• युवा कलेक्टर जशपुर की प्रेरणा से कुरकुंगा के युवा कर रहे नॉकआउट फुटबाल का आयोजन दर्शकों से खचाखच भरा रहता है मैदान
  • श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि
  • *स्वतंत्रता दिवस पर शहीद पुलिस कर्मचारी प्रधान आरक्षक ओबेदान को थाना कांसाबेल द्वारा दी गई श्रद्धांजलि…पढ़िए पूरी खबर*
  • बहनों ने भाइयों के कलाई में बांधे रक्षा के सूत्र ,मुँह मीठा कराकर लंबी उम्र की भी कामना की…पढिये पूरी खबर।
  • पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय ने बंदरचुआं के हाइस्कूल में किया ध्वजारोहण….. बच्चों द्वारा दी गयी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति…… पढिये पूरी खबर।
  • पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय ने बंदरचुआं के हाइस्कूल में किया ध्वजारोहण….. बच्चों द्वारा दी गयी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति…… पढिये पूरी खबर।
  • rampukar mantri
  • hiru kisan congress
  • के बी पटेल नर्सिंग कॉलेज
  • add education 01

अब बच्चे नहीं होंगे फेल! संसद से मिली संशोधन विधेयक को मंजूरी

नई दिल्ली -राज्यसभा ने आठवीं कक्षा तक फेल नहीं करने की नीति में संशोधन वाले विधेयक को मंजूरी प्रदान कर दी। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने उच्च सदन में निरूशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (संशोधन) विधेयक, 2018 पर चर्चा के जवाब में कहा कि यह राज्यों को तय करना है कि वे नयी व्यवस्था अपनाते हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में अनुत्तीर्ण होने की स्थिति में बच्चों को उसी कक्षा में रोकने या नहीं रोकने का अधिकार राज्यों के पास होगा।
उनके जवाब के बाद सदन ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। वाम दलों के सदस्यों ने विधेयक का विरोध करते हुए सदन से वाकआउट किया। लोकसभा इस विधेयक को पहले ही पारित कर चुकी है। विधेयक की जरूरत की चर्चा करते हुए जावडेकर ने कहा कि अक्सर कहा जाता है कि पांचवीं कक्षा के छात्रों को तीसरी कक्षा का गणित भी नहीं आता। ऐसे में व्यवस्था में बदलाव की बात की जा रही थी। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों की बैठक में भी यह बदलाव किए जाने की बात की गयी थी। उन्होंने कहा कि स्थायी समिति में भी इस बात पर एकराय थी। उन्होंने कहा कि कोई बोर्ड परीक्षा नहीं होगी बल्कि स्कूलों में ही परीक्षा होगी। उन्होंने कहा कि पीछे रह जाने वाले छात्रों को दो महीने बाद एक और मौका भी दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में आठवीं कक्षा तक बच्चों के स्कूल छोडऩे की दरें कम हैं लेकिन नौवीं और दसवीं कक्षा में स्कूल छोडऩे की दरें काफी बढ़ जाती हैं। इससे पहले विधेयक पर हुयी चर्चा में कई सदस्यों ने सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार की जरूरत पर बल दिया वहीं कई सदस्यों ने आशंका जतायी कि विधेयक के प्रावधान लागू होने पर स्कूल छोडऩे वाले बच्चों की संख्या बढ़ेगी। कई सदस्यों ने कहा कि परीक्षा में पास होने की जिम्मेदारी बच्चों पर नहीं डाली जानी चाहिए। कई सदस्यों ने बजट में शिक्षा पर होने वाले खर्च में वृद्धि का सुझाव दिया। भाकपा के डी राजा ने इस विधेयक को व्यापक चर्चा के लिए प्रवर समिति में भेजे जाने का सुझाव दिया। राजद के मनोज कुमार झा ने भी विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि प्रणाली की नाकामयाबी का ठीकरा बच्चों पर फोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में आधारभूत ढांचे का अभाव है और शिक्षकों के लाखों पद खाली हैं। माकपा सदस्य के के रागेश ने कहा कि सरकारी पुरानी व्यवस्था फिर से लागू करना चाहती है। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा में समस्या है लेकिन उसका निदान यह नहीं है।

About VIDYANAND THAKUR

Leave a reply translated

  • rampukar mantri
  • hiru kisan congress
  • के बी पटेल नर्सिंग कॉलेज
  • Samwad 04
  • samwad 03
  • add seven