• मादा चीतल की कुएं में गिरने से मौत,कुत्तों के झुंड के हमलों से बचने भागी थी
  • रेलवे लाइन क्रॉस करते हुए भालू की ट्रेन से कटकर मौत…,नागपुर रोड से बिश्रामपुर रेलवे लाइन के बीच दर्री टोला के पास उजियारपुर की घटना
  • प्रार्थी पर जानलेवा हमला के बाद, केल्हारी थाना प्रभारी पर आरोपी के ऊपर नरम रुख अख्तियार करने का आरोप
  • जांच नहीं होने देने रोकने, सत्य को छिपाने, सबूतों का दबाने का खेल छत्तीसगढ़ की ही तरह दिल्ली की सरकार में भी जारी है:-कांग्रेस
  • प्रशासन की लापरवाही से ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर, पूरा गांव चर्म रोग के शिकार
  • मिशन उराँव समाज के विरोध से कांग्रेस में घमासान,पार्टी की मुसीबतें कम होने का नाम ही नहीं ले रही

चंदन सा बदन चंचल चितवन..!!!

चंदन सा बदन चंचल चितवन..!!!

नितिन राजीव सिन्हा

नरेंद्र मोदी देश के प्रधान सेवक हैं वे तलवार उठाते हैं तो योद्धा लगते हैं और हाथ हिलाते हैं तो खनकती हुई सी स्वर लहरियाँ उभरती हैं लगता है नई बहू रोटी बना रही हो,बना तो रोटी रही है पर,चूड़ी खनका ऐसे रही है कि वह कविता बन जा रही है पुराने हिंदी गीत चंदन सा बदन चंचल चितवन का चित्रण केनवास पर होता हुआ दिख रहा है..,
चुरु राजस्थान में पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर हुए हवाई हमले के बाद मोदी ने एक कविता गढ़ी और मंच से पढ़ी कि-
सौगंध है मुझे
मिट्टी की,मैं
देश नहीं
मिटनें दंगा..,
इस पर लिखना होगा कि ऐसा सौगंध डोली में बैठने के बाद नई नवेली बहू रानी भी खाती है के डोली उठने के बाद अब,अर्थी ससुराल से ही उठेगी..,
ख़ैर,हमले के फ़ौरन बाद ३०० आतंकियों के मारे जाने की ख़बर आ गई जबकि तब तक न तो रेड क्रॉस सोसायटी ने इसकी पुष्टि की थी और नही किसी अन्तर्राष्ट्रीय एजेंसी ने कोई आँकड़े जारी किये थे..,
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवहरिक नहीं है कि सरकारी पुष्टि के पूर्व ही बता दिया जाये कि ३०० आतंकी मारे गये,इस मामले में कुछ परिपक्वता दिखानी चाहिये थी और यह कहा जाना बेहतर होता कि बड़ा नुक़सान किया गया है..,

मोदी की काव्य संस्कृति पर ग़ौर किया जाये तो वे आगे कहते हैं कि
मेरा वचन है
भारत माँ को
तेरा शीश नहीं
झुकनें दूँगा..,
आगे वे प्रचार की मुद्रा में आ जाते हैं और कह जाते हैं-
जाग रहा है
देश मेरा
हर भारत
वासी जीतेगा..,
मतलब साफ़ है कि चौकीदार जगा रहा है और देश जाग रहा है..? आत्मप्रशंसा का यह बोध प्रधानमंत्री के पद पर बैठे हुए व्यक्ति को शोभा दे या न दे पर,अतिरंजना राष्ट्र की गरिमा को ठेस पहुँचाता ज़रूर है..,जिस पर लिखना होगा कि-
अहबाब को दे
रहा हूँ धोका
चेहरे पर ख़ुशी
सज़ा रहा हूँ..!!!

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