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अनिवार्य सेवा निवृत्ति के मामले में शासन ने हाईकोर्ट के आदेश को उपेक्षित किया

रायपुर-राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश महामंत्री ए.के.चेलक ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अनिवार्य सेवानिवृत्ति मामले में 50 वर्ष की आयु पूर्ण करने अथवा 20 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के उपरांत जारी आदेश पर उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ बिलासपुर द्वारा दिए गए आदेश को उपेक्षित करने का आरोप लगाया है। चेलक द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी परिपत्र में कंडिका 3 में स्पष्ट रूप से उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा याचिका क्रमांक एस-6889/2017 वी प्रभाकर राव विरूद्ध छत्तीसगढ़ शासन एवं अन्य में आदेश पारित कर अनिवार्य सेवा निवृत्ति शासकीय सेवकों द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदनों पर विचार करने के लिए उक्त विभाग के परिपत्र दिनांक 5 मई 2018 तक निर्धारित 60 दिवस की समयावधि में मामलों पर निराकरण करने के लिए समय दिया गया था, बावजूद इसके शासन द्वारा पुराने आदेश पर अमल कर कर्मचारियों को मानसिक तौर पर प्रताडि़त किया जा रहा है। जो कि उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा पारित आदेश की खुलेआम अवहेलना है। प्रदेश महामंत्री ने सचिव सामान्य प्रशासन विभाग एवं मुख्य सचिव को पत्र लिखकर उच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेश तत्काल लागू करने की मांग की है।

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