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चिरमिरी जल आवर्धन योजना फर्जी, बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने के लिए बनायी गई योजना- रामानुज अग्रवाल

चिरमिरी जल आवर्धन योजना फर्जी, बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने के लिए बनायी गई योजना- रामानुज अग्रवाल

अफसर अली

योजना को पास कराने के लिए जल संसाधन विभाग ने शासन को दिया जनसंख्या का फर्जी आंकड़ा

मात्र 3 करोड़ खर्च कर चिरमिरी के हर व्यक्ति को दिया जा सकता है प्रतिदिन 125 लीटर पानी,

इओडब्यू से करेंगे जांच की मांग- अग्रवाल

चिरमिरी । मनेंद्रगढ़ नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष व एनसीपी नेता रामानुज अग्रवाल ने डोमनहिल जेट होस्टल में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में राज्य सरकार द्वारा चिरमिरी के लोगो को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 40 करोड़ रुपये की लागत से बनाये जा रहे चिरमिरी जल आवर्धन योजना को फर्जी योजना बताते हुए कहा कि जल संसाधन विभाग द्वारा यह योजना मात्र कुछ लोगो को आर्थिक लाभ पहुचाने के लिए बनाकर स्वीकृत कराया गया है । इस योजना के पूरा होने के बाद भी चिरमिरी की आम जनता को इसका कोई लाभ नही मिलेगा । लेकिन जल संसाधन विभाग के कुछ अधिकारी और ठेकेदार जरूर मालामाल हो जाएंगे

श्री अग्रवाल ने पत्रकार वार्ता में दावा करते हुए कहा कि चिरमिरी की वर्तमान जनसंख्या जो कि लगभग 84 हजार है, को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आरुणि डेम में पर्याप्त पानी है । यदि उनके निर्देशानुसार सरकार मात्र 3 करोड़ रुपये खर्च करे तो चिरमिरी के हर व्यक्ति को प्रतिदिन 125 लीटर पानी बहुत ही आसानी से उपलब्ध हो जाएगा ।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए रामानुज अग्रवाल ने आगे कहा कि इस योजना को पास कराने के लिए भी जल संसाधन विभाग ने कई गलत तथ्यों को शासन के सामने रखकर गुमराह किया है । चिरमिरी नगर पालिक निगम क्षेत्र की जनसंख्या वर्ष 2001 की जनगणना में 96 हजार 181 थी जो कि चिरमिरी की बंद होती खदानों, रिटायरमेंट के बाद लोगो के पलायन व नए रोजगार उपलब्ध नही होने के कारण होने वाले पलायन के कारण वर्ष 2011 की जनगणना में घटकर 85 हजार 317 हो गई । इस आबादी के पेयजल सप्लाई के लिए आरुणि बांध में पर्याप्त पानी है व फिल्टर प्लांट में 12.5 मिलियन लीटर प्रतिघंटा जल शोधन करने की क्षमता है जो पर्याप्त है । लेकिन जल संसाधन विभाग ने इस योजना को पास कराने के लिए फर्जीवाड़ा करते हुए ज्योमैट्रिकल प्रोग्रेसन मैथड का प्रयोग कर वर्ष 2013 में चिरमिरी की जनसंख्या 1 लाख 18 हजार 129 बता दिया जो कि चिरमिरी की वर्तमान जनसंख्या से 33 हजार ज्यादा है । यही नही बल्कि चिरमिरी की घटती आबादी के बावजूद जल संसाधन विभाग ने इसी मैथड का प्रयोग करते हुए वर्ष 2028 में चिरमिरी की आबादी 1 लाख 41 हजार 864 व वर्ष 2043 में 1 लाख 70 हजार 368 होना बताया है जो पूरी तरह से फर्जी व भ्रामक है । इसके साथ ही इस योजना को पास कराने के लिए जल संसाधन विभाग ने शासन को यह जानकारी दी कि आरुणि डेम से इंटकवेल तक ग्रामीणों ने खुद के डेम बना लिए है जिससे पूरा पानी इंटकवेल तक नही पहुँच रहा है । यह जानकारी भी पूरी तरह से गलत है । सरभोका ग्राम पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती कलावती सिंह व सचिव प्रमोद कुमार सिंह ने इसका लिखित में खंडन किया है ।
श्री अग्रवाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब आरुणि डेम में पहले से एनिकट और इंटकवेल बना हुआ है, इंटकवेल में चिरमिरी नगर पालिक क्षेत्र को पर्याप्त मात्रा में पानी देने के लिए मोटर व शोधन सयंत्र लगा हुआ है, आरुणि डेम में पर्याप्त पानी उपलब्ध है, इंटकवेल में प्रतिदिन चिरमिरी के जरूरत का पानी शोधन भी हो रहा है, चिरमिरी नगर पालिक निगम के पास अपना ओव्हरहेड टैंक और पानी सप्लाई सिस्टम है, एसईसीएल के पास अपना पानी टंकी और सप्लाई सिस्टम है, फिर सरभोका से 8 किलोमीटर दूर हसदो नदी में नया एनिकट व इंटकवेल बनाने व रेलवे लाइन क्रॉस कर नया पाइप लाइन बिछाने की जरूरत क्यों पड़ गई ?
श्री अग्रवाल ने चिरमिरी जल आवर्धन योजना को फर्जी योजना करार देते हुए कहा कि पूरी तरह से गलत तथ्यों के आधार पर पास कराई गई यह योजना केवल कुछ अधिकारियों व ठेकेदारो को मालामाल करने के लिए बनाई गई है । प्रारम्भ में इस योजना की लागत 29 करोड़ थी जो अब बढ़कर 40 करोड़ तक पहुँच गई है व इसके और बढ़ने की संभावना है ।
मनेंद्रगढ़ के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष व एनसीपी नेता रामानुज अग्रवाल ने कहा कि वे इस मामले को लेकर ईओडब्लू के पास जाएंगे व पूरे मामले की जांच की मांग करेंगे ताकि इस बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हो और इसमें शामिल लोग जेल की हवा खा सके ।
पत्रकार वार्ता के दौरान मनेंद्रगढ़ नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष व एनसीपी नेता रामानुज अग्रवाल के साथ युवा नेता सोमनाथ दत्ता व अमरजीत पटेल भी उपस्थित रहे ।

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