतीय वायु सेना की एयर स्ट्राइक के 10 दिन बाद पाकिस्तान ने यह कदम उठाया है.
बता दें इससे पहले पाकिस्तान की सरकार ने फैसला किया था कि वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा नामित व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ प्रतिबंधों को लागू करेगा. विदेश मंत्रालय के अनुसार इसके लिए प्रक्रिया को कारगर बनाने के लिए एक आदेश जारी किया.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (कुर्की और जब्ती) आदेश को 2019, पाकिस्तान के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) अधिनियम, 1948 के प्रावधानों के अनुसार जारी किया गया है.
आदेश की व्याख्या करते हुए, विदेश कार्यालय के मोहम्मद फैसल ने कहा कि इसका मतलब है कि सरकार ने देश में संचालित सभी प्रतिबंधित संगठनों पर नियंत्रण कर लिया है. डॉन में प्रकाशित खबर के अनुसार अब से आगे सभी तरह की संपत्ति और सभी (प्रतिबंधित) संगठनों की संपत्ति सरकार के नियंत्रण में होगी.
उन्होंने कहा कि सरकार अब ऐसे प्रतिबंधित संगठनों के चैरिटी विंग और एंबुलेंस को भी जब्त करेगी. विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, इसका उद्देश्य नामित व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों को लागू करने के लिए प्रक्रिया को कारगर बनाना है. पाकिस्तान में, यूएनएससी के ऐसे निर्णय यूएनएससी अधिनियम, 1948 के माध्यम से लागू किए जाते हैं.

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