• स्नेहा तुम्हारी जाति क्या है? पहली बार देश में ये माना गया है कि कोई व्यक्ति जाति और धर्मविहीन हो सकता है. सरकार ने इसका सर्टिफिकेट जारी किया है. ये एक बड़ी सामाजिक क्रांति की शुरुआत हो सकती है
  • कलेक्टर से निगम समस्या को लेकर भाजपा पार्षद दल ने की मुलाकात
  • News
  • खाद्य, नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण, आवास एवं पर्यावरण, परिवहन एवं वन विभाग के लिए 4469 करोड़ 54 लाख 45 हजार रूपए की अनुदान मांगें ध्वनि मत से पारित
  • आरटीआई कार्यकर्ता राजकुमार मिश्रा को प्रदेश के उच्च व निम्न न्यायिक अधिकारियों के विरुद्ध लंबित विभागीय जांच की जानकारी 30 दिनों के भीतर देने का आदेश
  • जशपुर के पर्यटन एवम पुरातात्विक स्थलों के बारे में प्रदेश में आवाज़ उठाई विधायक यूडी मिंज ने

यह हैं सिंघम पटवारी बेधड़क कहते हैं कि मैं काम करने के पैसे लेता हूँ

मुकेश लहरे

खरसिया। पटवारियों के मनमानी रवैये से हर कोई वाकिफ है। ऐसा नहीं कि इनके भ्रष्ट आचरण आरोप मात्र हों, खरसिया ब्लॉक के सिंघम पटवारी जीएस राठिया ने बाकायदा इस बात पर मुहर भी लगा दी है कि वे अपने कार्य के बदले सेवा शुल्क भी लेते हैं ! जी हां ! इन्होनें कैमरे से रूबरू होकर बेधड़क इस बात को स्वीकार किया है।

प्रहलाद ओड ने हल्का नंबर 20 के पटवारी जीएस राठिया से परेशान होकर अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि एक छोटी सी जमीन की ऋण-पुस्तिका प्रमाणीकरण एवं ऑनलाइन दुरुस्तीकरण के लिए उन्होंने पटवारी को नवरात्रि से पहले ही सेवा-शुल्क अदा कर दिया था, परंतु अब तक उनका कार्य पूर्ण नहीं हो पाया। जब भी पटवारी राठिया से फोन पर बात की गई, हर बार बहाने ही बताए गए। हद तो तब हो गई जब इतने लंबे समय में भी जब कार्य नहीं हो पाया तो पहलाद ओड ने दिए गए पैसे वापस मांगे। फिर तो पटवारी ने कहा कि आपके सारे कागजात फाड़ कर फेंक किए जाएंगे !

इन बातों की सत्यता के लिए जब पटवारी को फोन किया गया तो उन्होंने रिसीव नहीं किया। ऐसे में जीएस राठिया के निवास स्थान ग्राम बांसमुड़ा में पहुंचकर उनसे इन सब बातों का स्पष्टीकरण चाहा गया। आपको जानकर विश्वास नहीं होगा कि कैमरे के सामने ही पटवारी जीएस राठिया ने ना सिर्फ प्रहलाद ओड से पैसे लेने की बात स्वीकार की है, वरन् उन्होंने बेखौफ होकर यह भी कहा कि सभी से पैसे लिए जाते हैं ! जब यह पूछा गया कि क्या यह पैसे सरकारी खजाने में जमा करने का प्रावधान है ? तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि नहीं यह काम करने के बदले सेवा शुल्क के रूप में लिया जाता है।

इस मामले की कोई जानकारी नहीं है, मैं पटवारी से बात करूंगी।
-अवंती गुप्ता
तहसीलदार खरसिया

-अवंती गुप्ता
तहसीलदार खरसिया

About VIDYANAND THAKUR

Leave a reply translated

Your email address will not be published. Required fields are marked *