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लोकसभा चुनाव से पहले सोनिया, राहुल को घेरने की कोशिश

लोकसभा चुनाव से पहले सोनिया, राहुल को घेरने की कोशिश

अगुस्टा डील पर शिवसेना के बोल
मुंबई – शिवसेना ने बुधवार को आरोप लगाया कि अगुस्टा वेस्टलैंड मामले में कथित बिचौलिए क्रिश्चन मिशेल के दावे के आधार पर आगामी लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी को घेरने की कोशिश की जा रही है। केंद्र और महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है।
अगुस्टा वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर मामले की सुनवाई कर रही दिल्ली की एक अदालत ने पिछले सप्ताह प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में मिशेल को अपने वकील से मिलने पर रोक लगा दी थी। अदालत ने यह कदम तब उठाया जब एजेंसी ने कहा कि मिशेल कानूनी सुविधा का दुरुपयोग करते हुए वकीलों को चिट दे रहा है और ‘श्रीमती गांधी’ से संबंधित प्रश्नों से निपटने के बारे में राय मांग रहा है। मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय कर रहा है। उसने मिशेल की हिरासत अवधि बढ़ाने की मांग करते हुए दिए गए अपने आवेदन में यह भी दावा किया था कि मिशेल ने पूछताछ के दौरान ‘एक इतालवी महिला के पुत्र’ के बारे में बताया और यह भी कहा कि किस तरह वह देश का अगला प्रधानमंत्री बनने जा रहा है।

मिशेल के प्रत्यर्पण के वक्त चुनावों में परेशान थी बीजेपी
शिवसेना ने अपने आरोप में कहा, जब मिशेल का दुबई से प्रत्यर्पण हुआ था, उस वक्त पांच राज्यों में चुनाव प्रचार चल रहा था और बीजेपी खुद ही परेशान थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ चुनावी रैलियों में इस बिचौलिए का जिक्र किया था और दावा किया था कि कुछ धमाकेदार खुलासे होंगे और वह किसी को भी नहीं बख्शेंगे। अब हमें समझ आ रहा है कि उनका इशारा किस ओर था।’
उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली पार्टी ने कहा, मिशेल के खिलाफ जांच शुरू होने से पहले ही मोदी का गांधी परिवार की ओर संकेत करना हास्यास्पद है और इससे स्पष्ट है कि जांच की दिशा क्या है। बीजेपी मिशेल के प्रत्यर्पण के बावजूद हार गई। यह कहा जा सकता है कि मिशन मिशेल का उद्देश्य 2019 है।’ संपादकीय में कहा गया है,‘सरकारी तंत्र दो चार लोगों के अधीन है और राजनीतिक विरोधियों को ठिकाने लगाने के लिए इसका दुरुपयोग किया जा रहा है।

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