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क्लोनिग कर एटीएम से लाखों रूपये निकालने वाले गिरोह का पर्दाफाश

क्लोनिग कर एटीएम से लाखों रूपये निकालने वाले गिरोह का पर्दाफाश

तीन लाख की नगदी मिली


देहरादून-पुलिस को एटीएम से पैसा निकालने के मामले में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एटीएम की क्लोनिंग करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कम्प्यूटर उपकरण, स्कीमर, सी0सी0टी0वी0 कैमरा, वायरलैस रिसीवर एवं क्लोनिंग ए0टी0एम0 कार्ड व नगदी के साथ 02 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने जानकारी देते हुए बताया कि 15 दिसम्बर को थाना नेहरू कालोनी में नरेन्द्र राणा, शाखा प्रबन्धक इण्डियन ओवरसीज बैंक नत्थनपुर, जोगीवाला द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गयी थी कि दिनांक 08/09.12.2018 की रात्रि को 02 अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उनके ए0टी0एम0 मशीन मे स्कीमर, कैमरा लगाया गया व उक्त स्कीमर के माध्यम से 65 लोगो के ए0टी0एम0 क्लोन बनाये गये तथा 10 दिसम्बर से 15.दिसम्बर तक उनके खातो से रूपये निकाले जा रहे है। उक्त सूचना के आधार पर तत्काल अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखते हुये थाना नेहरू कालोनी पर अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत किया गया। अपराध की गंभीरता को देखते हुये एक टीम गठित कर घटना के सफल अनावरण हेतु निर्देशित किया गया। इस दौरान टीम ने सी0सी0टी0वी0 कैमरों को चैक करने, खाता धारकों की बैंक डिटेल व पूर्व में गिरफ्तार ए0टी0एम0 क्लोनिंग वालों से पूछताछ करने हेतु टीम रवाना किया गया। जिन खाताधारकों के ए0टी0एम0 क्लोन हुये है, उनकी बैंक डिटेल प्राप्त कर विभिन्न बैंकों के ए0टी0एम0 मशीनों के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की गई व जिन जिन ए0टी0एम0 मशीन पर अभियुक्तों द्वारा क्लोन ए0टी0एम0 कार्डों का प्रयोग किया गया है उन ए0टी0एम मशीनों पर लगे इंटरनल व आउटर कैमरों की फुटेज प्राप्त की गई।

पुलिस टीम द्वारा जनपद देहरादून के लगभग 100 से 120 ए0टी0एम0 कैमरो की सी0सी0टी0वी0 फुटेज चैक करने के उपरान्त एक संदिग्ध आई-10 कार लाल रंग की दिखाई दी थी। परन्तु उक्त कार के नम्बर को भी अभियुक्तों द्वारा शातिराने तरीके से छिपाया हुआ था। क्षेत्राधिकारी डालनवाला महोदय द्वारा उक्त लाल रंग की संदिग्ध कार की तलाश हेतु सी0सी0टी0वी0 फुटेज के माध्यम से टीमों को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान व उत्तर प्रदेश रवाना किया गया।
अभियुक्तों द्वारा क्लोन ए0टी0एम0 कार्ड का प्रयोग विभिन्न ए0टी0एम0 में किया गया था, जिस कारण जी0एम0एस0 रोड के आन्ध्रा बैंक के ए0टी0एम0 पर आई-10 कार लाल रंग के कुछ नम्बर प्रदर्शित हुये। उक्त नम्बर को विभिन्न साईटिफिक टूल के माध्यम से नम्बर को साफ करने का प्रयास किया गया। साईटिफिक टूल के माध्यम से जो भी नम्बर प्राप्त हुये उनका सत्यापन अलग अलग राज्यों में जाकर किया गया तो पाया कि एक लाल रंग की आई-10 कार देहरादून के नम्बर की है, उक्त कार के सम्बन्ध में जानकारी की गई तो उस कार का मालिक सोमेश कक्कड, निवासी मोहित नगर जी0एम0एस0 रोड होना पाया गया। चुंकि क्लोन ए0टी0एम0 से निकासी अधिक संख्या में जी0एम0एस0 रोड वाले क्षेत्र से हुई है इसलिये इस कार का घटना में प्रयोग होने की संभावना अधिक थी। पुलिस टीम द्वारा उक्त कार मालिक के घर पर जाकर पूछताछ करने के प्रयास किये गये तो पता चला कि सोमेश कक्कड़ किराये के मकान पर रहता था व 02-03 दिन पहले ही अपने परिवार के साथ कही चला गया है।

सी0सी0टी0वी0 से प्राप्त फुटेज के माध्यम से आस पास के लोगों ने अभियुक्त की शिनाख्त की गई। सोमेश कक्कड के मकान मालिक पी0के0 मैनी जो पूणे में रहते है, से पूछताछ कर पता चला कि वह अपने परिवार के साथ पिछले 03 साल से देहरादून में उनके घर पर किराये पर रह रहा है। श्री पी0के0 मैनी से सोमेश के मूल पते की जानकारी की गई तो ज्ञात हुआ कि वह आगरा का रहने वाला है। पुलिस टीम द्वारा गोपनीय रूप से आगरा जाकर पता किया तो ज्ञात हुआ कि वह पहले भी जयपुर से ए0टी0एम0 क्लोनिंग के मामले मे जेल गया था। यह भी ज्ञात हुआ कि इस दौरान उसका मित्र अजय त्यागी पुत्र अमर सिंह निवासी डिफेंन्स कालोनी आगरा भी सोमेश के पास देहरादून गया था। ए0टी0एम0 से प्राप्त फुटेज मे दूसरे अभियुक्त की पहचान स्थानीय लोगो द्वारा अजय त्यागी के रूप में की गई। दोनों अभियुक्तों की तलाश में टीमें दिल्ली, सहारनपुर, आगरा आदि स्थानों को रवाना हुई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम द्वारा दोनों अभियुक्तों को मोहित नगर, जी0एम0एस0 रोड स्थित घर से घटना से सम्बन्धित सामान के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में इन्होंने बताय कि घटना के बाद सामाचार पत्रों में लाल कार व संदिग्ध की फोटोग्राफ छपने के बाद सतर्क हो गये थे और भागकर दिल्ली, रूडक़ी, सहारनपुर, आगरा, पूणे आदि स्थानों में रह रहे थे। जब उनको जानकारी हुयी कि पुलिस टीम उनकी तलाश में हरियाणा, दिल्ली आदि गई हुई हैं तो आज यह लोग मकान से क्लोनिंग के उपकरण आदि लेकर भागने वाले थे। पूछताछ में इन्होंने अपने नाम सोमेश ककक्ड पुत्र प्रवेश कक्कड़ निवासी बार्लोगज आगरा उ0प्र0 हाल मोहित नगर, देहादून व अजय त्यागी पुत्र अमर सिंह त्यागी निवासी डिफेन्स कालोनी, आगरा, उ0प्र0 बताया।

एसएसपी ने बताया कि दोनों अभियुक्तगण पढ़े लिखे है। अभियुक्त सोमेश की मां महिला रोग विशेषज्ञ चिकित्सक है तथा अभियुक्त बिल्डिग़ डिजाईनिग का कम्प्यूटर में काम करता है। जबकि अभियुक्त अजय त्यागी आगरा में फतेहबाद रोड़ पर मास्टर सैफ नाम से अपना रेस्टोरेन्ट चलाता है। अभियुक्त सोमेश पूर्व मे हैदाराबाद स्थित अपने आर्केटेक्ट चाचा के लिये देहरादून में रहकर बिल्डिग़ डिजाईनिंग करता था। चाचा की मृत्यु के बाद काम न मिलने के कारण उसने अपने साथी अजय त्यागी को देहरादून बुलाया तथा ए0टी0एम0 क्लोनिंग के जरिये पैसा कमाने का शार्टकट तरीका अपनाने की योजना बनाई। सोमेश द्वारा इंटरनेट के माध्यम से स्कीमर तथा पिन होल कैमरा व अन्य डिवाईस आदि मंगवाई जिसके लिये उसे अजय त्यागी द्वारा पैसे दिये गये। सामान आने के बाद सोमेश द्वारा देहरादून के एकान्त ईलाकों को बिना गार्ड वाले ए0टी.0एम0 चिन्हित किये और अजय त्यगी को आगरा से बुलाया। अजय आठ दिसम्बर को हवाई जहाज से देहरादून आया और होटल में रूका। रात्रि को दोनों लोग पूर्व से ही चिन्हित इण्डियन ओवसीज बैंक के नत्थनपुर ए0टी0एम0 में गये और स्कीमिंग डिवाईस लगायी, अगले दिन देर रात्रि अभियुक्तों ने डिवाईस निकालर सोमेश के घर जाकर 65 क्लोन कार्ड तैयार किये गये। उनके द्वारा अगले दिन से देहरादून, हरिद्वार जाकर विभिन्न खातों से क्लोन ए0टी0एम0 कार्ड के माध्यम से पैसे निकालने शुरू किये गये। ऐसे खाते जिनमें पैसे कम थे उनको इनके द्वारा नहीं छेड़ा गया ऐसे खातों को यह लोग अगले महीने पैसा आने पर खाली करने की योजना बना रहे थे। अभियुक्तों द्वारा अब तक 4 लाख 66 हजार रूपये निकाले जा चुके है जिनमें से नेहरू कालोनी पर ही अब तक 15 मामले आ चुके है। इन्होंने बताय कि इनके द्वारा इसके बाद भी देहरादून के काफी चिन्हित ए0टी0एम0 से डाटा चुराकर क्लोनिंग की योजना थी। पुलिस ने इनके पास से एक कम्प्यूटर मोनिटर, ए0टी0एम0 क्लोनिंग के उपकरण जिनमें कार्ड रीडर, टांर्समीटर, बैटरी, स्कीमर, पिन होल कैमरा, टेप, मोल्डिग ब्लाक, 54 ए0टी0एम0 क्लोन कार्ड, अभियुक्त सोमेश के कब्जे से 175000/-रूपये तथा अभियुक्त अजय त्यागी के कब्जे से 130000/-रूपये कुल रूपये- 3 लाख 05 हजार रूपये, घटना में प्रयुक्त लाल रांग की आई-10 कार नम्बर यू0के007 वाई 5556 आदि सामान बरामद किया है।

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