• पत्थलगांव से युवा कावरियों का पहला जत्था हुआ देवघर रवाना
  • विधायक डॉ. विनय की पहल लाई रंग, ओलावृष्टि से नुकसान हुए किसानों को मिला मुआवजा राशि
  • नागपुर हाल्ट से चिरमिरी के बीच नई रेल लाईन का कार्य शीघ्र प्रारम्भ कराने हेतु राज्य की 50% राशि के आबंटन हेतु महापौर ने विधानसभा अध्यक्ष को सौपा पत्र
  • एक ही कक्ष में पढ़ रहे पहली से पांचवीं तक के बच्चे,,,,हाय ये कैसा विकास-विस्तार से जानने के लिए पढ़ें-Aajkadinnews.com
  • वर्षों पुराने वृक्ष एन.एच.43 के किनारे के काटे और लगाया रिजर्व फारेस्ट तपकरा में
  • नितिन भंसाली ने सुपर 30 फ़िल्म को छत्तीसगढ़ के सिनेमाघरों में टैक्स फ्री किये जाने का मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से अनुरोध किया
  • के बी पटेल नर्सिंग कॉलेज
  • nasir
  • halim
  • pawan
  • add hiru collage
  • add sarhul sarjiyus
  • add safdar hansraj
  • add harish u.d.
  • add education 01

राज्य सरकार के पहले बजट में शिक्षाकर्मियों के लिए कुछ नही, शिक्षाकर्मियों की उम्मीदें टूटी, वीरेंद्र दुबे बोले- शिक्षाकर्मियों के लिए निराशाजनक रहा बजट, सरकार ने शिक्षाकर्मियों को ठगा, शिक्षाकर्मी हताश व निराश

राज्य सरकार के पहले बजट में शिक्षाकर्मियों के लिए कुछ नही, शिक्षाकर्मियों की उम्मीदें टूटी, वीरेंद्र दुबे बोले- शिक्षाकर्मियों के लिए निराशाजनक रहा बजट, सरकार ने शिक्षाकर्मियों को ठगा, शिक्षाकर्मी हताश व निराश

रायपुर- संविलियन सहित अन्य मांगों के पूरा होने का इंतज़ार कर रहे प्रदेश के हजारों शिक्षाकर्मियों को निराश हाथ लगी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को पहला बजट पेश किया। लेकिन इस बजट में शिक्षाकर्मियों की संविलियन सहित अन्य मांगों का कोई जिक्र नहीं किया गया है। शालेय शिक्षाकर्मी संघ ने प्रदेश सरकार के पहले बजट को शिक्षाकर्मियों के लिए निराशाजनक बताया है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने कहा कि प्रदेश के हज़ारों शिक्षाकर्मी बजट का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे। उन्हें उम्मीद थी कि बजट में उनके लिए प्रवधान किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि चुनाव से पहले संविलियन सहित अन्य कुछ मांगों को पूरा करने का वादा कांग्रेस ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में भी किया था। जिस पर अब तक कोई अमल नही हो पाया है। वर्तमान बजट में भी कुछ नही किया गया है। जबकि इस बजट से शिक्षाकर्मियों को काफी उम्मीदें थी। इससे प्रदेश के शिक्षाकर्मी निराश व हताश हो गए हैं। शिक्षाकर्मियों में आक्रोश पनप रहा है।
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी व प्रदेश महासचिव धर्मेश शर्मा ने कहा कि पहले की सरकार ने संविलियन के लिए 8 साल की सेवा अनिवार्य कर दी थी। जिसका शिक्षाकर्मियों ने तीखा विरोध जताया था।
नई सरकार बनने के बाद से ही शालेय शिक्षाकर्मी संघ द्वारा सरकार से लगातार संविलियन के लिए वर्ष बंधन समाप्त करते हुए समस्त शिक्षाकर्मियों का संविलियन करने की मांग करते आ रहे थे। पिछले दिनों शालेय शिक्षाकर्मी संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे सहित अन्य संघ के प्रदेश अध्यक्षों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर संविलियन सहित अन्य प्रमुख मांगों को प्रमुखता से रखा था। मुख्यमंत्री ने शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन भी दिया था। लेकिन बजट में कुछ भी नही किया गया।
प्रदेश प्रवक्ता गजराज सिंह राजपूत ने कहा कि शिक्षक/शिक्षाकर्मियों की प्रमुख मांग समस्त शिक्षाकर्मियों का संविलियन, क्रमोन्नति, अनुकंपा नियुक्ति, पुरानी पेंशन बहाली, पदोन्नति, स्थानांतरण, वेतन विसंगति दूर करना आदि है। इसमें से कुछ मांगों को कांग्रेस पार्टी ने अपने चुनाव जन घोषणा पत्र में शामिल भी किया था। लेकिन इनमें से किसी भी मांग पर अब तक सरकार द्वारा कोई निर्णय नही लिया गया है। जिससे प्रदेश के शिक्षाकर्मी ठगा सा महसूस कर रहे हैं।

About VIDYANAND THAKUR

Leave a reply translated

  • के बी पटेल नर्सिंग कॉलेज
  • Samwad 04
  • samwad 03
  • samwad 02
  • samwad 01
  • education 04
  • education 03
  • education 02
  • add seven